पैराडाइज पेपर: सचिन पायलट और कार्ति चिदंबरम की पुरानी कंपनी भी लिस्ट में

Monday, November 6, 2017

नई दिल्ली। पैराडाइज पेपर ने सरकार समेत तमाम दिग्गजों की नींद उड़ा दीं है। जिनके नामों का खुलासा हुआ है वो तो परेशान हैं ही, वो लोग ज्यादा परेशान हैं, जिनके नाम अब तक सामने नहीं आए हैं। आईसीआईजे सं संपर्क साधने की ​कोशिश कर रहे हैं ताकि आने वाले खतरे को टाला जा सके। आईसीआईजे ने भी अपनी बेवसाइट पर भारत के सभी 714 नामों का खुलासा नहीं किया है। धीरे धीरे नाम सामने आ रहे हैं। अब तक मंत्री जयंत सिन्हा, सांसद आरके सिन्हा, अमिताभ बच्चन, संजयदत्त की पत्नी मान्यता इत्यादि के नाम सामने आ चुके हैं। अब बताया जा रहा है कि सचिन पायलट एवं कार्ति चिदंबरम की पुरानी कंपनी का नाम भी इस लिस्ट में दर्ज है। 

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने सोमवार को कहा कि पनामा दस्तावेजों की जांच कर रहा बहु-एजेंसी समूह (एमएजी) ताजा सामने आए पैराडाइज दस्तावेजों की जांच की निगरानी करेगा। बरमूडा की एक विधि सलाहकार कंपनी के कंप्यूटर रिकॉर्ड से उड़ाए गए इन दस्तावेजों में कई भारतीय इकाइयों और हस्तियों के विदेशों में निवेश का उल्लेख है।

पैराडाइज दस्तावेजों में 714 भारतीय व्यक्तियों और इकाइयों के नाम हैं। केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और अभिनेता अमिताभ बच्चन जैसे लोग शामिल हैं। सीबीडीटी ने कहा है कि देश भर में आयकर विभाग की जांच इकाइयों को इन सूचनाओं को लेकर सतर्क कर दिया गया है। प्रत्यक्ष कर व्यवस्था के इस शीर्ष निकाय ने कहा है कि उसकी विदेशी इकाइयां विदेशों में निवेश करने वाले कुछ मामलों की तेजी से जांच करने में पहले से ही लगी हैं।

जांच में CBDT, RBI और ED के अधिकारी शामिल
आयकर विभाग के नीति नियामक निकाय सीबीडीटी के बयान में कहा गया है , ‘‘जैसे ही आगे की सूचना आती है, कानून के मुताबिक उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।’’ बयान के अनुसार सरकार ने पैराडाइज पेपर्स के मामलों में जांच का निर्देश दिया है। इस पर नजर सीबीडीटी के चेयरमैन की अध्यक्षता वाला पुनर्गठित बहु एजेंसी समूह ( एमएजीत) करेगा। इसमें सीबीडीटी, प्रवर्तन निदेशालय, रिजर्व बैंक तथा वित्तीय खुफिया इकाई के प्रतिनिधि शामिल हैं।

पनामा दस्तावेज में शामिल लोगों की पहले से हो रही जांच 
पनामा दस्तावेज में आये भारतीयों के विदेशों में जमा धन की वैधता की जांच के लिये इस समूह एमएजी का गठन पिछले साल अप्रैल में किया गया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि समूह पैराडाइज पेपर्स में भारत के जिन 714 व्यक्तियों तथा इकाइयों के नाम आये हैं उनके आयकर रिटर्न के ब्योरे की जांच करेगा और उसके पश्चात जरूरत पड़ने पर उपयुक्त कार्रवाई करेगा।

