मप्र पुलिस: महिलाओं के लिए खाली रह गए 3000 से ज्यादा पद

Friday, September 29, 2017

भोपाल/मध्यप्रदेश। 2016 में 14 हजार पदों के लिए हुई भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षित 4714 पदों में सिर्फ 1037 महिलाएं ही सिलेक्ट हो पाईं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने पुलिस में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। प्रदेश के हर जिले के पुलिस ग्राउंड में खुद पुलिस के आला अफसर लड़कियों को पुलिस भर्ती के लिए ट्रेनिंग दे रहे हैं। इस काम में पुलिस ने एनजीओ और अन्य सरकारी महकमों से भी मदद मांगी है। 

डीजीपी ने इस मसले पर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर पुलिस में महिलाओं की संख्या बढ़ाने के लिए अलग-अलग सरकारी महकमों से योजनाएं शुरू करने कहा है। इसके बाद मुख्य सचिव ने भी अलग-अलग विभागों को इस विषय में पत्र लिखा। फिलहाल पुलिस में 14 हजार से ज्यादा पदों के लिए भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में सरकारी कोशिशों का फायदा मिलने की उम्मीद की जा रही है।

3 महीने की नि:शुल्क ट्रेनिंग
महिला सशक्तिकरण विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस की वर्दी पहनने का ख्वाब देखने वाली लड़कियों को तीन महीने की स्पेशल ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है।
इसमें पुलिस और होमगार्ड्स के अधिकारी रोज सुबह लड़कियों को फिजिकल ट्रेनिंग दे रहे हैं। लिखित परीक्षा पास करने के लिए लड़कियों को नि:शुल्क कोचिंग भी दी जा रही है।
योजना सफल रही तो तीन-तीन महीने के चार स्लॉट पूरे प्रदेश में शुरू किए जाएंगे।
महिला सशक्तिकरण की कमिश्नर जयश्री कियावत कहती हैं कि 152 सेंटीमीटर ऊंचाई की 12वीं पास लड़कियों को ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है।
प्रदेश में अब तक इस योजना के तहत दो हजार लड़कियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
इसमें फिजिकल टेस्ट के अलावा, लिखित परीक्षा, मेडिकल टेस्ट और साक्षात्कार के लिए भी लड़कियों को तैयार किया जाएगा।

पुलिस में महिलाओं की क्या जरूरत
महिला मुद्दों पर काम करने वाली एक्टिविस्ट रोली शिवहरे कहती हैं कि मप्र में महिलाओं पर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं।
ऐसे में यहां पुलिस में महिलाओं की भागीदारी हर हाल में बढ़ानी होगी।
अपराध होने के बाद महिला किसी पुरुष पुलिसकर्मी की अपेक्षा महिला पुलिसकर्मी को ज्यादा बेहतर ढंग से अपनी बात बताती है।
महिला पुलिस ज्यादा संवेदनशीलता के साथ महिलाओं की बात को समझ सकती है।
एडीजी के मुताबिक हम हर जिले के पुलिस ग्राउंड में फिजिकल टेस्ट के लिए लड़कियों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसके अलावा सरकार के अलग-अलग विभागों से भी इस पर बात हुई है। कुछ विभागों ने अलग-अलग योजनाएं बनाकर लड़कियों को ट्रेनिंग देने की योजना बनाई है।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


Popular News This Week

खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं