ये हैं वो विवाद जिन्होंने पहलाज निहलानी को सेंसर बोर्ड से हटवाया

Saturday, August 12, 2017

NEW DELHI : सेंसर बोर्ड के चीफ पहलाज निहलानी को हटा उनके बदले गीतकार प्रसून जोशी को चेयरमैन बनाया गया है. एक्ट्रेस विद्या बालन को सेंसर बोर्ड का सदस्य बनाया गया है. फिल्मी दुनिया में गीतकार के तौर पर प्रख्यात प्रसून जोशी का जन्म 16 सितम्बर 1968 को हुआ। वह अच्छे हिन्दी कवि, लेखक, पटकथा लेखक और भारतीय सिनेमा के गीतकार हैं। प्रसून जोशी विज्ञापन जगत की गतिविधियों से भी जुड़े हैं। बता दें कि हाल के दिनों में बतौर सेंसर बोर्ड चीफ निहलानी के कुछ फैसलों पर सवाल उठा था। खासकर फिल्मों को सर्टिफिकेट देने और उनमें कट्स के सुझाव के कारण वे अक्सर चर्चाओं में रहे हैं।

मोदी सरकार के आने के बाद सेंसर बोर्ड के चीफ के तौर पर निहलानी की नियुक्ति हुई थी। इसके बाद वे लगातार विवादों में रहे। फिल्मों में सीन काटने को लेकर अक्सर वे बॉलीवुड सितारों के निशाने पर रहे। यहीं कुछ विवाद हैं, जिनके कारण वे चर्चा में रहे।

शाहिद कपूर की उड़ता पंजाब फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा पहलाज निहलानी विवादों में रहे. इस फिल्म में निहलानी और उनकी कमेटी की ओर से करीब 42 कट्स लगाने के सुझाव दिए थे. मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था और आखिरकार फैसले फिल्म निर्माता के पक्ष में आया था. निहलाज की टीम ने अंग्रेजी फिल्मों की सीरीज जेम्स बॉन्ड के भी कई सीन को कटवा दिए थे. सोशल मीडिया में इस बात की चर्चा हो चली थी कि उन्होंने बॉन्ड को संस्कारी बना दिया था. हालिया विवाद लिपिस्टक अंडर माय बुर्का को लेकर था. इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने पास करने से मना कर दिया था.'जब हैरी मेट सेजल' के ट्रेलर में इंटरकोर्स शब्द पर निहलानी ने आपत्ति जताई थी.

सीबीएफसी चीफ पहलाज निहलानी का हाल में ही IIFA के कार्यक्रम में जमकर मजाक उड़ा था. मजाक बनाने के लिए उन्होंने आयोजकों को कानूनी नोटिस भेजा था. निहलानी ने आरोप लगाया था कि एक्ट के दौरान रितेश देशमुख और मनीष पॉल ने उनकी तस्वीरों का दुरुपयोग किया है और उन्हें वॉचमैन भी कहा है. परेश रावल ने ट्वीट कर प्रसून जोशी का स्वागत किया और स्मृति ईरानी को धन्यवाद दिया.

प्रसून जोशी मोदी सरकार के करीबी माने जाते हैं. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के नये अध्यक्ष गीतकार प्रसून जोशी होंगे. निहलानी 2015 से सेंसर बोर्ड चीफ के पद पर थे. जोशी गीतकार के अलावा मशहूर ऐडमैन रह चुके हैं. जोशी ने मौला, कैसे मुझे तू मिल गई, तू बिन बताए, खलबली है खलबली, सांसों को सांसों में जैसे मशहूर गाने लिखे हैं.

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


Popular News This Week

खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं