सड़कों पर नमाज कराई तो पुलिस लाइन में जन्माष्टमी पर रोक क्यों लगाई: योगी आदित्यनाथ

Thursday, August 17, 2017

लखनऊ। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव सरकार को एक बार फिर निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सड़कों पर नमाज की अनुमति दे रही थी तो फिर उसने पुलिस थानों और पुलिस लाइन में जन्माष्टमी के आयोजनों को प्रतिबंधित क्यों किया। जबकि वो तो खुद यदुवंशी हैं। मुख्यमंत्री केजीएमयू के साईंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में लखनऊ जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान व प्रेरणा जनसंचार नोएडा की ओर से दूरस्थ शिक्षा पर प्रबोधन व केशव संवाद पत्रिका के विशेषांक अंत्योदय की ओर के लोकार्पण कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा सामूहिक ताकत का अहसास हो तो भारत से टकराने की हिम्मत किसी में नहीं है। गणेश उत्सव गावों, शहरों में मनाए जाते हैं किसी को आपत्ति नहीं है। यहां क्रिसमस मनाइये कौन रोक सकता है, नमाज पढ़िये, कानून के दायरे में रहेंगे तो कोई नहीं रोकेगा। टकराव तो कानून का उल्लंघन करने पर होता है।

हिंदू बताते पर कहा जाता है सांप्रदायिक
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई गर्व से कहे कि हिंदू हैं, तो उसे सांप्रदायिक बताया जाता है। नेपाल में पशुपतिनाथ भगवान के दर्शन करने जाए तो हिंदू बताने पर नेपाल वालों को अच्छा लगता है। मारीशस, फिजी समेत दुनिया में जहां भी भारत के लोग बसे हैं, वे हिंदू कहलाने पर गौरवान्वित होते हैं। हिंदू कोई संप्रदाय, उपासना विधि नहीं है। इसमें शैव, वैष्णव, हर मत, संप्रदाय आता है।

हैरानी है कांवड़ यात्रा में माईक, डीजे पर प्रतिबंध था
सीएम ने कहा कि इस साल गाजियाबाद से हरिद्वार के बीच 4 करोड़ कांवड़ यात्री थे। हैरानी थी कि कांवड़ यात्रा में माइक या डीजे नहीं बज सकता था। यह कांवड़ यात्रा थी या शव यात्रा जो डमरू, डोल, चिमट भी नहीं बज सकते। हमने कहा कि प्रदेश में डीजे, माइक या अन्य चीजों पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। क्या पता कि कौन शिव अंश के रूप में कावड़यात्री है, इसलिए हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कराई। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्मस्थल के बाहर से माइक की आवाज नहीं आए, ऐसा आदेश लागू नहीं किया जा सकता।

सड़क पर ईद की नमाज नहीं रोक सकते तो थानों में जन्माष्टमी के आयोजनों को भी रोकने का हक नहीं है। यदुवंशी कहलाने वालों ने थानों, पुलिस लाइन में जन्माष्टमी मनाने पर रोक लगा दी थी। श्रीकृष्ण के नाम पर एक ही तो पर्व है। भगवान कृष्ण का कीर्तन, स्मरण करते हुए न जाने किस पर प्रभाव पड़ जाए, पुलिस की व्यवस्था में सुधार हो जाए इसलिए भव्य आयोजन के निर्देश दिए। प्रदेश में इस मौके पर कहीं तिनका भी नहीं हिला।

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