भारत और जापान के बीच हुए एमओयू /समझौतों की सूची | India Japan MoU Agreement List 14 sep 2017

Thursday, September 14, 2017

नई दिल्ली। जापान के प्रधानमंत्री पिछले दिनों भारत में थे। भारत और जापान के प्रधानमंत्रियों के बीच मधुर व्यवहार स्थापित हुए। भारत ने गर्मजोशी से जापान के पीएम का स्वागत किया। इस दौरान 14 सितम्बर 2017 को दोनों देशों के बीच कुछ प्रमुख समझौते भी हुए। भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से यह सूची जारी की गई है। पढ़िए क्या कुछ समझौते हुए भारत और जापान के बीच। 

अपादा जोखिम प्रबंधन
भारत गणराज्य सरकार के गृह मंत्रालय और भारत सरकार के मंत्रिमंडल कार्यालय के बीच एमओसी
आपदा जोखिम न्‍यूनीकरण के क्षेत्र में आपसी मेल-जोल और सहयोग बढ़ाना तथा आपदा निवारण पर अनुभव, ज्ञान और नीतियों को साझा करना।

कौशल विकास
विदेश मंत्रालय, भारत और विदेश मंत्रालय कार्य (एमओएफए), जापान के बीच भारत में जापानी भाषा शिक्षा के क्षेत्र में  एमओसी
भारत में जापनी भाषा के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को और अधिक मजबूत बनाना।

कनेक्टिविटी
भारत जापान एक्‍ट ईस्ट फोरम
भारत के पूर्वोत्तर भारत के क्षेत्रों में दक्षतापूर्ण एवं प्रभावकारी रूप से कनेक्टिविटी बढ़ाना और विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देना।

आर्थिक और वाणिज्यिक
कूल (Cool) ईएमएस सेवा के कार्यान्वयन के लिए प्रशासनिक अनुदेश पर भारतीय डाक विभाग और जापान के डाक विभाग के बीच व्यवस्था
जापान डाक विभाग और भारतीय डाक विभाग के बीच "कूल ईएमएस" सेवा की वाणिज्यिक व्यवस्था को लागू करना,  जिसके माध्‍यम से जापान से भारत को ढंडे डिब्‍बों में भोजन भेजा जा सकता है ताकि भारत में जापानी प्रवासियों को सहायता पहुंचाई जा सके।

निवेश (गुजरात)
डीआईपीपी और एमईटीआई (मैटी) के बीच भारत-जापान निवेश संवर्धन की रूपरेखा
भारत में जापान के निवेश में गति लाने हेतु सुविधा मुहैया कराना।

गुजरात में मंडल बेचराज-खोराज में 'मेक इन इंडिया के लिए जापान-भारत विशेष कार्यक्रम पर एमईटीआई और गुजरात राज्य के बीच एमओसी।
मंडल बेचराज-खोराज क्षेत्र में बुनियादी ढांचे में सहयोग करना।

सिविल एविएशन
सिविल एविएशन सहयोग (ओपन स्काई) पर दस्‍तावेजों (आरओडी) का आदान-प्रदान।
यह भारत और जापान के बीच वायुमार्ग खोलता है, यानी भारतीय और जापानी वाहक अब एक दूसरे के देशों के चयनित शहरों में असीमित संख्या में उड़ान भर सकते हैं।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी
अंतःविषयक सैद्धांतिक और गणितीय विज्ञान कार्यक्रम (iTHEMS), RIKEN और राष्ट्रीय जैव विज्ञान केंद्रों (सिमंस-एनसीबीएस) के बीच अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त आदान-प्रदान कार्यक्रम के लिए समझौता
सैद्धांतिक जीवविज्ञान के क्षेत्र दोनों देशों के प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिकों को चिन्हित करने  और बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त आदान-प्रदान कार्यक्रम स्थापित करना।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एआईएसटी), जापान और जैवप्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के बीच संयुक्त अनुसंधान करार
संयुक्त रूप से अनुसंधान करना और एआईटीटी, जापान में "डीबीटी-एआईआईटी इंटरनेशनल सेंटर फॉर ट्रांसलेशनल एंड इन्‍वॉयरमेंट रिसर्च (डीएआई सेंटर) नामक एक अंतर्राष्‍ट्रीय केंद्र  की स्‍थापना करना ताकि दोनों देशों और संस्‍थाओं में विज्ञान और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा दिया जा सके।

डीबीटी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड साइंस एंड टैक्नोलॉजी (एआईएसटी) के बीच एमओयू
लाइफ साइंस और जैवप्रौद्योगिकी के क्षेत्र में डीबीटी अनुसंधान संस्‍थानों और एआईटीटी के बीच अनुसंधान सहयोग को बढ़ावा देना।

खेल
लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (एलएनएनपीई) और निप्पॉन स्पोर्ट्स साइंस यूनिवर्सिटी, जापान (एनएसएसयू) के बीच अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक और खेल आदान-प्रदानों पर एमओयू।
लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन,  भारत और निप्पॉन स्पोर्ट साइंस यूनिवर्सिटी, जापन के बीच अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा और सहयोग को अधिक गहरा एवं  सुगम बनाना।

भारतीय खेल प्राधिकरण और निप्पॉन स्पोर्ट्स साइंस यूनिवर्सिटी, जापान (एनएसएसयू) के बीच अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक और खेल आदान-प्रदान पर एमओयू
भारत के खेल प्राधिकरण और निप्पॉन स्पोर्ट साइंस यूनिवर्सिटी, जापान दोनों के बीच अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा सहयोग और आदान-प्रदान को सुगम एवं गहरा बनाना।

लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (एलएनआईपीई) और जापान के सुकुबा विश्वविद्यालय के बीच लैटर ऑफ इन्‍टेंट।
लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन (एलएनआईपीई) और जापान के सुकुबा विश्वविद्यालय के बीच कूटनीतिक सहयोग, संयुक्‍त अनुसंधान कार्यक्रम तथा आदान-प्रदान को मजबूत बनाना।

भारतीय खेल प्राधिकरण और सुकुबा, जापान विश्वविद्यालय के बीच लैटर ऑफ इन्‍टेंट।
जापान के सुकुबा विश्वविद्यालय और भारतीय खेल प्राधिकरण के बीच कूटनीतिक सहयोग, संयुक्‍त अनुसंधान कार्यक्रम तथा आदान-प्रदान को मजबूत बनाना।

शैक्षणिक / थिंक टैंक
अनुसंधान से संबंधित गतिविधियों में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए आरआईएस और आईडीई-जेट्रो के बीच  एमओयू
अनुसंधान क्षमता तथा शोध निष्कर्षों के प्रसार की प्रभावशीलता को सुदृढ़ करने के लिए आरआईएस और आईडीई-जेट्रो के बीच संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देना।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

Trending

Popular News This Week