भूखे दलित ने 15 किलो दाल चुराई, दबंग सरपंच ने हाथ-पैर काटे, हत्या कर दी

Monday, October 2, 2017

गुना। दलित एवं गरीबों के लिए तमाम कल्याणकारी योजनाएं चलाने वाले सीएम शिवराज सिंह चौहान के शासन में भूख से पीड़ित एक दलित ने अपने बच्चों के लिए 15 किलो दाल चुरा ली। गांव में यह अपराध इतना जघन्य माना गया कि पहले तो सरपंच ने उसे थाने में बंद करवाकर पुलिस के हाथों बेरहमी से पिटवाया। फिर पुलिस ने कोर्ट में डायरी पेश करने के बदले रिश्वत ली। जब जमानत पर दलित छूटकर आया तो सरपंच ने घर से घसीटकर बाहर निकाला और बेरहमी से पीटा। पहले उसके हाथ काटे, फिर पैर काट डाले। धारदार हथियारों से इतने हमले किए गए कि उसकी मौत हो गई। कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। सरपंच ने मुक्तिधाम में ताला लगा दिया ताकि दलित का अंतिम संस्कार ना हो पाए।

15 सितंबर को मध्य प्रदेश के गुना जिले के महूखान गांव के दबंग सरपंच द्वारा 15 किलो उड़द चोरी के केस में नीलम जाटव 40 वर्ष और सोनू नाम के दो दलितों के ऊपर थाने में शिकायत की गई थी, जिसके बदले में पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपियों को पकड़ लिया। 

पुलिस की कार्रवाई के बाद जमानत पर बाहर निकलकर जब चोरी का आरोपी नीलम जाटव अपने गांव पहुंचा तो गांव में पहले से मौजूद आरोपी सरपंच प्रवीण उर्फ़ पिंटू शर्मा ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर बेरहमी से पीटा। दबंगों ने दलित को घर से बाहर घसीटकर निकाला और उसके ऊपर लाठियों और फरसों से हमला कर दिया।

दबंगों ने अपनी दहशतगर्दी को अंजाम देते हुए मृतक नीलम जाटव के दोनों हाथ-पैर को काट दिया। इस वहशीपने को रोकने जब मृतक की पत्नी ने बीचबचाव करने की कोशिश की तो उसके साथ भी लाठियों से मारपीट की। मारपीट से घायल हुए नीलम जाटव की अस्पताल ले जाते वक्त मौत हो गई, जिसके चलते पीड़ित परिवार द्वारा स्थानीय हनुमान चौराहे पर शव को रखकर चक्काजाम भी किया गया। 

मुक्तिधाम का ताला बंद कर दिया 
पीड़ित की मौत की सूचना मिलते ही दबंग सरपंच अपने अन्य 24 साथियों के साथ गाँव से फरार हो गया। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जब आरोपियों के घर पर छापामार कार्रवाई की तो सभी के घरों में ताला लटका मिला। मृतक का शव गाँव में पहुँचने से पहले ही पूरे गाँव में सन्नाटा पसर गया है। सरपंच की दबंगई की दास्तां यहीं खत्म नहीं होती बल्कि दलित के शव के अंतिम संस्कार से पहले ही आरोपी सरपंच द्वारा मुक्तिधाम में भी तालाबंदी कर दी गई थी जिससे दलितों का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में न हो सके। पुलिस ने मुक्तिधाम का ताला तोड़कर मृतक के शव का अंतिम संस्कार करवाया।

महूखान पंचायत के सरपंच की दहशत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि शवों के अंतिम संस्कार के लिए उपयोग किये जाने वाले मुक्तिधाम में भी सरपंच द्वारा तालाबंदी करके रखी गई थी।

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