भारत के ढाई करोड़ कम्प्यूटर खतरे में, LOCK हो जाएगा पूरा डाटा

Sunday, September 3, 2017

नई दिल्ली। इन दिनों ईमेल पर एक नया कम्प्यूटर वायरस ‘लॉकी रैनसमवेयर’ भेजा जा रहा है। यह ईमेल आपको भी प्राप्त हो सकता है। जैसे ही आप इसे खोलेंगे, आपका कम्प्यूटर हैक हो जाएगा। आपका सारा डाटा उसके कब्जे में चला जाएगा। कम्प्यूटर विशेषज्ञ भी आपकी कोई मदद नहीं कर पाएंगे। हैकर आपके कम्प्यूटर पर अपना कब्जा छोड़ने के बदले फिरौती मांग रहा है। यह फिरौती डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा है। सरकार ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। इसलिए सावधान। कृपया अनजान ईमेल ओपन ना करें। 

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी के अतिरिक्त सचिव अजय कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘आज सीईआरटी ने लॉकी रैनसमवेयर के फैलने की चेतावनी दी.’’ रैनसमवेयर एक कम्प्यूटर वायरस है और समझा जाता है कि यह वर्तमान में आधा बिटकॉइन मांग रहा है जिसकी वर्तमान दर डेढ़ लाख रुपये से ज्यादा है। साइबर स्वच्छ केंद्र की तरफ से जारी अलर्ट में कहा गया है कि यह खबर मिली है कि नया स्पैम मेल प्रसारित किया जा रहा है जिसके सब्जेक्ट लाइन में लॉकी रैनसमवेयर के अलग-अलग प्रकार का नाम दिया जा रहा है। यह रैनसमवेयर ई-मेल में अटैचमेंट के रूप में भेजा जा रहा है। सरकार ने कहा है कि लॉकी रैनसमवेयर को फैलाने के मकसद से करीब 23 मिलियन मैसेज भेजे जा चुके हैं।

मई महीने में महाराष्ट्र मंत्रालय के तक़रीबन 150 कंप्यूटर लॉक हो गए थे यानी उन कंप्यूटरों में दर्ज फ़ाइलों को खोला या पढ़ा नहीं जा सकता है। उस समय ही खुलासा हुआ था कि ये एक वायरस अटैक है। इसी वायरस का नाम लॉकी रैनसमवेयर है। इस खुलासे के बाद मई में भी सरकार की ओर से लोगों को चेतावनी दी गई थी।

भारत को क्या है खतरा
भारत में फिलहाल डिजिटल इंडिया पर जोर है। ऐसे में साइबर अटैक से खतरा भी बढ़ रहा है। ब्रिटेन में रैनसमवेयर अटैक ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) को निशाना बनाया। अगर भारत में ऐसी किसी सेवा पर हमला हुआ तो करोड़ लोग प्रभावित होंगे। भारत में तेजी से सभी जानकारियों को डिजिटल करने और आधार से जोड़ने का काम चल रहा है। ऐसे में रैनसमवेयर जैसे साइबर अटैक से नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।

क्या होता है रैनसमवेयर साइबर अटैक
आमतौर पर कई मालवेयर, जिन्हें हम अक्सर वायरस कहते हैं, आपके कंप्यूटर में गलत तरीके से घुस जाते हैं। अक्सर इनका उद्देश्य या तो आपके कंप्यूटर के डाटा को चुराना होता है या फिर उसे मिटाना। आपको पता भी नहीं चलता और आपका डाटा चोरी हो जाता है। आपका कम्प्यूटर ठीक काम करता रहता है लेकिन रैनसमवेयर आपके सिस्टम में आकर आपके डाटा को 'इनक्रिप्ट' यानी लॉक कर देता है। यूजर तब तक इसमें मौजूद डेटा तक नहीं पहुंच पाता जब तक कि वह इसे ‘अनलॉक' करने के लिए रैनसम यानी फिरौती नहीं देता। ये मालवेयर ईमेल के जरिए फैलता है।

रैनसमवेयर साइबर अटैक से खुद को कैसे बचाएं
अगर आप पुराने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे XP, 8 या विस्टा का उपयोग कर रहे हों तो उसे अपडेट कर लें। माइक्रोसाफ्ट ने विशेष सिक्यॉरिटी पैच जारी किए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह के मेल के साथ आने वाले रार, जीप या इस तरह के कंप्रेश फाइल को खोलने से पहले सुनिश्चित कर लें कि यह सही हैं। अनजाने मेल या लॉटरी से संबंधित मेल को किसी भी तरह खोलने की कोशिश न करें।

अपने सिस्टम में एंटी वायरस, एंटी फिशिंग, एंटी मालवेयर को तत्काल अपडेट कर लें। अंतिम सुझाव फिर से कि किसी भी अनजाने मेल या किसी वेबसाइट के अनजाने लिंक को खोलने से पहले सौ बार सोचें।

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