2017: कब मनाएं देव दीपावली और कार्तिक स्नान कब करें, कथा, मुहूर्त, तिथि

Wednesday, November 1, 2017

BHOPAL: हिंदू धर्म में कार्तिक माह का खास महत्व होता है. इस माह को सबसे पवित्र महीना माना जाता है. हिंदू धर्म में कार्तिक माह, कार्तिक व्रत, कार्तिक पूजा, कार्तिक स्नान का खास महत्व होता है. इस माह को हिंदू परंपरा के अनुसार बेहद पवित्र महीना भी माना जाता है. बता दें ये महीना शरद पूर्णिमा से शुरू होता है और कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु ने पहला अवतार लिया था. 

इस वर्ष कार्तिक स्नान 4 नवंबर को है. इस दिन लोग पूजा पूरे विधि विधान से की जाती है. श्रद्धालुओं के बीच मान्यता है कि ऐसा करने पाप धुल जाते हैं. कार्तिक माह की पूर्णिमा को देव दीपावली मनाई जाती है. ये पर्व दिवाली के 15 दिन बाद मनाया जाता है. वैसे तो ये त्योहार कई राज्यों में मनाया जाता है लेकिन इस उत्सव का सबसे ज्यादा महत्व और आनंद उत्तर प्रदेश के शहर बनारस में आता है. कहा जाता है इस दिन देवों के देव महादेव भोले नाथ ने सभी देवताओं को भयानक राक्षस त्रिपुरासुर का वध किया था. तभी सभी देवताओं ने भोलेनाथ को धन्यवाद दिया और खूब धूमधाम से देव दीपावली के रूप में मनाया.

कार्तिक स्नान का महत्व
कार्तिक मास में दान और स्नान का सर्वाधिक महत्व होता है. इस महीने महिलाएं सूर्योदय के पश्चात स्नान करने के बाद कीर्तन, दीपदान और तुलसी पूजा करती हैं. कहा जाता है कि कार्तिक महीने में स्नान करने का धार्मिक और शरीरिक महत्व होता है. इस माह में रोज पवित्र नदी, तालाब, कुंआ या घाट पर स्नान किया जाता है. ये स्नान पूरे माह चलता है और. धर्म शास्त्रों के अनुसार कलियुग में कार्तिक माह में किए गए स्नान से मोक्ष प्राप्ति मिलती है. इस दिन गंगा नहान का विशेष महत्व होता है. साथ ही दान भी दिया जाता है. देव दीपावली पर गंगा के किनारें सभी घाटों को लाखों दीपों से सजाया जाता है. वाराणसी के गिलहराज मंदिर को 35 हजार और सीताराम और आरती घाट पर 2100 दीपों से सजाया जाएगा. इस दिन देसी घी और तिल के तेल से दीप जलाना शुभ होती है.

कहा जाता है कि दीपक दान करते हुए दीप मुख पूर्व या पश्चिम की ओर रखा जाना चाहिए. साथ ही दीप दान करते हुए सर पर चुन्नरी या रूमाल अवश्य रखना चाहिए. अगर आप दो मुखी दीप दान करते है तो उससे आयु लंबी होती है. इसी तरह तीन मुखी दीप जलाने से दुश्मन की बुरी नजर घर पर नहीं पड़ती. ऐसे ही छह मुखी दीपक जलाने से घर में सुख शांति व संतान से जुड़ी समस्या को खत्म होता है. कार्तिक माह में दान का विशेष महत्व होता है. इस माह में गरीबों, दुर्लभों और ब्रह्राणों को दान किया जाता है. इस महीने में तुलसी दान, अन्न दान, अनाज दान, और आंवले दान  का महत्व होता है. माह भगवान विष्णु और कृष्ण की पूजा-अर्चना की जाती है.

देव दीपावली- 3 नवंबर-2017 को रात्रि में मनाएं
कार्तिक पूर्णिमा का स्नान 4 नवंबर-2017 को प्रात: 10.52 से पहले करें।
पूर्णिमा तिथि प्रांरभ- रात 01.46,  3 नवंबर 2017
पूर्णिमा तिथि समाप्त- सुबह 10.52, 4 नवंबर 2017 

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