अमरनाथ यात्रियों पर हमला पाकिस्तान ने कराया था: जांच रिपोर्ट

Sunday, August 6, 2017

श्रीनगर। जम्मू कश्मीर पुलिस ने 27 दिन पहले हुए अमरनाथ यात्रियों पर हमले की जांच पूरी कर ली है। जांच में पाया गया है कि यह हमला पाकिस्तान ने कराया था। उनका टारगेट अमरनाथ यात्री ही थे। इसके लिए उन्होंने पहले रैकी की थी और ऐसे स्थान का चयन किया गया था जहां सुरक्षाबलों की मौजूदगी ना हो। गुजरात के अमरनाथ यात्रियों की बस को फालो किया गया और हमलावरों को सही समय पर संकेत दिया गया। बस के आते ही आतंकियों ने फायर खोल दिया। इस जांच रिपोर्ट के साथ ही उन तमाम लोगों के मुंह बंद हो गए हैं जो इस हमले को इत्तेफाक या पुलिस मुठभेड़ के बीच में आ गई यात्री बस बता रहे थे। 

श्रीनगर में 27 दिन पहले हुए हमले की गुत्थी को पुलिस ने रविवार को सुलझाने का दावा कर चार हमलावर आतंकियों के तीन सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर डीआइजी दक्षिण कश्मीर रेंज के कार्यालय में पुलिस महानिरीक्षक (आइजी) कश्मीर मुनीर अहमद खान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि हमला सुनियोजित था।यह एक घिनौनी आतंकी कार्रवाई थी। आतंकियों ने सुरक्षाबलों और श्रद्घालुओं पर हमला करने की साजिश रची थी। सुरक्षाबलों के वाहन के लिए कोड "बिलाल" था और श्रद्घालुओं के वाहन का "शौकत"। हमले की तैयारी नौ जुलाई, 2017 को भी हुई थी। उस दिन हाईवे से सुरक्षाबलों या श्रद्घालुओं का कोई अकेला वाहन सूर्यास्त के बाद नहीं निकला था। इसलिए आतंकियों का मंसूबा पहले दिन पूरा नहीं हुआ।

मुनीर खान ने बताया कि हमले का मास्टरमाइंड लश्कर कमांडर अबु इस्माइल है। उसके साथ हमले को अंजाम देने वाले अन्य तीन आतंकियों में पाकिस्तान के अबु माविया और फुरकान के अलावा हिबलिश कुलगाम का निवासी यावर बशीर उर्फ आयन शामिल है। आतंकियों की मदद बिलाल अहमद रेशी, मेडिकल रिप्रजेंटेंटिव एजाज अहमद वगे और राज्य परिवन निगम में तदर्थ चालक जहूर अहमद शेख ने की। जहूर कुलगाम जिले के खुडवनी इलाके का रहने वाला है।

तीनों ने ही हमले के लिए जगह का चुनाव किया था। हमले के बाद आतंकियों को सुरक्षित खुडवनी पहुंचाने में तीनों शामिल रहे। पूछताछ में तीनों ने हमले की पूरी साजिश के बारे में बताया है। आइजी के मुताबिक यह हमला सुनियोजित था और इसके लिए लश्कर ही पूरी तरह जिम्मेदार है। इस्माइल व अन्य तीन आतंकियों के बारे में पूछे जाने पर आइजी ने कहा कि हम जल्द ही उन्हें पकड़ लेंगे।

श्रीनगर के मदरसे में पढ़ता था यावर
तीन पाकिस्तानी आतंकियों के साथ मिलकर 10 जुलाई को बटेंग में बाबा अमरनाथ के श्रद्घालुओं पर हमला करने वाला स्थानीय आतंकी यावर बशीर इसी साल फरवरी में लश्कर में भर्ती हुआ था। वह श्रीनगर में हजरतबल दरगाह के पास स्थित दारुल-उलूम-बिलालिया में पढ़ रहा था। उसने चार फरवरी, 2017 को हजरतबल दरगाह के पास ही एक सुरक्षाकर्मी पर हमला कर उसकी राइफल छीन ली थी और उसके बाद वह लश्कर का सक्रिय आतंकी बन गया था।

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