921 करोड़ की कंपनियों के डायरेक्टर की पत्नी को 4 लाख रुपए गुजारा भत्ता मिलेगा

Sunday, August 27, 2017

नई दिल्ली। यहां एक कोर्ट ने 921 करोड़ की कंपनियों के डायरेक्टर एवं मालिक के बेटे को आदेशित किया है कि वो अपनी पत्नी को 4 लाख रुपए प्रतिमाह गुजारा भत्ता दे। इतना ही नहीं हर साल इसमें 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की जाएगी। पति ने कोर्ट में दावा किया था कि वो मात्र 90 हजार रुपए प्रतिमाह कमाता है। हाईप्रोफाइल फैमिली के इस केस में बड़ा टर्न तो तब आया जब पीड़िता ने एक मेग्जीन पेश की जिसमें बताया गया था कि यह फैमिली करीब 1000 करोड़ की संपत्तियों की मालिक है और भारत की सुपर रिच फैमिली में से एक है। 

अदालत ने गुजारा भत्ता तय करते समय इस तथ्य का संज्ञान लिया कि एक कारोबारी पत्रिका की ओर से जारी 'बेहद अमीर श्रेणी' की सूची में पति का नाम आता है। प्रिंसिपल जज नरोत्तम कौशल ने कहा कि परिवार के कारोबार की 'सुपर रिच लिस्ट' में जगह और फार्च्यून 500 प्रकाशन में उनकी कंपनियों का मूल्य 921 करोड़ रुपये दिखाया जाना इस बात का संकेत है कि पति देश के एक बेहद प्रभावशाली कारोबारी परिवार से आता है। वह एक मात्र बेटा है जो अपने पिता के साथ रह रहा है। उनका घर किसी पांच सितारा होटल जैसा है।

न्यायाधीश ने इसके साथ ही गुजारे भत्ते में प्रतिवर्ष 15 फीसदी की बढ़ोतरी करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पति की आय में पिछले दो वित्त वर्ष के दौरान महत्वपूर्ण उछाल आया है। इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। इसलिए पति की आय में इन बढ़ोतरी का फायदा उनकी पत्नी को भी मिलना चाहिए।

2008 में पत्नी को घर से निकाला
अपने वकील मानव गुप्ता के जरिए दायर याचिका में महिला ने आरोप लगाया था कि मार्च 2008 में उसे ससुराल से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद उसने अदालत में गुजारे भत्ते के लिए याचिका दायर की। वहीं पति ने जनवरी, 2011 में तलाक के लिए याचिका दायर की।

पति ने कहा, सिर्फ 90 हजार कमाता हूं
पति का दावा है कि वह कई कंपनियों का निदेशक है। पर सिर्फ एक कंपनी से ही उसे सैलरी मिलती है। वह भी सिर्फ 90 हजार रुपये महीने। 

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