पैराडाइज दस्तावेज का इन्होंने किया खुलासा
हालांकि सीबीडीटी ने कहा कि उसे अभी ताजा घोषणा के बारे में पूरा ब्योरा नहीं मिला है। अबतक मीडिया में कुछ भारतीय नागरिक और इकाइयों के नाम आये हैं। पैराडाइज दस्तावेज में व्यक्तियों तथा इकाइयों के विदेशों में संपत्ति का खुलासा किया गया है। इसका खुलासा इंडियन एक्सप्रेस में इंटरनेशनल कंसोर्टियम आफ इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) ने किया। हालांकि अबतक आईसीआईजे वेबसाइट ने भी सभी इकाइयों के नाम और ब्योरा जारी नहीं किया है।

दस्तावेज में 714 भारतीयों के नाम शामिल
दस्तावेज में 714 भारतीयों और इकाइयों के नाम हैं। पैराडाइज के कागजों में करीब 70 लाख कर्ज समझौते, वित्तीय ब्योरे, ई-मेल, ट्रस्ट के कागजात और अन्य दस्तावेज शामिल है। ये दस्तावेज करीब 50 साल के हैं और इसे प्रतिष्ठित विदेशी विधि कंपनी एप्पलबी से हासिल किया गया है। इसके कार्यालय बरमुडा और अन्य जगहों पर हैं।

इन महत्वपूर्ण हस्तियों के नाम हैं शामिल 
आईसीआईजे की मीडिया सहयोगी इंडिया एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पैराडाइज पेपर्स में जिन भारतीयों के नाम है, उसमें बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन, फरार व्यवसायी विजय माल्या, कंपनियों के लिये जन संपर्क का काम करने वाली नीरा राडिया, संजय दत्त की पत्नी मान्यता, केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा और राज्यसभा सदस्य आर के सिन्हा के नाम हैं। आईसीआईजे जांच को लेकर वैश्विक स्तर पर 95 मीडिया सहयोगियों के साथ काम करता है।

सबसे पहले किसे मिला था यह दस्तावेज
लीक दस्तावेज में छोटी, परिवार द्वारा संचालित ट्रस्ट कंपनी, एशिया सिटी (सिंगापुर) और 19 गोपनीय क्षेत्रों में पंजीकृत कंपनियों से ली गयी फाइलें शामिल हैं। आईसीआईजे का कहना है कि ये दस्तावेज जर्मनी के अखबार सुडुट्चे जितुंग ने प्राप्त किए थे ।

नाम आने का यह मतलब नहीं है कि कारोबार अवैध है
हालांकि इसमें साथ में सावधानी के रूप में यह भी कहा गया है कि विदेशों में कंपनियों और न्यासों का पंजीकरण वैध कार्यों के लिए भी कराया जाता है और पैराडाइज सूची में किसी नाम के आने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति या इकाई ने कानून का उल्लंघन ही किया है।

रिपोर्ट के अनुसार आंकड़ों में शामिल 180 देशों में नामों की संख्या के आधार पर भारत (714) 19वें स्थान पर है। नंद लाल खेमका द्वारा स्थापित सन ग्रुप का भी नाम इसमें शामिल हैं। जिन अन्य भारतीयों के नाम इसमें हैं, उसमें सन टीवी-एयरसेल-मैक्सिस मामला, एस्सार-लूप 2जी मामला, एसएनसी-लवालीन से जुड़े नाम शामिल हैं। एसएनसी- लवलीन मामले में केरल के माकपा नेता (केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री) पिनारायी विजयन का नाम भी चर्चा में आया था और अब वह इस मामले से बरी हो चुके हैं।

सचिन पायलट और कार्ति चिदंबरम का भी उल्लेख
इसके अलावा इसमें राजस्थान एम्बुलेंस घोटाले से जुड़ी कंपनी जीक्विस्टा हेल्थकेयर का भी उल्लेख है जिसमें शुरुआत में कांग्रेस नेता सचिन पायलट और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के पुत्र कार्ती चिदंबरम मानद (स्वतंत्र निदेशक) थे।

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