कांग्रेस चुनाव: शाजापुर में ​भड़ गए नेता, कुर्सियां फैंकी, लात-घूंसे चले

Thursday, August 17, 2017

शाजापुर। सत्ता से 15 साल तक बेदखल रहने के बाद भी कांग्रेस का कल्चर नहीं बदला। कांग्रेस संगठन चुनाव के लिए रायशुमारी करने दिल्ली से शाजापुर पहुंचे पर्यवेक्षक सुरेंद्र सोलंकी के सामने नेताओं ने जमकर हंगामा काटा। इस दौरान कुर्सियां फिकीं और लात घूंसे भी चले। पूर्व मंत्री सज्जनसिंह वर्मा एवं हुकुमसिंह कराड़ा के समर्थक एक दूसरे पर कुछ इस तरह टूट पड़े मानो घर से तैयारी करके आए थे। हालात यह बने कि शांति के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। पर्यवेक्षक नेताओं के सामने हाथ जोड़ते नजर आए। एक बार तो उन्होंने माफी भी मांगी। माहौल तनावपूर्ण था। इस दौरान युकां प्रदेश प्रवक्ता नरेश कप्तान ने भी अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। वो पर्यवेक्षक से ही भिड़ गए। 

शाजपुर में कांग्रेसियों में गुटबाजी जगजाहिर है लेकिन बुधवार को गुटबाजी बंद कमरे से सड़क पर आ गई। दरअसल, संगठन चुनाव के चलते सुबह 11.30 बजे सामुदायिक हॉल में पर्यवेक्षक सोलंकी की मौजूदगी में रायशुमारी शुरू हुई। पूर्व मंत्री एवं अभा कांग्रेस सचिव वर्मा भी मौजूद रहे। करीब दो घंटे तक कांग्रेसियों से खचाखच भरे हॉल में रायशुमारी होती रही लेकिन हंगामा तब शुरू हो गया, जब दोपहर 1 बजे पूर्व मंत्री व पूर्व क्षेत्रीय विधायक कराड़ा अपने समर्थकों के साथ मौके पर जा पहुंचे। रायशुमारी व बैठक के दौरान महूपुरा से गायत्री मंदिर के बीच वाहनों का काफी देर तक जाम लगा रहा। कई स्कूली बसें भी फंस गई।

कराड़ा के पहुंचते ही विवाद शुरू
रायशुमारी के दौरान कराड़ा व उनके समर्थकों के पहुंचने के बाद विवाद की स्थिति शुरू हुई। कराड़ा हॉल के गेट तक पहुंचे और रुक गए। इस दौरान उनके समर्थक जमकर नारेबाजी करने लगे। कराड़ा समर्थकों को देख वर्मा-सिकरवार समर्थकों का पारा भी चढ़ गया और हॉल के भीतर से ही नारेबाजी करने लग गए। करीब 15 मिनट तक नारेबाजी का दौर चलता रहा। इसके बाद पर्यवेक्षक सोलंकी हॉल से बाहर आए और कराड़ा को भीतर ले गए लेकिन समर्थक चुप नहीं हुए। मंच के सामने ही एक कार्यकर्ता ने दूसरे को थप्पड़ मार दिया।

इसके बाद दोनों गुट के कार्यकर्ता एक-दूसरे पर लात-घूसे बरसाने लगे। लाठियां भी चली। टीआई राजेंद्र वर्मा व अन्य पुलिसकर्मी हॉल में पहुंचे और दोनों पक्षों को अलग किया। विवाद के दौरान भगदड़ मच गई। कुछ ही देर हुई थी कि युकां प्रदेश प्रवक्ता कप्तान भी तीसरे गुट के रूप में समर्थकों के साथ जा पहुंचे।

कार्यकर्ताओं के सामने हाथ जोड़े
भले ही संगठन चुनाव की रायशुमारी हो लेकिन कांग्रेसी इसे विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे थे। इसलिए वर्मा-सिकरवार, कराड़ा एवं कप्तान अपने-अपने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करने पहुंचे। खास बात ये है कि समर्थकों को लाने वाले नेता बाद में उन्हें चुप कराने के लिए हाथ जोड़ते दिखाई दिए।

कार्यकर्ता बोला- सारे जयचंदों को बाहर करो
करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर 1.45 बजे मंच पर पर्यवेक्षक सोलंकी ने जैसे ही जिलाध्यक्ष रामवीरसिंह सिकरवार को बोलने के लिए बुलाया, तभी नीचे बैठे एक कार्यकर्ता ने कहा कि मंच के सारे जयचंदों को बाहर करो। ये जयचंदों की टोली है।

इसी बीच सिकरवार ने कहा कि हमें और जोर से बोलना आता है। कुछ देर तक जिलाध्यक्ष व कार्यकर्ता के बीच नोकझोंक हुई। इसे जब शांत कराया तो पूर्व पार्षद प्रतिनिधि चट्टानसिंह चंदेल ने कहा कि यहां तानाशाही मचा रखी है। पूर्व पार्षद बालकृष्ण चतुर्वेदी मंच पर ही पर्यवेक्षक से भिड़ पड़े।

नरेश कप्तान ने भी दिखाया दम 
पूर्व मंत्री कराड़ा के संबोधन के दौरान ही पर्यवेक्षक सोलंकी ने पास में खड़े युकां प्रदेश प्रवक्ता कप्तान से पूछ लिया कि आप कौन हैं? यह सुन कप्तान के समर्थन गुस्सा हो गए। वहीं कप्तान व पर्यवेक्षक के बीच जमकर बहस भी हुई। हालांकि, समर्थकों का गुस्सा कम न होने पर पर्यवेक्षक सोलंकी ने मंच पर ही माफी मांगते हुए समर्थकों को चुप कराने को कहा। इसके बाद कप्तान ने समर्थकों को चुप कराया। इधर, पूर्व मंत्री वर्मा के संबोधन के दौरान ही कराड़ा समर्थक हंगामा करने लगे। कराड़ा समर्थक वर्मा को बोलने नहीं देना चाहते थे। जिस पर कप्तान को फिर से मैदान संभालना पड़ा। उन्होंने सभी को चुप कराते हुए वर्मा का संबोधन कराया।

महिला नेत्रियां फंस गईं 
वर्मा-सिकरवार एवं कराड़ा समर्थकों के बीच हुए विवाद के दौरान शुजालपुर की पूर्व नपाध्यक्ष रचना जैन व अन्य नेत्रियां मंच पर ही थीं। इससे वे एक कोने में खड़ी हो गईं। जैसे ही भीड़ तितर-बितर हुई, उन्हें कुछ कांग्रेसियों ने घेरा बनाकर हॉल से बाहर निकाला। इसके बाद नेत्रियां हॉल में नहीं आई। वे पास स्थित नपा भवन की तीसरी मंजिल की गैलरी से सारा माजरा देखती रहीं।

नेता मोबाइल पर बनाते रहे वीडियो
मंच के सामने विवाद कर रहे कार्यकर्ताओं के कुछ नेताओं ने मोबाइल पर वीडियो भी बनाए। खुद जिलाध्यक्ष सिकरवार वीडियो बनाते नजर आए। सूत्र बताते हैं कि विवाद करने वालों के चेहरे वीडियो से पहचाने जाएंगे। जिन पर कांग्रेस कमेटी कुछ एक्शन ले सकती है। एक कार्यकर्ता ने तो माइक व उसकी मशीन पर पत्थर भी फेंके।

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