खौलते दूध से स्नान कर बोले बाबा: 2019 में गठबंधन की सरकार

Saturday, October 21, 2017

सोनभद्र। लोकतंत्र में अब पूजा भी राजनीतिक हो गई है। इसकी नजीर आज सोनभद्र में वीर लोरिक पत्थर पर आयोजित गोवर्धन पूजा पर देखने को मिली। आज देश भले ही आधुनिक होकर टेक्नोलॉजी के माध्यम से आगे बढ़ रहा है लेकिन आस्था के नाम पर अभी भी हजारों-लाखों लोग पुरानी मान्यताओं से बाहर नहीं निकल पाए हैं। किसी भी पर्व में अलग-अलग जगहों पर अपनी मान्यतायें होती हैं और इन्ही मान्यताओं में कुछ जगहों में पर्व के नाम पर अंधविश्वास ज्यादा देखा जा सकता है। ऐसा ही कुछ जनपद सोनभद्र में गोबर्धन पूजा के दिन देखाई दिया। दरअसल गोवर्धन पूजा के दिन सोनभद्र में ना सिर्फ बीर लोरिक पत्थर की पूजा होती है बल्कि पुराने परम्पराओं के अनुसार यहां होता है गर्म दूध से स्नान।

मान्यता के अनुसार पुजारी व जजमान द्वारा खौलते दूध से स्नान करने पर लोगों का कल्याण होता है। इस दौरान एक बाबा ने खौलते दूध में स्थान करने के बाद भविष्यवाणी किया कि 2019 के लोकसभा चुनाव में केंद्र में मिली जुली सरकार बनेगी और प्रदेश में सपा के लोग जीतेंगे। 

यहां गोवर्धन पूजा होती है खास
दरअसल प्रतिवर्ष गोवर्धन पूजा के अवसर पर सभी यदुवंशी सोनभद्र के मारकुंडी घाटी में स्थित लोरिक पत्थर के नीचे इक्कट्ठे होते है। यहां पुजारी द्वारा आग प्रज्वलित कर दूध को खौलाया जाता है। मंत्रोचार के साथ इस दूध को तब तक खौलाया जाता है जब तक कि मन्त्र समाप्त न हो जाय और उसके बाद इस खौलते दूध से ना सिर्फ पुजारी बल्कि पूजा पर बैठे जजमान को भी स्नान कराया जाता है। पुजारी का दावा है कि इस दूध से नहाने पर सिर्फ वही जलते है जो छली-कपटी होते हैं।

होता है आस्था का खतरनाक खेल
पुजारी अपने दावे को सावित करने के लिए ना सिर्फ खौलते ढूध में अपने सिर को डाल देता है बल्कि जजमान के आंखों में भी गर्म दूध डाल देता है। इतना ही नहीं पुजारी अपने दावे को पुख्ता करने के लिए शक्ति का ऐसा प्रदर्शन करता है जिसे देख कर आपके भी रोंगटे खड़े हो जायेंगे। पुजारी पास में हो रहे हवन कुंड में अपने सिर व शारीर को आग के हवाले कर देता है। इस समबन्ध में पूजरी राजेंद्र बाबा का कहना है कि देखने में दूध गर्म दिखता है लेकिन शरीर पर डालते ही ठंडा हो जाता है। उसका कहना है कि पूजा में बहुत शक्ति है।

सदियों चली आ रही परंपरा
इस पूजा के आयोजक रोशनलाल यादव ने कहा कि गोवर्धन पर्वत की पूजा भगवान श्रीकृष्ण ने किया था जो 5 हजार वर्षों से चली आ रही है। इस परंपरा को यदुवंशी समाज वीर लोरिक पत्थर पर प्रतिवर्ष गोवर्धन पूजा का आयोजन करता है। बाबा के दूध से नहाने की परंपरा सदियों पुरानी है और यह भक्ति से जुड़ा हुआ है। इसमें किसी कानून का उल्लंघन नहीं है। यह पूरी तरह से भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति व शक्ति है। 

इस बार राजनीतिक हो गया गोवर्धन पूजा
आस्था या अंधविश्वास से जुड़ा यह कार्यक्रम इस बार पूरी तरह से राजनीतिक हो गया। इसमें समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष विजय यादव के साथ पूर्व सांसद नरेंद्र कुशवाहा व दोनों पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा, रमेश चंद्र दुबे व पूर्व जिलाध्यक्ष संजय यादव, रामनिहोर यादव पहुंचे थे। वर्तमान सत्ता पक्ष के नेताओं के नहीं पहुंचने से यह कार्यक्रम राजनीतिक रूप ले लिया।  

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