UJJAIN में महाकाल नाराज, ज्योतिर्लिंग का क्षरण

Saturday, June 3, 2017

उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध भगवान महाकालेश्वर के ज्योतिर्लिंग का क्षरण शुरू हो गया है। पंडितों का मानना है कि महाकाल नाराज हो गए हैं जबकि मंदिर प्रबंध समिति का अनुमान है कि मिलावटी दूध से अभिषेक होने के कारण ज्योतिर्लिंग का क्षरण हो रहा है। बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में बाबा महाकाल की सेवा एवं पूजा में कई तरह के नियम भंग हो रहे हैं। ताकतवर लोग गाहे बगाहे गर्भगृह में घुस जाते हैं। रिश्वत के बदले विशेष अभिषेक की अनुमतियां दी जा रहीं हैं। शुद्धता और आराधना प्रक्रियाओं को तोड़ा जा रहा है। जबकि बाबा महाकाल एक ज्योतिर्लिंग हैं और इसके चमत्कार विज्ञान को भी आश्चर्यचकित करने वाले हैं। 

ज्योतिर्लिंग के क्षरण से परेशान मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक और संयुक्त कलेक्टर एसएस रावत ने दूध की शुद्धता की जांच के लिए खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन चढ़ाए जाने वाले दूध से महाकालेश्वर के ज्योतिर्लिंग का क्षरण न हो सके इसकी शुद्धता की जांच के लिए मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक और संयुक्त कलेक्टर एसएस रावत ने खाद्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि मंदिर के आसपास विक्रय हो रहे दूध के नमूने लेकर उनकी जांच किया जाए, जिससे यह पता चल सके कि भगवान महाकाल पर चढ़ने वाले दूध में कितनी शुद्धता है। 

चमत्कारी ज्योतिर्लिंग है महाकाल
उज्जैन स्थित महाकाल के नाम से विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग एक चमत्कारी शिवलिंग है। इसके चमत्कार आज भी अबूझ हैं। उज्जैन में आज भी कोई राजा रात्रिविश्राम नहीं करता। ज्योतिषाचार्य डॉ आरएस अवस्थी बताते हैं कि इस तरह के पवित्र ज्योतिर्लिंग की सेवा एवं पूजा के नियमों का पालन करना हर हाल में अनिवार्य होता है। इसीलिए उज्जैन में कई विद्वानों को सेवाकार्य में लगाया गया था परंतु पिछले कुछ वर्षों में महाकाल का मंदिर कुछ लोगों की अतिरिक्त आय का जरिया बन गया है। सत्ताधारी नेता भी नियम पालन नहीं करते। अत: ज्योतिर्लिंग का क्षरण स्वभाविक है। जब तक शुद्धता एवं पूजाविधान का पालन नहीं किया जाएगा, इस तरह के क्षरण को रोकना असंभव है। 

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