KARNATAKA OPEN UNIVERSITY: कॉलेज सील, फर्जीवाड़े का आरोप

Friday, July 14, 2017

आनंद ताम्रकार/बालाघाट। जिले के तहसील मुख्यालय लालबर्रा में SHIVAJI GROUP OF EDUCATION  मानपुर द्वारा पिछले 4 वर्षो से संचालित हो रहे डीएड, बीएड कालेज को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर जिला प्रशासन द्वारा 12 जुलाई को सील कर दिया गया। इस कालेज में कर्नाटक ओपन यूनीर्वसिटी के नाम पर दुरस्थ शिक्षा केन्द्र के माध्यम से छात्र-छात्राओ को प्रवेश दिलाया जाता था। यह उल्लेखनीय है कि शिवाजी ग्रुप आफ एजुकेशन कालेज को 11 सितम्बर 2015 को बीएड और डीएड के नाम पर फर्जीवाडा करने के आरोप में पूर्व में प्रशासन द्वारा सील किया गया था। इस कालेज में मान्यता प्राप्त होने का दावा करते हुये बीएड की कक्षाओं में बालाघाट एवं सिवनी जिले के लगभग 450 अभ्यार्थीयों को प्रवेश दिलवाया गया था लेकिन परीक्षा की नियत तिथि पर प्रश्नपत्र ना मिलने एवं अन्य विषयों की बजाये अग्रेंजी का प्रश्न पत्र मिलने पर छात्र-छात्राओं ने हंगामा खडा कर दिया।

छात्रों ने आरोप लगाया था कि उन्हें गुमराह करते हुये 50 हजार रूपये लेकर कर्नाटक ओपन यूनिर्वासिटी के माध्यम से परीक्षा करवाई जा रही है। इस फर्जीवाडे की शिकायत छात्रों ने पुलिस को की जिसके आधार पर पुलिस ने कालेज से दस्तावेज जप्त किये और संचालक महेन्द्र सारवे को गिरफ्तार किया। इस कार्यवाही के विरूद्ध संस्था द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर की गई थी जिसे खारिज कर दिया गया।

इसी परिपेक्ष्य में मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग मंत्रालय के पत्र क्रमांक 854/15/न्याया/टीएल/सीसी 2017/38-1 भोपाल से 22 जून 2017 तथा क्षेत्रीय कार्यालय उच्चशिक्षा जबलपुर संभाग के पत्र क्रमांक 1281 जबलपुर दिनांक 28 जून 2017 को निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वारासिवनी तहसीलदार लालबर्रा डीएस मरावी एवं स्नातक महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य प्रीति वासनिक के द्वारा पुलिस की उपस्थिति में कालेज को सील कर दिया गया।

यह उल्लेखनीय है कि बालाघाट जिले में ऐसे अनेक संस्थायें अभी भी संचालित कि जा रही है जो प्रदेश तथा प्रदेश के बाहर के विश्वविद्यालयों से मान्यता प्राप्त होने का दावा कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इन संस्थाओं के पास मान्यता संबंधित दस्तावेज नही है लेकिन विज्ञापनों के माध्यमों से विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश करने का हवाला देकर छात्र-छात्राओं से प्रवेश शुल्क के नाम पर हजारों रूपये वसूल रहे है।

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