BIHAR: सरकारी ठेकों में आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई

Sunday, October 15, 2017

पटना. सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी ठेके में आरक्षण की बिहार सरकार की व्यवस्था को तत्काल रोक दिया है। कोर्ट ने इस बारे में सरकार को नोटिस जारी कर उससे जवाब मांगा है। सरकार ने 25 लाख रुपए तक की सरकारी ठेकेदारी में पिछड़ा, अति पिछड़ा आदि वर्गों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था कर रखी है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इस बारे में कुछ ठेकेदारों द्वारा दायर की गई याचिका को स्वीकार कर लिया और तत्काल प्रभाव से आरक्षण की व्यवस्था को रोक दिया। इस व्यवस्था का विरोध करने वाले लोगों ने पहले पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन हाईकोर्ट ने अपने फैसले में राज्य सरकार की इस व्यवस्था को सही ठहराया। 

सपना सिंह बनाम बिहार सरकार मुकदमे में हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ताओं की तरफ से बहस करते हुए वरीय अधिवक्ता धरणीधर झा ने उच्चतम न्यायालय से राज्य सरकार के इस फैसले को रद्द करने का आग्रह किया। कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए इस पर स्टे लगा दिया है।

बिना टेंडर के जू में 90 लाख की मिट्‌टी भरवाने पर जवाब तलब
पटना उच्च न्यायालय ने संजय गांधी जैविक उद्यान में इस साल की शुरुआत में 90 लाख की मिट्टी को बिना टेंडर के भरवाए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर राज्य सरकार को चार हफ्ते में जवाब देने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायाधीश डॉ. अनिल उपाध्याय की खंडपीठ ने शुक्रवार को एडवोकेट मणि भूषण प्रताप सेंगर की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से जांच की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश करने का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 6 हफ्ते बाद होगी। उल्लेखनीय है कि भाजपा के नेता सुशील कुमार मोदी ने अप्रैल में तत्कालीन वन एवं पर्यावरण मंत्री तेज प्रताप यादव पर आरोप लगाया था कि उनके परिवार के पटना में बन रहे मॉल से निकली मिट्टी का उपयोग संजय गांधी जैविक उद्यान में किया जा रहा है।

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