राजस्थान में बना दुनिया का सबसे छोटा राष्ट्रध्वज तिरंगा

Thursday, August 10, 2017

सारी दुनिया में अपने राष्ट्रध्वज को सबसे बड़ा करने की होड़ चल रही है और राजस्थान में सूक्ष्म स्वर्ण शिल्पकार इकबाल सक्का ने दुनिया का सबसे छोटा राष्ट्रध्वज बना लिया। यह इतना छोटा है कि दुनिया की सबसे पतली सुई के छोटे से छेद से भी निकल सकता है। ध्वज शुद्ध सोने से बनाया गया है। इसे आप खुली आंख से पहली बार में तो देख भी नहीं पाएंगे। इससे पहले कनाडा में एक स्टूडेंट ने सबसे छोटा राष्ट्रध्वज बनाया था। सक्का का दावा है कि यह उससे भी छोटा है। 

क्या खास है इस तिरंगे में?
किसी भी देश का दुनिया का सबसे छोटा यह राष्ट्रीय ध्वज सोने का बना है। सक्का ने 71वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इसे तैयार किया है। इसे नंगी ऑंखों से देखना लगभग नामुमकिन सा है क्यों कि सक्का के बनाए इस तिरंगे का आकार महज 0.5 मिली मीटर ही है। इस झंडे की खासियत यह हें कि यह दुनिया की सबसे पतली 12 नम्बर की सुई के छोटे से छेद में से भी आसानी से निकाला जा सकता है।

कनाडा का रिकॉर्ड टूटा!
सक्का अब इसे अपने नये रिकॉर्ड में दर्ज करवाने की कोशिश में जुट गए हैँ। सक्का ने कनाडा के सबसे सुक्ष्म रार्ष्टीय ध्वज का रिकॉर्ड तोडते हुए इस सुक्ष्म स्वर्ण तिरंगे को बनाया हैँ। इससे पहले कनाडा के वाटरलू विश्वविद्यालय के एक छात्र के नाम दुनिया के सबसे छोटे राष्ट्रीय ध्वज बनाने का रिकॉर्ड दर्ज था।

कौन हैं इकबाल सक्का?
झीलों की नगरी उदयपुर के अंदरुनी शहर खैरादीवाडा की तंग गलियों में रहने वाला यह व्यक्ति अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर विश्वस्तर के कई रिकॉर्ड तोड़ चुका हैं. सूक्ष्म स्वर्ण शिल्पकारी के लगातार खत्म होते नायाब फन के फनकार इकबाल सक्का बचपन से ही कुछ हटकर करने का मानस रखते थे. ऐसे में इन्होनें स्वर्ण शिल्पकारी के हुनर को अपनाया और फिर देखते ही देखते उसमें महारथ हासिल कर ली. जब सक्का को इस बात का अहसास हुआ कि इस क्षैत्र में दुनिया के कई अन्य देशों के कलाकारो नें कृतियां बनाई हैं तो सक्का नें तय किया कि कुछ ऐसी कृतियां बनाएंगे जो ना केवल सबसे अलग हो बल्कि दुनियाभर में दुर्लभ भी हो. सक्का के नाम यह 53वां विश्व रिकॉर्ड होगा. सक्का अब तक 52 विश्व रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज करा चुके हैं.

ये रिकॉर्ड है बने पहचान
सबसे पहले सक्का नें 1991 में सबसे कम वजन की सूक्ष्म स्वर्ण चैन बनाकर गिनिज बुक ऑफ वर्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया. इसके बाद तो सक्का नें फिर पीछे मुडकर ही नहीं देखा. 2004 में विश्व की सबसे सूक्ष्म चाय की केतली, 2009 में विश्व की सबसे सूक्ष्म स्वर्ण स्टाम्प बनाकर गिनिज बुक ऑफ रिर्ड्स अपने नाम किये.यही नहीं सक्का नें करीब 52 ऐसी ही नायाब कृतियां बनाई हैं जो गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, यूनिक वल्र्ड  रिकॉर्ड्स, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, वल्र्ड अमेजिंग विश्व रिकॉर्ड्सख, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स सहित अनूठे रिकॉर्ड्स की किताबों में दर्ज हैं. सक्का का यह नया रिकॉर्ड ना सिर्फ उनका 53वॉं विश्व रिकॉर्ड हैं बल्कि वे भारत के ऐसे पहले व्यक्ति बन चुके हैं जिनके खुद के नाम इतने विश्व रिकॉर्ड दर्ज हो. (रिपोर्ट- कपिल श्रीमाली)

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

Trending

Popular News This Week