अब पद्मावती के पोस्टर पर विवाद शुरू

Thursday, September 21, 2017

प्रचलित कहानियों के मुताबिक़ अपनी पवित्रता बचाए रखने के लिए औरतों के जान देने की प्रथा जौहर कहलाती थी. यह मध्यकाल में खूब प्रचलित रही. जौहर प्रथा पर बनी फिल्म पद्मावती का पोस्टर नवरात्रि के पहले दिन रिलीज कर दिया गया. मेकर्स की ओर से रिलीज एक पोस्टर में पद्मावती बनी दीपिका पादुकोण दुल्हन की तरह सजी-धजी हैं. वो भावुक नजर आ रही हैं और उनके पीछे काफी संख्या में महिलाएं हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि ये पद्मावती के जौहर करने की दौरान की तस्वीर हो. इस बीच पोस्टर को लेकर कई तरह की बहसें शुरू हो गई हैं. मेकर्स ने कहा कि दीपिका के लुक पर काफी मेहनत की गई है. इस लुक के लिए दीपिका सिर्फ आधे घंटे में तैयार हो जाती थीं. उन्हें कम से कम मेकअप दिया जाता था. फोटो में दीपिका रानी की तरह हाथ जोड़े खड़ी हैं. संभवत: यह जौहर से पहले का सीन हो. 

फेमिनिस्ट रजनी तिलक ने कहा, 'मौजूदा संदर्भ में मर्दवादी सोच को मजबूत बनाने की परंपरा फिल्मों में साफ नजर आती है. अव्वल तो ऐसे दृश्य होने ही नहीं चाहिए. अगर फिल्म में ऐसा सीन है, जिसके संकेत पोस्टर से मिलते हैं तो यह महिलाओं की भविष्य, शक्ति और क्षमताओं का अपमान है.'

एक स्त्रीवादी पत्रिका के संपादक संजीव चंदन ने आरोप लगाया कि भंसाली अपनी फिल्म के जरिए पारम्परिक जड़ता और कुरीति का महिमामंडन कर रहे हैं. पहले पाठ्यपुस्तकों (राजस्थान में ) में जौहर की कहानियां पढ़वाने की पहल के बाद इसे फिल्म के जरिए प्रचारित किया जा रहा है. उन्होंने सवाल किया, 'औरतों की उन्नति की बातों के दौर में ऐसी प्रथा दिखाने की प्रासंगिकता क्या है?' 

लेखिका नीलिमा चौहान ने कहा, 'दरअसल, फिल्म के जरिए स्त्री की पारंपरिक दैवीय छवि को भुनाना है. राजपूताना मर्दवादी परंपरा को खुश किया जा रहा है. करनी सेना के सेंसर के बाद फिल्म रिलीज करने का वादा करने वाले निर्देशक से इससे ज्यादा उम्मीद रखना बेकार है. मेकर्स ने पोस्टर को ठीक नवरात्रि पर लॉन्च करने के पीछे की वजह भारतीय संस्कृति को सेलिब्रेट करना बताया. संजय लीला भंसाली के मुताबिक़, ये (नवरात्रि) सही मौका था. वो फर्स्ट लुक को नवरात्रि के मौके पर लाकर बेहद खुश हैं. वो ऐसा ही चाहते थे. मेकर्स की ओर से यह भी बताया गया कि मेवाड़ की रानी होने के बावजूद दीपिका के कॉस्ट्यूम्स में थोड़ा सा सिंघली टच भी दिया जाता था. ऐसा इसलिए क्योंकि पद्मिनी मूल रूप से श्रीलंका से थीं. 

पद्मावती की कहानी को लेकर काफी विवाद है. जायसी ने 'पद्मावती. नाम से काव्य कृति भी लिखी है. पद्मावती चितौड़गढ़ के राजा रत्नसिंह की पत्नी थीं. वो बहुत खूबसूरत थीं. दिल्ली का सुल्तान अलाउद्दीन खिलजी उनको लेकर आशक्त गया था. उन्हें पाने के लिए उसने चितौड़गढ़ पर हमला कर दिया था. भारी लड़ाई के बाद दुश्मन के चंगुल में जाता देख पद्मावती ने 16 हजार राजपूत औरतों के साथ आग में कूदकर जान दे दी थी. फिल्म की शूटिंग के दौरान इतिहास के साथ छेड़छाड़ के आरोप में तोड़फोड़ हुई थी. भंसाली के साथ हाथापाई के बाद राजस्थान में फिल्म की शूटिंग कैंसल कर दी गई थी. फिल्म में कई विवादित प्रसंग का जिक्र बताया जा रहा है. इनमें से एक अलाउद्दीन का बाइसेक्सुअल नेचर भी है

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


Popular News This Week

खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं