अनूपपुर: जहरीला हुआ पानी, 3 की मौत, 4 गंभीर

Monday, October 2, 2017

राजेश शुक्ला/अनूपपुर। जैतहरी के कुकुरगोरा ग्राम पंचायत की सरईटोला गांव में पिछले 10-15 दिनों से फैली अज्ञात संक्रमण बीमारी के प्रकोप में 3 महिलाओं को असामायिक मौत हो गई। जबकि उल्टी-दस्त से प्रभावित 4 अन्य लोगों को गम्भीर हालत में जिला अस्पताल में उपचार किया जा रहा है। इससे पूर्व शनिवार की शाम को चोलना गांव के स्वास्थ्य केन्द्र पर अन्य 5 को भर्ती कर स्वास्थ्य उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। फिलहाल संक्रमण के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है। लेकिन सीएमएचओ डॉ. आरपी श्रीवास्वत ने पानी को प्रथम दृष्टया में संक्रमित पाते हुए पीएचई के माध्यम से हैंडपम्पों में दवाईयों को डलवाने का कार्य करवाया जा रहा है। वहीं जिला प्रशासन ने घटना की सूचना उपरांत स्वास्थ्य विभाग, तहसीलदार जैतहरी, पीएचई विभाग तथा वेटनरी विभाग द्वारा संक्रमणों के मुख्य कारणों की खोज करने के निर्देश दिए हैं। 

बताया जाता है कि संक्रमण की चपेट में गांव में निवासरत कोल समाज के 30 परिवार के हरेक सदस्य इस गम्भीर उल्टी-दस्त जैसी बीमारी के शिकार बने हुए हैं। जबकि उल्टी-दस्त से पीडि़त तथा स्वास्थ्य लाभ के अभाव में अबतक तीन महिलाओं जिनमें 80 वर्षीय वैशखिया बाई पति रज्जू सिंह की मौत 10 दिन पूर्व तथा 55 वर्षीय जामवती बाइ पति मोहन सिंह की मौत दो दिन पूर्व शुक्रवार 28 सितम्बर की रात तथा 50 वर्षीय सुमित्रा बाई पति जोहन सिंह की मौत रविवार की शाम जिला अस्पताल में उपचार के दौरान हो गई। वहीं भर्ती कराए गए मरीजों में 66 वर्षीय मोहन सिंह गोंड पिता नानकू गोंड, 60 वर्षीय हंसलाल गोंड पिता सुखदेव गोंड, 25 वर्षीय महिला गोमती गोंड पति घनश्याम सिंह तथा 13 वर्षीय पार्वती गोंड पिता हरि सिंह गोंड शामिल हैं। 

स्वास्थ्य टीम की जानकारी के अनुसार पिछले १०-१५ दिनों से फैली अज्ञात संक्रमण की चपेट में टोले का हरेक परिवार के सदस्य उल्टी-दस्त जैसी गम्भीर बीमारी के चपेट में उलझे हुए है। जैतहरी बीएमओ वीपी शुक्ला के अनुसार घटना की सूचना के बाद गांव का दौरा कर लोगों की जानकारी उपरांत प्रत्येक परिवार के संक्रमित सदस्यों को घर से बाहर निकालते हुए उसे दवाईयां लगाई गई तथा आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण रोधी दवाईयों का छिड़काव कराया गया। वहीं मौत के मामले में बीएमओ वीपी शुक्ला का कहना है कि ५५ वर्षीय जामवती बाई की मौत उसके परिजनों की अनेदखी के कारण हुई। क्योंकि घर में जामवती की नातिन के भी उल्टी-दस्त की चपेट में आने पर पुत्र बहु द्वारा जामवती को उपचार के लिए नहीं लाया गया। 

जबकि बेटे और बहु अपनी पुत्री का उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जैतहरी पहुंचे। उपचार के अभाव में मां जामवती शुक्रवार २८ सितम्बर की रात ११ बजे गुजर गई। इस दौरान परिजनों ने एम्बुलेंस १०८ को सूचना दी। लेकिन मौके पर पहुंची एम्बुलेंस की टीम ने जामवती को मृत घोषित कर दिया। जबकि ८० वर्षीय महिला वैशखिया बाई की मौत १० दिन पूर्व हुई थी। बीएमओ के अनुसार दोनों ही महिलाएं उल्टी-दस्त से प्रभावित थी। शुरूआती दिनों में डॉक्टरों ने इसे फूड प्वाईजनिंग का मामला समझा था। लेकिन बाद की जांच में पूरे टोला में फैले इस बीमार को संक्रमण पाया गया।

इनका कहना है
गांव में फैली संक्रमण की सूचना पर टीम को भेजकर शिविर के माध्यम से लोगों को तत्काल उपचार के साथ गम्भीर हो स्वास्थ्य केन्द्र भेजने का कार्य किया गया। पीएचई के माध्यम से हैंडपम्पों में दवाईयां डलवाई गई।
डॉ. आरपी श्रीवास्तव, सीएमएचओ अनूपपुर

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


Popular News This Week

खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं