दिग्विजय सिंह की 2nd WIFE समेत कई दिग्गजों के खिलाफ जांच के आदेश

Saturday, September 16, 2017

नई दिल्ली। भाजपा के लिए तनाव बन चुके कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह की दूसरी पत्नी अमृता राय के खिलाफ भ्रष्टाचार के एक मामले में जांच के आदेश जारी हुए हैं। आदेश उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की ओर से जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि अमृता राय को फिल्म में डेब्यू कराने के लिए राज्यसभा टीवी की ओर से फंडिग कराकर फिल्म रागदेश बनाई गई जबकि यह एक कमर्शियल फिल्म थी। एक अन्य आरोप यह भी है कि अमृता राय ने राज्यसभा टीवी के पैसे से विदेश में पढ़ाई की। जांच की जद में एक दर्जन से ज्यादा पत्रकार एवं दूसरे दिग्गज आ रहे हैं। 

राज्यसभा टीवी में खर्च का ऑडिट कराया जाएगा
कहा जा रहा है कि राज्यसभा टीवी शुरू होने से लेकर अब तक इस पर 375 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। जबकि बड़े-बड़े प्राइवेट चैनलों का बजट भी इतना नहीं होता। राज्यसभा की कार्यवाही दिखाने के मकसद से शुरू किए गए इस चैनल ने बाकायदा कमर्शियल फिल्मों का प्रोडक्शन भी शुरू कर दिया था और इसके लिए प्राइवेट प्रोड्यूसर को बिना किसी औपचारिकता के करोड़ों रुपये दिए गए। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भ्रष्टाचार पर संज्ञान लेते हुए पूरे खर्च का ऑडिट कराने को कहा है।

कमर्शियल फिल्म ‘रागदेश’ के लिए दिया फंड 
राज्यसभा टीवी के फंड से साढ़े 12 करोड़ रुपये एक कमर्शियल फिल्म ‘रागदेश’ बनाने के लिए दे दिए गए। फिल्म इसके अलावा फिल्म के प्रमोशन और दूसरे मदों में खर्च अलग हैं। इस फिल्म का प्रोड्यूसर राज्यसभा टीवी को नहीं, बल्कि इसके सीईओ गुरदीप सप्पल को बनाया गया। दरअसल सप्पल हामिद अंसारी के ओएसडी भी थे। इसके अलावा राज्य सभा के ही खर्चे पर इनमें से कुछ कांग्रेसी पत्रकारों ने देश-विदेश की सैर भी की। इतना ही नहीं राज्यसभा ने कई ऐसे पत्रकारों के स्पेशल प्रोग्राम भी चलाए जो कांग्रेस, नक्सलियों और यहां तक कि जिहादी गुटों के लिए प्रोपोगेंडा करने के लिए बदनाम रहे हैं।

दिग्विजय सिंह की पत्नी को बॉलीवुड में उतारने सरकारी फंडिंग
दरअसल ‘राग देश’ नाम की इस फिल्म के जरिये कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह की दूसरी पत्नी अमृता राय हीरोइन बनाई गईं। इस फिल्म में अमृता राय का अहम किरदार था। ‘राग देश’ नाम की इस फिल्म का प्रोडक्शन राज्यसभा टीवी ने किया। 

फिल्म प्रमोशन के नाम पर करोड़ों का सैर-सपाटा
इसी साल जिस समय संसद का मॉनसून सत्र चल रहा है उस वक्त सीईओ सप्पल राज्यसभा टीवी की पूरी टीम को लेकर फिल्म का प्रमोशन करने के लिए मुंबई चले गए। इनमें एडमिन हेड चेतन दत्ता, हिंदी टीम के प्रमुख राजेश बादल, इंग्लिश टीम के हेड अनिल नायर, टेक्निकल हेड विनोद कौल, आउटपुट हेड अमृता राय (दिग्विजय की पत्नी), इनपुट हेड संजय कुमार समेत एडिटोरियल टीम के कम से कम 20 सदस्य शामिल थे। फिल्म के प्रमोशन के नाम पर इन सभी ने करीब एक महीने तक पूरे देश में सैर-सपाटा किया।

किराये के नाम पर मिली थी लूट की छूट
दरअसल राज्यसभा चैनल के लिए संसद भवन के बाहर एक जगह किराये पर ली गई थी जिसका किराया करोड़ों रुपये था। बताया जा रहा है कि इसमें भी घोटाले का शक है। साढ़े तीन करोड़ रुपये तो सिर्फ कर्मचारियों को लाने-ले-जाने के लिए कैब सर्विस पर फूंक दिए गए। राजधानी में कार्यालय परिसर के लिए 25 करोड़ रुपये का वार्षिक किराया और कैब और आवास रखने के मामले में लगभग 3.5 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।

कांग्रेस का एजेंडा चलाने के लिए फूंक दिए करोड़ों
आरोप है कि राज्यसभा टीवी के बहाने कांग्रेस ने अपने वफादार पत्रकारों की एक पूरी फौज को फायदा दिलवाया। उन्हें गेस्ट एंकर बनाकर हर महीने लाखों रुपये बांटे गए। किसी न किसी समूह में संपादक, समूह संपादक, सीईओ जैसे पदों पर काबिज नामों पर गौर करें तो सिद्धार्थ वरदराजन और एमके वेणु (द वायर के संपादक), भारत भूषण (संपादक, कैच न्यूज), गोविन्दराज एथिराज (पूर्व प्रधान संपादक, ब्लूमबर्ग टीवी इंडिया जो अब इंडिया स्पेंड.कॉम और फैक्टचेकर.इन चलाते हैं) और उर्मिलेश। ये सभी राज्यसभा टीवी पर मोदी सरकार के विरुद्ध प्रोपेगैंडा चलाते रहे हैं।

पत्रकारों की विदेशों में पढ़ाई के लिए पैसे दिए 
आरोप है कि तत्कालीन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी जब-जब विदेश जाते उनके साथ राज्यसभा टीवी की एक के बजाय दो टीमें भेजी जाती थीं। ताकि ज्यादा लोगों को सरकारी पैसे पर विदेश की सैर करवाई जा सके। इसके अलावा नौकरी में रहते हुए इसके पत्रकारों ने विदेशों में पढ़ाई और स्कॉलरशिप पर भी खूब ऐश की। इन पत्रकारों में दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय, द वायर के एमके वेणु, कैच के भारत भूषण, इंडियास्पेंड.कॉम के गोविंदराज इथिराज और उर्मिलेश जैसे नाम थे। ये सभी कांग्रेस के वेतनधारी पत्रकार माने जाते रहे हैं।

बहरहाल राज्यसभा टीवी घोटाले से जुड़ी कई और जानकारियां अभी सामने आनी बाकी हैं। चैनल को चलाने में आर्थिक हिसाब-किताब, भर्तियों में घोटाला, वेतन और प्रोफेशनल फीस बांटने में भेदभाव जैसी बातों की पूरी जांच की जरूरत है। ताकि यह पता चल सके कि एक कांग्रेसी की अगुवाई वाली आखिरी संस्था में किस बड़े पैमाने पर जनता की गाढ़ी कमाई को लूटा गया है। बहरहाल तत्कालीन उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति होने के नाते हामिद अंसारी वहां की सारी गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार माने जाएंगे।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं

Trending

Popular News This Week