2000 का नोट चल रहा है या बंद कर दिया: वित्तमंत्री चुप

Wednesday, July 26, 2017

नई दिल्ली। नए नोटों को लेकर आज राज्यसभा में बड़ा घटनाक्रम हुआ। विपक्ष ने नए नोटों को लेकर कई सवाल दागे परंतु वित्तमंत्री अरुण जेटली ने किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने यह भी कहा कि यदि सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की तो अफवाहों को बल मिलेगा। बावजूद इसके वित्तमंत्री ने कुछ नहीं कहा। स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई कि सरकार 2000 के नोट के साथ क्या करने जा रही है। छपाई सचमुच बंद है या नहीं। ये नोट प्रचलन में रहेंगे या नहीं। 

बुधवार को राज्यसभा में समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने सवाल उठाया कि क्या 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद हो गई है? उन्होंने सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे उपसभापति पी. जे. कुरियन से कहा कि जब परंपरा रही है कि संसद सत्र के दौरान सरकार अगर नीतिगत फैसले लेती है तो सदन को बताया जाता है। ऐसे में इस बात की भी जानकारी देनी चाहिए कि क्या सरकार ने रिजर्व बैंक को 2000 रुपये के नोटों की छपाई बंद करने को कहा है। 

सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा, 'रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के 3.2 लाख करोड़ रुपये छापे। लेकिन अब सरकार ने इनकी छपाई करने से मना कर दिया। नोटबंदी का जो आदेश पहले हुआ, वह रिजर्व बैंक ने नहीं लिया, सरकार ने लिया। रिजर्व बैंक के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने मना किया था, तब भी सरकार ने नोटबंदी का फैसला लिया।' इस पर उपसभापति ने कहा कि यह रिजर्व बैंक का विशेषाधिकार है। दरअसल, उनका कहना था कि नोटबंदी का फैसला सरकार नहीं, रिजर्व बैंक ही ले सकता है। 

इस पर कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने कहा कि अगर नोटबंदी का फैसला रिजर्व बैंक का था तो 8 नवंबर 2016 को इसकी घोषणा प्रधानमंत्री ने क्यों की? आजाद ने अग्रवाल के सवाल को बढ़ाते हुए कहा कि आए दिन अखबारों में रोज कुछ न कुछ छपता रहता है कि 1000 रुपये के सिक्के आ रहे हैं। कभी 200 रुपये के तो कभी 500 रुपये के सिक्के आने की बातें होती हैं। हकीकत क्या है, सरकार को बताना चाहिए। आजाद ने पूछा, 'क्या हमें 1000 रुपये के सिक्के मिलनेवाले हैं?

आजाद के इस सवाल पर उपसभापति ने सदन में मौजूद वित्त मंत्री अरुण जेटली से पूछा कि क्या इन सवालो पर वह अपनी प्रतिक्रिया देना चाहते हैं? इस पर जेटली ने नहीं में जवाब दिया। तब जेडीयू सांसद शरद यादव ने विपक्ष की ओर से मोर्चा संभालते हुए कहा कि सरकार ने 2000 रुपये के नोटों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की तो अफवाहों का बाजार गर्म होगा और लोग नोट लौटाने लगेंगे। 

उन्होंने कहा कि नरेश अग्रवाल ने जो सवाल उठाया, इस पर तत्काल सफाई होनी चाहिए। जेडीयू सांसद ने कहा, यह देश अफवाहें खाता है, अफवाहें पीता है और अफवाहें ओढ़ता है। लोग सबसे ज्यादा अफवाह ही अब्जॉर्ब करते हैं। यह मामला गंभीर है। इस पर आपको स्थिति साफ कर देनी चाहिए। वरना लोग तरह-तरह से 2000 रुपये के नोट लौटाने लगेंगे।' 

गौरतलब है कि पिछले दिनों मीडिया में 2000 रुपये के नोटों को लेकर अलग-अलग तरह की खबरें आई थीं जिनमें इनकी छपाई बंद होने तक की बात भी कही गई थी। इससे पहले 200 रुपये के नोट लाए जाने की भी खबरें आ चुकी हैं।

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