इंदौर-गुवाहाटी साप्ताहिक एक्सप्रेस शुरू

Friday, July 7, 2017

INDORE : इंदौर-गुवाहाटी साप्ताहिक एक्सप्रेस (19305) शुक्रवार से शुरू हो गई। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने स्टेशन पर और रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग द्वारा ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। ट्रेन शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे कामाख्या स्टेशन पहुंचेगी। इसके बाद यहीं ट्रेन गुवाहाटी-इंदौर एक्सप्रेस (19306) बनकर रविवार शाम 5 बजे रवाना होगी। इसी दौरान रीवा-इंदौर एक्सप्रेस (11703/11704) का विस्तारीकरण हुआ। डॉ. आंबेडकर नगर (महू) खंड में विद्युतीकरण काम का लोकार्पण भी हुआ।

यह ट्रेन इंदौर से रवाना होकर देवास, उज्जैन, शुजालपुर, बैरागढ़, विदिशा, बीना, ललितपुर, झांसी, ओरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, सुल्तानपुर, जोनपुर सिटी, वाराणसी, गाजीपुर सिटी, बालिया, छपरा, सोनपुर, हाजीपुर, बेगुसराय, खगारिया, मोनसी, कटिहार, किशनगंज, बिन्नागुरी, हासीमारा, अलीपुरद्वार जंक्शन, कोकराझार होते हुए कामख्या जंक्शन पहुंचेगी। वापसी में ये इन्हीं स्टेशनों से होते हुए लौटेगी।

इंदौर को बड़ी लाइन से जुड़े 61 साल हो गए, लेकिन फर्राटा और विशेष श्रेणी की ट्रेनों के मामले में शहर के हाथ खाली रहे। सात साल पहले इंदौर-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस जैसी फुल्ली एसी ट्रेन मिल पाई। दुरंतो ट्रेन जनवरी-2010 में शुरू की गई थी। इसके बाद इंदौर-भोपाल/हबीबगंज डबल डेकर एसी ट्रेन जरूर मिली, लेकिन वह भी बंद कर दी गई। तब रेलवे बोर्ड ने भरोसा दिया था कि डबल डेकर बंद होने के एवज में दूसरी वैकल्पिक ट्रेन इंदौर को दी जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इंदौर-सूरत के बीच डबल डेकर ट्रेन चलाने के प्रस्ताव को भी बोर्ड ने कोई तवज्जो नहीं दी।

पिछले साल रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने इंदौर-गुवाहाटी के बीच हमसफर (थर्ड एसी की ट्रेन) एक्सप्रेस चलाने का ऐलान किया था, लेकिन पहले पुराने कन्वेंशनल रैक भेज दिए गए और जब हल्ला मचा तो ताबड़तोड़ नए एलएचबी रैक की व्यवस्था की गई। विशेष श्रेणी की ट्रेन चलाने के मामले में बोर्ड अफसरों का हमेशा से तर्क रहा है कि इंदौर से एसी श्रेणी के यात्रियों का ट्रैफिक कम है। यह तर्क सही भी है, तब भी सप्ताह में एक या दो दिन एसी श्रेणी की ट्रेनें चलाई जा सकती हैं।

डबल डेकर ट्रेन को पर्याप्त ट्रैफिक इसलिए नहीं मिला, क्योंकि इंदौर-भोपाल रूट पर वॉल्वो बसें शुरू हो चुकी थीं, जिनका किराया ट्रेन से कम और समय पालन ट्रेन से कहीं बेहतर है। अभी भी इंदौर-भोपाल/हबीबगंज के बीच एक इंटरसिटी ट्रेन की जरूरत है जो देवास-मक्सी होकर सुबह भोपाल से चले और शाम को इंदौर से।

SHARE WITH YOU FRIENDS

-----------

CHOOSE YOUR FAVOURITE NEWS CATEGORY | कृपया अपनी पसंदीदा श्रेणी चुनें


खबरें जो आज भी सुर्खियों में हैं

Trending

Popular News This Week