अरुण यादव की कुर्सी खतरे में, प्रदेश प्रभारी की बैठक में बुलाया ही नहीं

Monday, October 23, 2017

भोपाल। 2018 के चुनाव में सीएम कैंडिडेट बनने की जुगत लगा रहे प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव की कुर्सी खतरे में आ गई है। प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया भोपाल में हैं। वो कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे हैं परंतु अरुण यादव कहीं दिखाई नहीं दे रहे। पता चला है कि उन्हे इस मीटिंग से दूर रखा गया है। बता दें कि पिछली बार दीपक बाबरिया के सामने अरुण यादव का विरोध भी हुआ था। हालांकि बाबरिया का कहना है कि अरुण यादव अपने बेटे के एडमिशन को लेकर व्यस्त हैं इसलिए उन्हे आमंत्रित ​नहीं किया। साथ ही बाबरिया यह भी जोड़ते हैं कि इस बैठक में उनकी जरूरत नहीं थी। 

कांग्रेस में मध्यप्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया का कहना है कि मध्यप्रदेश में इस तरह की बैठकों का सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि हम अपने प्रदेश के नेताओं से परिचय प्राप्त कर सकें और एक दूसरे की समस्याओं को समझ सके। इसके साथ ही इस बैठक से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव नदारद दिखे। यादव की बैठक से बनाई दूरी को लेकर पीसीसी में चर्चा का विषय रही।

बावरिया के प्रथम भोपाल दौरे पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव के खिलाफ माहौल बना हुआ था। कई कार्यकर्ताओं और विधायकों ने उनका विरोध किया था। बताया जा रहा है नेताओं के विरोध को देखते हुए अरुण यादव को बैठक में नहीं बुलाया गया है। प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने अरुण यादव से अपने मनमुटाव की बात को सिरे से खारिज कर दिया। प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि अरुण यादव से मेरी बात हुई थी। वह अपने बेटे के किसी एडमिशन को लेकर व्यस्त हैं। इसलिए वे इन बैठकों में शामिल नहीं हो सके, उन्होंने मुझे बता दिया था।

हालांकि इस बैठक में अरुण यादव की जरूरत भी नहीं थी। इसलिए मैंने उन्हें आने का आग्रह नहीं किया, मेरी प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव से बात हुई है वह जल्द ही अन्य बैठकों में शामिल हो सकते हैं। बाबरिया ने नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चुप्पी साधी हुई है। प्रदेश प्रभारी के दूसरी बार आगमन और बैठक के दौरान कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता अनुशासन में नजर आए। पिछली बार कार्यकर्ताओं ने बाबरिया के सामने अपने नेता के समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगाए थे, जिससे बाबरिया नाराज भी हो गए थे। 

बावरिया तीन दिन तक भोपाल में रहकर जिलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से मैदानी फीडबैंक लेंगे। इस दौरान वह विधानसभा चुनाव में जीत के लिए कार्यकर्ताओं को टिप्स भी देंगे। प्रदेश प्रभारी की प्रदेश में बढ़ती सक्रियता से कांग्रेस में भी सक्रियता बढ़ती नजर आ रही है। प्रदेश में दो सीटों पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के मुद्दे पर बाबरिया पार्टी के सीनियर नेताओं से चर्चा करेंगे। चुनाव में विजयी प्रत्याशी के लिए कांग्रेस मंथन कर रही है।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं

Trending

Popular News This Week