मप्र के 33 विधायकों की असमय मृत्यु का जिम्मेदार विधानसभा का वास्तुदोष

Saturday, October 21, 2017

भोपाल। मध्यप्रदेश की नई विधानसभा में विधायकों की असमय मौत का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले 19 सालों में 33 से अधिक विधायक काल के काल में समा चुके हैं। लगातार विधायकों की मौत से एक बार फिर विधानभवन में वास्तुदोष पर सवाल खड़े हो रहे हैं। चौहदवीं विधानसभा में विधायकों की मौत का आंकड़ा दुखद कर देने वाला है। इस बार अब तक 9 विधायकों का स्वर्गवास हो चुका है।

मध्यप्रदेश विधानसभा का नया भवन 1996 में बन कर तैयार हुआ था। इस साल मिंटो हाल से विधानसभा नए भवन में शिफ्ट हुई थी। नए भवन में विधानसभा शुरू होने के साथ ही विवाद भी जुड़ने लगे थे। इसके निर्माण कार्याे पर तो सवाल उठे ही थे इसके साथ ही इसके निर्माण में वास्तुदोष होने की बातें भी सामने आने लगी थीं। ग्यारहवीं विधानसभा से विधायकों की मौतों का सिलसिला शुरू हो गया था। तब विपक्ष में बैठी भाजपा ने ही इसके वास्तुदोष पर सवाल उठाए थे और इसके निराकरण की मांग की थी। ग्यारवीं विधानसभा में दस विधायकों की मौत पांच सालों के दौरान हुई थी। इसके बाद बारहवीं विधानसभा में भी मौतों का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा और सात विधायक पांच सालों में किसी न किसी कारण से काल कवलित हो गए। 

इसके बाद तेरहवीं विधानसभा में छह विधायक काल के काल में समा गए। इसमें नेता प्रतिपक्ष जमुनोदवी और विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी भी शामिल थे। चौदहवीं विधानसभा की शुरूआत भी मौतों से ही हुई। विधानसभा चुनाव के कुछ ही समय बाद बहोरीबंद से विधायक प्रभात पांडे की मृत्यु हो गई। इसके बाद लगभग हर छह महीने के अंतराल में विधायकों की मौत होती रही। इनमें नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे का नाम भी शामिल है। हाल ही में महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा और शिवपुरी के कोलारस से विधायक राम सिंह यादव की भी मृत्यु होने से विधानसभा के अपशगुनी होने की बातें उठ रही है।

इन विधायकों की हुई मौत
ग्यारहवीं विधानसभा: ओंकार प्रसाद तिवारी, कृष्णपाल सिह, दरियाव सिंह, मगन सिंह पटेल, रणधीर सिंह, लिखीराम कांवरे, शिवप्रताप सिंह, संयोगिता देवी देशमुख, वेस्ता पटेल, लाल सिंह पटेल
बारहवीं विधानसभा: किशोरीलाल वर्मा, दिलीप भटेरे, प्रकाश सोनकर, अमर सिंह कोठार, लवकेश सिंंह, लक्ष्मण सिंह गौर, सुनील नायक
तेरहवीं विधानसभा: माखनलाल जाटव, जमुनादेवी, रत्नेश सालोमन, खुमान सिंह शिवाजी, हरबंश सिंह, ईश्वरदास रोहाणी
चौदहवीं विधानसभा: प्रभात पांडे, राजेश यादव, तुकोजी राव पवार, सज्जन सिंह उइके, राजेन्द्र श्यामलाल दादू, सत्यदेव कटारे, प्रेम सिंह, महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा, राम सिंह यादव

लगातार हो रहे उपचुनाव
प्रदेश में विधायकों की हो रही मौतों के चलते लगातार उपचुनाव हो रहे हैं। चौहदवीं विधानसभा में हर छह महीने में किसी न किसी विधानसभा में उपचुनाव हो रहे हैं। चुनाव में आचार सहिंता प्रभावशील होने के कारण विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

हो चुकी है वास्तुदोष पूजा
विधानसभा के नए भवन में आने के कुछ समय बाद विधायकों की होने वाली मौतों को देखते हुए तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष ने यहां एक पूजा भी करवाई थी। यह पूजा विधायकों और यहां के कर्मचारियों की मंगल कामना के लिए की गई थी। उसके बाद से अब तक कोई पूजा नहीं हुई है।

गिर चुका है छज्जा
नए विधानसभा भवन के बाहर का छज्जा भी एक बार गिर चुका है। इसके बाद इसके अपशगुनी होने की चर्चाएं उठी थीं। कुछ विधायकों ने तब विधानसभा के वास्तुदोष के निराकरण और पूजा जैसी मांग भी की थी।

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