PEB परीक्षा पास अभ्यर्थियों को अयोग्य बताकर भर्ती निरस्त करवाने का षडयंत्र!

Thursday, September 21, 2017

भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड द्वारा विभिन्न विभागों में समूह-2 उप समूह-4 के अंतर्गत श्रम निरीक्षक, कनिष्ठ सहायक, सहायक प्रबंधक, सहायक संपरीक्षक, ग्रंथपाल, सहायक ग्रंथपाल एवं अन्य समकक्ष पदों हेतु संयुक्त भर्ती परीक्षा 2017 के अंतर्गत विज्ञापन क्रमांक 31/16, नवम्बर 2016 में जारी किया गया था। प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में 70 प्रतिशत से ज्यादा पदों पर प्रभारी जमे हुए हैं। नगरीय ​प्रशासन में प्रभारी अधिकारी सिस्टम की खातिर उपरोक्त परीक्षा में शार्टलिस्टेड उम्मीदवारों को मौका नहीं दिया जा रहा है। 

व्यापम द्वारा उपरोक्त भर्ती प्रक्रिया को परीक्षा द्वारा सम्पादित किया जाकर मेरिट तथा प्रतीक्षा सूची जारी की गयी। मगर विभाग इसे प्रतीक्षा-सूची लम्बी होने के नाम पर ख़ारिज कर रहा है  और पूरी प्रक्रिया को निरस्त करवाने का षड्यंत्र किया जा रहा है। दैनिक भास्कर ने 15 सितम्बर के लेख द्वारा इसकी पुष्टि भी कर दी है। इसे रद्द करवाने का घोटाले के षड्यंत्र में विभाग के ही लोग शामिल हैं। इस तरह से प्रभार राज कायम रखने की कोशिश जारी है।

विभाग के संचालनालय द्वारा वेबसाइट पर नोटिस द्वारा विभिन्न तकनीकी /गैर तकनीकी पदों के लिए अभ्यर्थियों को उनके दस्तावेजों के सत्यापन के लिए बुलाया गया है। दस्तावेजों का सत्यापन  हुए 3 महीने हो चुके परन्तु  सफल/असफल मेरिट होल्डर अभ्यर्थियों की सूची जारी नहीं की जा रही I और न प्रतीक्षासूची के अनुसार किसी को मौका दिया जा रहा है । अगर अभ्यर्थियों ,जिनके पास अर्हकारी डिग्री न होने के कारण रिजेक्ट किया गया है तो सूची के अनुसार प्रतीक्षारत को मौका न देना किसी बड़े घोटाले कि ओर इशारा करते हैं।

अगर प्रतीक्षासूची लम्बी है तो कम से कम समाचारपत्रों और मीडिया में विज्ञापन द्वारा ऐसे प्रतीक्षासूची वाले अभ्यर्थियों को मौका देना चाहिए जिनके पास अर्हकारी योग्यता वाली उपाधियाँ हैं। परन्तु विभाग के अधिकारियों ने अपनी प्रक्रिया में लापरवाही का जिम्मा व्यापमं के सिर पे डाल दिया है ताकि इस सीधी भर्ती को निरस्त करवाया जा सके क्योंकि स्थापना के अधिकारियों को सीधी भर्ती हजम नहीं हो पा रही।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं

Popular News This Week