नोटबंदी कालेधन पर हमला था या नए किस्म का घोटाला

Monday, September 4, 2017

नई दिल्ली। पार्लियामेंट्री पैनल के सामने RBI कुछ इस तरह पेश हुआ जैसे बिना होमवर्क किए स्कूल आ गया बच्चा। इस बार फिर पार्लियामेंट्री पैनल के सवालों का आरबीआई के पास कोई जवाब नहीं था। वो नहीं बता पाया कि विमुद्रीकरण कर देने से देश का कितना कालाधन खत्म हो गया। बता दें कि नोटबंदी के समय कहा गया था कि 'ज्यादातर कालाधन 1000 के नोटों की शक्ल में नगदी रूप में रखा हुआ है। 1000 का नोट चलन से बंद हो जाने पर यह कालाधन बर्बाद हो जाएगा।' इसीलिए आरबीआई ने 2000 का नोट जारी किया। 1000 के नोट का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया गया परंतु आरबीआई की रिपोर्ट कहती है कि 1000 के जितने नोट बैंक ने जारी किए थे उनमेें से 98.7% प्रतिशत वापस लौट आए हैं। सवाल यह है कि जब सारे नोट लौट आए तो फिर कालेधन का क्या हुआ। क्या देश में कालाधन था ही नहीं या फिर नोटबंदी घोटाला हुआ है। जिसके चलते तमाम कालाधन नई मुद्राओं में सफेद कर दिया गया। या फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक उनके तंत्र में मौजूद भ्रष्टाचार के कारण पूरी तरह से फैल हो गई। 

पार्लियामेंट्री पैनल के सामने RBI ने कहा कि करीब 15.28 लाख करोड़ के पुराने नोट वापस आए हैं। RBI ने पैनल से कहा कि कितनी ब्लैक मनी कम हुई या कितनी बेहिसाबी रकम है- इसकी उसके पास फिलहाल जानकारी नहीं है। बैंक ने इस बात की जानकारी होने से भी इनकार किया कि नोटबंदी से ऑर्गनाइज्ड-अन ऑर्गनाइज्ड सेक्टर और जीडीपी को कितना नुकसान हुआ। बैंक ने कहा कि 2016-17 के लिए इकोनॉमिक ग्रोथ के आंकड़े नोटबंदी के पहले के हैं। तब इंडस्ट्रियल और सर्विस सेक्टर कमजोर चल रहा था। पिछले हफ्ते इस पैनल ने RBI से नोटबंदी पर ज्यादा जानकारी मांगी थी।

सारे नोट लौट आए, कालाधन कहां है
नवंबर 2016 में नोटबंदी के वक्त 15.4 लाख करोड़ रुपए वैल्यू के 500 और 1000 के नोट सर्कुलेशन में थे। 1000 रुपए की बात करें तो इसके 670 करोड़ नोट चलन में थे। यानी 6.70 लाख करोड़ रुपए। नोटबंदी के समय ये सभी नोट बैंकों में जमा होने थे। RBI की रिपोर्ट कहती है कि 1000 रुपए के 8.9 करोड़ नोट यानी 8900 करोड़ रुपए बैंकों में नहीं लौटे। बंद हो चुके 1000 रुपए के 98.7% नोट आरबीआई के पास लौट आए हैं केवल 1.3% प्रतिशत नोट नहीं लौटे। सवाल यह है कि जब सारे नोट बैंक में लौट आए हैं तो कालाधन कहां है।

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