रात 2 बजे 4 अरबपतियों की जमानत खारिज, 200 का वारंट जारी: VYAPAM SACM | MP NEWS

Friday, November 24, 2017

भोपाल। मध्यप्रदेश का व्यापमं घोटाला फिर से सुर्ख हो गया है। पीएमटी 2012 केस में सीबीआई ने पीपुल्स ग्रुप के चेयरमैन सुरेश एन. विजयवर्गीय, चिरायु कॉलेज एवं अस्पताल के डॉ. अजय गोयनका, एलएन मेडिकल के जयनारायण चौकसे और इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के सुरेश भदौरिया समेत 245 नए चेहरों को आरोपी बनाया है। उपरोक्त चारों करोड़पति कारोबारी हैं। राजनीति में इनकी पकड़ भी काफी मजबूत है। समंस जारी होते ही 20 दि​ग्गजों ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर दी थी जिस पर रात 2 बजे तक सुनवाई चली और रात 2:10 बजे सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सभी की जमानत खारिज कर दी। इससे पहले कोर्ट ने हाजिर 15 आरोपियों को जमानत दे दी थी। गैरहाजिर 200 के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया है। 

विदेश ना भाग जाएं इसलिए पासपोर्ट जमा
कोर्ट ने आरोपियों से 30 नवंबर तक पासपोर्ट भी जमा कराने को कहा है। कोर्ट ने कहा- "इनके इस कृत्य से कितने मेहनतकश स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ, इसकी कल्पना भी कोर्ट नहीं कर सकता।" इंडेक्स, पीपुल्स, चिरायु और एलएन मेडिकल कॉलेजों पर सरकारी कोटे की 160 सीटें करोड़ों रुपए में बेचने का आरोप है। स्टेट लेवल पर मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों के लिए होने जाने वाले जिस एग्जाम में पैसे लेकर सीटें बेचने का आरोप है, वह व्यावसायिक परिक्षा मंडल ने ऑर्गनाइज कराया गया था।

भोपाल में पहली बार रात 2:10 बजे तक खुली कोर्ट
बता दें कि भोपाल में पहली बार इतनी रात तक कोर्ट खुली। इससे पहले इसी साल 31 अक्टूबर को पीएमटी 2013 की सुनवाई के दौरान रात 9 बजे तक स्पेशल जज एससी उपाध्याय की अदालत खुली थी।

रात 12:30 बजे से खारिज होना शुरू हुईं अर्जियां
पीपुल्स ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुरेश एन विजयवर्गीय, उनके दामाद व पीपुल्स ग्रुप के डायरेक्टर कैप्टन अंबरीश शर्मा, मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अशोक नागनाथ, डॉ. विजय कुमार पांडे, चिरायु मेडिकल कॉलेज के अजय गोयनका, एलएएन मेडिकल कॉलेज मैनेजमेंट से जुड़े डॉ. डीके सत्पथी, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज के सुरेश सिंह भदौरिया, मेडिकल एजुकेशन के घोटाले के दौरान अफसर रहे एनएम श्रीवास्तव की अर्जी पर देर रात तक सुनवाई हुई। सभी की अर्जियां खारिज हो गईं।

इंडेक्स ने 97, बाकी 3 कॉलेजों ने 63 सीटें बेचीं
सीबीआई के स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सतीश दिनकर ने कोर्ट में कहा कि इंडेक्स कॉलेज ने सरकारी कोटे की 97 और पीपुल्स, एलएन और चिरायु मेडिकल कॉलेजों ने 63 सीटें करोड़ों रुपए में बेची। ऐसे में नाकाबिल स्टूडेंट को एडमिशन देकर काबिल स्टूडेंट्स का हक मारा गया। इससे समाज को जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई मुश्किल है। जवाब में विजयवर्गीय के वकील ने कहा कि उन्हें आरोपी बनाया गया, लेकिन पूछताछ नहीं की गई। सीधे कोर्ट आने का नोटिस दे दिया।

गिरफ्तारी से बचने हाईकोर्ट जा सकते हैं आरोपी
आरोपियों को सीबीआई की इसी अदालत में पेश होकर रेगुलर बेल की अर्जी लगानी होगी। ऐसी स्थिति में कोर्ट उन्हे जेल भी भेज सकती है। व्यापमं घोटाले में पहले भी कई बड़े नाम जेल जा चुके हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए सभी आरोपी अग्रिम जमानत की अर्जी हाईकोर्ट में भी लगा सकते हैं। सीबीआई कोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने पर भी अगर आरोपी अदालत में हाजिर नहीं होते हैं तो कोर्ट अरेस्ट वारंट भी जारी कर सकती है।

जिन्होंने पीएमटी नहीं दी, उन्हें भी दे दिया एडमिशन
फॉर्म में एक जैसे ई-मेल व मोबाइल नंबर समेत अन्य जानकारियां दी। इनकी फीस भी एक साथ एक ही कियोस्क से जमा हुई। जिन स्टूडेंट्स ने पीएमटी नहीं दी उन्हें भी प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों ने एडमिशन दे दिया। 10 लाख छात्रों के रिकाॅर्ड से ढूंढ़े 123 स्कोरर्स के पते-ठिकाने। एग्जाम फॉर्म में इनकी जानकारी फर्जी थी।

सीबीआई को रैकेटियर शिवहरे से मिला सुराग
जून 2016 में सीबीआई ने कानपुर के काकादेव में कोचिंग संचालक रमेशचंद्र शिवहरे को गिरफ्तार किया था। उसी ने पीपुल्स कॉलेज समेत दूसरे कॉलेजों में सरकारी कोटे की सीटों में चल रहे फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। इसके बाद सीबीआई ने जून 2016 में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों से डॉक्युमेंट्स भी बरामद किए थे।

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