AIRTEL में फाइनेंशियल स्ट्रेस, 77% गिरा मुनाफा, कर्ज चुकाने में दिक्कत

Wednesday, November 1, 2017

नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों ने भारती एयरटेल के मालिक सुनील मित्तल तनाव में दिख रहे थे। तनाव का स्तर यह था कि उन्होंने वित्तमंत्री अरुण जेटली के सामने सरकार की खामियां तक गिना दीं थीं। अब समझ आया कि मित्तल के दिमाग में उठ रहे तूफान का केंद्र कहां है। दरअसल, लगातार 6ठीं तिमाही में एयरटेल का मुनाफा घटता हुआ दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्ट में एयरटेल के मुनाफे में 77 प्रतिशत की गिरावट आई है। वर्षों से मोटा मुनाफा कमा रही एयरटेल को रिलायंस जियो के कारण यह दिन देखने पड़ रहे हैं। 

कर्ज चुकाने में दिक्कत हो रही है 
एयरटेल के एमडी और सीईओ, इंडिया एंड साउथ एशिया, गोपाल विट्टल ने भी मंगलवार को एक बयान में इंडस्ट्री की वित्तीय मुश्किलों का जिक्र किया। टेलिकॉम उद्योग पर करीब 5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। प्राइस वॉर की वजह से कंपनियों की आमदनी और मुनाफे में भारी गिरावट आई है और इस वजह से उन्हें कर्ज चुकाने में दिक्कत हो रही है। विट्टल ने कहा कि अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में हालात और बुरे हो सकते हैं क्योंकि हाल में इंटरकनेक्ट चार्जेज (आईयूसी) में 57 पर्सेंट की कमी की गई है। ट्राई ने 1 अक्टूबर से आईयूसी को 14 पैसे प्रति मिनट से घटाकर 6 पैसे कर दिया था। 

2016 में 1461 करोड, 17 में 343 पर धड़ाम
सितंबर क्वॉर्टर में एयरटेल का प्रॉफिट 343 करोड़ रुपये रहा, जो साल भर पहले की इस तिमाही में 1,461 करोड़ था। नेटवर्क री-फार्मिंग और अपग्रेडेशन पर 145.5 करोड़ रुपये के वनटाइम खर्च की वजह से भी मुनाफा कम रहा। मार्केट के जानकारों ने मुनाफा 305.64 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। जून तिमाही में एयरटेल को 367 करोड़ का प्रॉफिट हुआ था। 

अफ्रीका का ग्राफ अच्छा परंतु कमाई कम 
एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले भारतीय बिजनेस से कंपनी को 121.4 करोड़ रुपये का लाभ हुआ, जबकि अफ्रीकी बिजनेस से यह 306.7 करोड़ रुपये रहा। इससे पता चलता है कि भारतीय बिजनस जहां मुश्किल में है, वहीं अफ्रीका में भारती के प्रदर्शन में सुधार आया है। अफ्रीका में कंपनी को 4.8 करोड़ डॉलर का मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल सितंबर क्वॉर्टर में उसे 9.1 करोड़ डॉलर का घाटा हुआ था। कंपनी की कंसॉलिडेटेड इनकम 12 पर्सेंट घटकर 21,777 करोड़ रुपये रह गई। जून तिमाही में कंपनी की आमदनी 21,958 करोड़ रुपये थी। एनालिस्टों का कहना है कि जून तिमाही की तुलना में सितंबर तिमाही में आमदनी में अधिक गिरावट नहीं आई है। इससे पता चलता है कि जियो की टैरिफ वॉर का असर कम हो रहा है। 

फाइनेंशियल स्ट्रेस से बचने गोलबंदी की कोशिश
भारत से कंपनी की आमदनी सितंबर तिमाही में 13 पर्सेंट कम हुई। कंपनी की कुल इनकम में भारत का योगदान 77 पर्सेंट है। विट्टल ने कहा, 'इंडस्ट्री पर फाइनेंशियल स्ट्रेस है। इसलिए आमदनी में दोहरे अंकों में गिरावट आ रही है। अगली तिमाही में आईयूसी की वजह से दबाव और बढ़ेगा।' उन्होंने कहा कि इससे हर कंपनी को कंसॉलिडेशन की राह पर बढ़ना पड़ेगा। कई कंपनियां बाहर हो जाएंगी, जैसा कि हाल में दिखा भी है। उन्होंने कहा कि एयरटेल इस माहौल में अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। 

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