नर्मदा नहर: 2 माह में 5वीं मौत, इस बार 18 वर्षीय युवती

Monday, October 16, 2017

प्राची नारायण मिश्रा/सिहोरा/उमरियापान। नर्मदा नहर में डूबने से लगातार लोंगों की मौतें हो रही हैं जिसमे अभी तक पिछले दो माह में लगातार पांच मौते हो चुकी हैं जिनमे सभी मृत किशोर या नाबालिग बच्चे ही डूब कर मौत के मुंह मे समा रहे हैं। ज्ञात हो कि मझगवाँ थाना क्षेत्र में एक किशोरी व युवक एवम सिहोरा थाना क्षेत्र में दो अलग अलग घटना में किशोरों की एवम पांचवी यह घटना कटनी जिले के उमरियापान थाना के बरही गांव की है। जबकि सभी घटनाओं में डूबने वाले का शव करीब 24 घण्टे के आसपास ही मिलते हैं जब शव पूरी तरह फूल कर पानी में उतराने लगता है। जिसमे से ज्यादातर शव तेज बहाव की वजह से करीब 15 से 20 किमी की दूरी पर ही मिले हैं। जिससे इन सभी घटनाओं को देखकर नर्मदा नहर मौत का पर्याय बनती जा रही है।  

सहेलियों के साथ गई थी नहाने
रविवार दोपहर नहर में डूबी कंचन की लाश सोमवार साढ़े दस नहर में उतराने लगी। गोताखोरों और एसडीईआरएफ की टीम ने बाहर निकाला। रविवार से ही कंचन की खोजबीन करने जुटी टीम घटना स्थल से एक किलोमीटर की दूरी तक पानी के अंदर तलाश में जुटी रही। जबकि घटना स्थल से करीब 50 मीटर की दूरी पर कंचन की लाश जमा भीड़ को उतराते दिखी। जबलपुर से पहुँची टीम की मदद से बाहर निकाला गया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य अजय गौटिया,थाना प्रभारी नितिन कमल, नायब तहसीलदार शैवाल सिंह, एएसआई भगत सिंह मार्को, तुलसीराम गौलिया सहित भड़ी संख्या लोगों की भीड़ जमा रही।

उमरियापान थाना प्रभारी नितिन कमल ने बताया कि थाना क्षेत्र के बरही निवासी तुलसीराम गौटिया की 18 वर्षीय पुत्री कंचन गौटिया अपनी दो अन्य सहेलियों के साथ गांव से कुछ दूर नर्मदा नहर में नहाने आईं थीं। नहाते समय कंचन नहर में बह गई। कंचन को बहता देख सहेलियों ने उसे बचाने नहर में घुस गई, चीख पुकार की। पास में ही मवेशी चरा रहे एक व्यक्ति ने एक को बाहर निकाल लिया। जबकि कंचन नहर में डूब गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल और स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोजबीन की लेकिन रात तक कंचन का कोई पता नहीं चला। जबकि नहर के तेज बहाव और गहराई के चलते नहर पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नही किये गए हैं जिससे नर्मदा नहर में लगातार मौतो का सिलसिला जारी है।

गोताखोरों और SDERF की टीम ने निकाली लाश
रविवार को एसडीओपी कमला जोशी घटना स्थल पर पहुँचकर विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। रात में ही जबलपुर से एसडीईआरएफ और पांच गोताखोर राजा बर्मन, राजेश बर्मन, राकेश बर्मन, बंदो बर्मन और सुख्खा बर्मन की विशेष टीम पहुँची। सुबह से ही वोट और गोताखोरों ने कंचन की तलाश शुरू की। साढ़े दस बजे लाश उतराने लगी।गोताखोरों ने बाहर निकाला। उमरियापान अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी हैं।

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