मलेरिया संविदा कर्मचारियों ने बोर्ड आफिस चौराहे पर चक्काजाम किया

Tuesday, July 25, 2017

भोपाल। सेवा समाप्ति का नोटिस दिये जाने के बाद जून माह में संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ और एम.पी.डब्ल्यू संविदा एसोसिएशन के बैनर तले आंदोलन कर रहे मलेरिया संविदा कर्मचारियों को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा स्वास्थ्य मंत्री रूस्तम सिंह ने मुख्यमंत्री निवास पर बुलाकर स्पष्ट आश्वासन दिया था कि आप आंदोलन नहीं करो हम किसी भी मलेरिया संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त नहीं होने देंगें और सबकी वापसी के आदेश करेंगें। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के दिये गये स्पष्ट आश्वासन के बाद मलेरिया संविदा कर्मचारियों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था। मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के दिये गये आश्वासन के बीस दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह मलेरिया एम.पी.डब्ल्यू संविदा कर्मचारियों की वापसी की आदेश जारी नहीं कर हठधर्मिता अपना रहीं हैं, जिसके कारण आज मलेरिया संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का सब्र का बांध टूट गया। 

जिसके कारण म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर तथा संविदा एम.पी. डब्ल्यू, मलेरिया ऐसोसियेशन के अध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों संविदा कर्मचारियों ने एम.पी.नगर बोर्ड आफिस चौराहे पर जमकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की तथा बोर्ड आफिस चौराहे पर चक्का जाम किया।

धरने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दे रही सरकार
जिला प्रशासन सरकार के इशारे पर संविदा कर्मचारियों को धरने प्रदर्शन के लिए स्थान नहीं दे रहा है। जिसके कारण मलेरिया संविदा कर्मचारियों को बोर्ड आफिस चौराहे पर प्रदर्शन करना पड़ा।

क्या मलेरिया संविदा कर्मचारियों का मामला
मलेरिया संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति वर्ष 2010 में बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पद पर केन्द्र सरकार के निर्देश पर हुई थी। केन्द्र सरकार ने तीन वर्ष के लिए आर्थिक सहायता मप्र शासन को उपलब्ध कराई थी तथा निर्देश दिया था कि तीन वर्ष पश्चात् मप्र शासन में पद सृजित कर याचिकाकर्ताओं को नियमित नियुक्त करेगा। मप्र शासन द्वारा मलेरिया लिंक वर्करों को दिनांक 31.5.2017 को संचालक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक 30.6.2017 से सेवाएं समाप्त करने का नोटिस जारी कर दिया है।

सात वर्ष की सेवा के बाद कहां जायेंगें संविदा कर्मचारी
मलेरिया संविदा कर्मचारियों ने सात वर्ष कार्य किया है। अपना महत्वपूर्ण समय स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के लिए दिया है। अब संविदा कर्मचारी अधिकारी कहा जायेंगें।

हाईकोर्ट ने भी दे दिया स्टे
मप्र जबलपुर उच्च न्यायालय द्वारा सेवा से निकालने के लिए जारी किये गये नोटिस पर स्थगन दे दिया है उसके बाद भी सेवा से बहाली के आदेश जारी नहीं कर रहा विभाग।

प्रमुख सचिव गौरी सिंह की हठधर्मिता
स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव गौरसिंह हठधर्मिता अपनाकर मलेरिया संविदा कर्मचारियों की सेवा बहाली के आदेश जारी नहीं कर रही हैं। मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर और संविदा एम.पी. डब्ल्यू एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से मांग की है कि दिये गये आश्वासन के अनुसार मलेरिया संविदा कर्मचारियों को बहाल किया जाए।

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