अब खुलेगा राज, क्यों मारा गया कांग्रेस नेता नीरज सिंह

Wednesday, September 27, 2017

धनबाद/झारखंड। पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकांड का राज अब खुलने की उम्मीद है। इस मामले में मोस्ट वांटेड बदमाश पंकज सिंह ने यूपी के सुल्तानपुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। बताया गया है कि पंकज सिंह ने इस हत्याकांड में लाइजनर की भूमिका निभाई थी। कांग्रेस नेता नीरज सिंह को 21 मार्च की शाम तीन तरफ से घेरकर गोलियों से भून डाला गया था। उनके शरीर में 25 गोलियां धंस गईं थीं जबकि पीएम के दौरान गोलियों के 67 घाव गिने गए। हत्याकांड के लाइजनर पंकज सिंह की गिरफ्तारी के पुलिस इश्तेहार निकाल चुकी है। इसके बाद पुलिस कुर्की जब्ती की तैयारी में थी। वहीं, यूपी पुलिस और एसटीएफ भी पंकज को तलाश रही थी। पंकज यूपी के सुल्तानपुर के लंभुआ का निवासी है। पंकज के कोर्ट में सरेंडर करने की पुष्टि एसएसपी मनोज रतन चोथे ने भी की है। अब सरायढेला पुलिस पंकज को धनबाद लाने के लिए कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेगी। प्रोडक्शन वारंट मिलने के बाद पुलिस सुल्तानपुर जाएगी। पुलिस की पहली प्राथमिकता होगी कि जितनी जल्दी हो, उसे धनबाद लाया जाए।

पंकज खोल सकता है कई राज
नीरज हत्याकांड में पंकज और संतोष सिंह दो ऐसे नाम हैं, जिनके पास कई राज छिपे हैं।हत्याकांड के बाद पुलिस लगातार दोनों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही थी। लेकिन घटना के बाद दोनों भूमिगत हो गए थे। पंकज के पकड़े जाने के बाद संतोष के बारे में भी खुलासा होगा। साथ ही यह भी पता चला चलेगा कि हत्या के बाद मर्डर वेपन कहां हैं, सुपारी की रकम कितनी है, हत्या के लिए उसे किसने लाइजनर की भूमिका में इस्तेमाल किया है।

कैसे हुई थी हत्या
धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर और कांग्रेस नेता नीरज सिंह और उनके तीन समर्थकों को हमलावरों ने 21 मार्च की शाम गोलियों से भून दिया था। यह हमला उस वक्त हुआ, जब नीरज सिंह अपनी गाड़ी से स्टील गेट स्थित रघुकुल आवास जा रहे थे। नीरज सिंह की गाड़ी जैसे ही स्टील गेट पहुंच कर ब्रेकर पर धीमी हुई, हमलावरों ने तीन तरफ से उन्हें घेर लिया। जब तक नीरज सिंह कुछ समझ पाते हमलावरों ने उन पर गोलियों की बरसात कर दी। एक के बाद एक 100 से ज्यादा राउंड फायरिंग की गई। अगली सीट पर बैठे नीरज सिंह को 25 गोलियां लगी, जबकि उनकी बाॅडी पर 67 गोली लगने के निशान मिले। सरेआम हुए इस हमले में उनके निजी बॉडीगार्ड मुन्ना तिवारी, चालक घलटू और करीबी समर्थक अशोक यादव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।

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