बदला: पिता की हत्या के 22 साल बाद हत्यारोपी को गोलियों से भून डाला

Thursday, July 27, 2017

गुड़गांव। गुड़गांव के सेक्टर 69 में एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि यह हत्या एक ऐसे युवक ने की है जिसके पिता की हत्या 22 साल पहले हो गई थी। तब वो मात्र 2 साल का था। पिता की हत्या का बदला लेने के लिए वो खुद क्रिमिनल बन गया। उसने हथियार चलाना सीखे और जब उसे आत्मविश्वास हो गया कि उसका हमला खाली नहीं जाएगा तब उसने अपने पिता के हत्यारोपी को घेरकर गोलियों से भून डाला। 

गुड़गांव के सेक्टर 69 में एक प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार सेठी की हत्या के मामले में में 24 साल के दीपक को पुलिस ने मुख्य आरोपी के तौर पर दर्ज किया है। दीपक अपने पिता की मौत का बदला राजकुमार से लेना चाहता था। सोमवार की देर रात राजकुमार पर उस वक्त 4 से 5 लोगों ने 8 गोलियां मारी जब वो सोहना रोड पर अपने ऑफिस से घर लौट रहे थे। राजकुमार को छाती, सिर और हाथ-पैर में गोली मारी गई। 

ढूंढकर निकाला और गोलियां बरसा दीं 
बादशाहपुर के पास इस्कॉन मंदिर से एक काले रंग की कार ने राजकुमार का पीछा करना शुरू कर दिया। पुलिस का कहना है कि ऐसा लगता है कि मृतक को कुछ लोगों के पीछा करने की भनक लग गई थी इसलिए उसने अपनी कार की रफ्तार काफी तेज कर दी। पुलिस ने बताया, 'पीछा कर रहे लोगों ने उसके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद राजकुमार ने कार से निकलकर एक घर में शरण ली। दीपक और उसके साथियों ने पीछा करके उसे ढूंढ़ निकाला और उसकी हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, 'राजकुमार के पिता हंसराज के कहने पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस को हत्या में प्रयोग हुए काले रंग की कार भी मिल गई है। 

22 साल पहले हुई थी पिता की हत्या
प्रॉपर्टी डीलर की हत्या 22 साल पहले हुई हत्या का परिणाम बताई जा रही है। 22 साल पहले दीपक के पिता की हत्या हुई थी। इस हत्या में प्रॉपर्टी डीलर का नाम सामने आया था। इस मामले में वह तीन महीने तक जेल में भी रहा था। दोनों पक्षों में समझौता होने पर वह बरी हो गया था। हत्या के समय दीपक की उम्र 2 साल थी। वो पूरे 22 साल तक बदले की आग में जलता रहा और मौका मिलते ही उसने राजकुमार को मौत के घाट उतार दिया। पुलिस अब तक की जांच में इसी पुरानी रंजिश को डीलर की हत्या की वजह मानकर चल रही है। 

बदला लेने के लिए क्रिमिनल बन गया था दीपक 
पुलिस के मुताबिक दीपक एक महीने पहले ही भौंडसी जेल से बाहर आया था। कुछ समय पहले नारनौल में हुई गैंगवॉर में शामिल होने के आरोप में वह अरेस्ट हुआ था। इसके बाद से वह नारनौल जेल में था। 1995 में जब दीपक के पिता की हत्या हुई, उस वक्त वह केवल 2 साल का था। पिता की मौत का बदला लेने के लिए दीपक ने हथियार चलाने सीधे और कई अपराध भी किए। 

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