MP से घबराई महाराष्ट्र सरकार ने किसानों का LOAN माफ किया

Sunday, June 11, 2017

नई दिल्ली। मप्र में हुए हिंसक किसान आंदोलन का असर सारे देश पर दिखाई दे रहा है। यूपी में कर्ज वसूली रोक दी गई है तो महाराष्ट्र में भाजपा सरकार ने किसानों का कर्ज माफ कर दिया। हालांकि मप्र में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। उल्टा मुख्यमंत्री किसानों के खिलाफ उपवास पर बैठ गए। मप्र के कृषिमंत्री गौरीशंकर बिसेन ने साफ साफ कहा कि कर्ज माफी का तो सवाल ही नहीं उठता। अब महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश के बाद देश का दूसरा भाजपा शासित राज्य हो गया है जहां किसानों का कर्ज माफ कर दिया गया। 

महाराष्ट्र में किसान नेताओं ने 12 जून, सोमवार को प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, सरकार के ऐलान के बाद किसान नेताओं ने प्रदर्शन वापस लेने का ऐलान किया है। हालांकि, किसान नेता ने कहा कि अगर 25 जुलाई तक सरकार इस फैसले पर अमल नहीं करेगी तो दोबारा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

ऋण माफी से किसान खुश
राजस्व मंत्री चन्द्रकांत पाटिल ने कहा, ‘‘सरकार ने किसानों का ऋण माफ करने का निर्णय किया है। सीमांत किसानों का सारा ऋण आज से ही माफ किया जाता है।’’ मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा गठित उच्च-स्तरीय समिति के अध्यक्ष पाटिल आज यहां किसान नेताओं से चर्चा के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। वार्ता में भाग लेने वाले किसान नेता और लोकसभा सदस्य राजू शेट्टी ने कहा कि वह खुश हैं कि उनकी मांगें मान ली गयी हैं।

25 जुलाई तक मोहलत
शेट्टी ने कहा, ‘‘हमारे मुद्दे सुलझ गये हैं। हमने कल और परसों होने वाले धरना प्रदर्शन सहित अपना आंदोलन अस्थाई रूप से वापस लेने का फैसला लिया है। लेकिन, यदि 25 जुलाई तक (ऋण माफी पर) कोई संतोषजनक फैसला नहीं लिया गया तो हम अपना आंदोलन फिर शुरू करेंगे।’’ अन्य किसान नेता रघुनाथदादा पाटिल ने कहा कि मंत्री ने आश्वासन दिया है कि किसानों का ‘‘सारा कर्ज’’ माफ होगा। उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल दीवाली के त्योहार जैसा माहौल है। हमारी सभी, 100 प्रतिशत, मांगें मान ली गयी हैं।’’ उन्होंने कहा कि मंत्रीसमूह ने किसानों को नये सिरे से ऋण देना शुरू करने का फैसला लिया है।

ऋण माफी की मांग पर किसान कर रहे आंदोलन
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्ज माफी सहित किसानों की विभिन्न मांगों पर विचार करने के लिए छह सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की थी। उल्लेखनीय है कि राज्य में किसान ऋण माफी सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन को लेकर फडणवीस विपक्ष के निशाने पर हैं।

शिवसेना भी साध रही थी निशाना
केंद्र और महाराष्ट्र की भाजपा की अगुवाई वाली सरकारों में गठबंधन सहयोगी के तौर पर शामिल शिवसेना ने भाजपा से कहा था कि यदि वह राज्य में मध्यावधि चुनाव से बचना चाहती है तो ‘‘किसानों का कर्ज पूरी तरह माफ’’ करने की घोषणा करे। 

निर्दलीय विधायक बाचु काडु ने कहा, ‘‘हम कल और 13 जून को आहूत सड़क और रेल रोको आंदोलन वापस ले रहे हें।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन, यदि आज लिये गये फैसले 24 जुलाई तक लागू नहीं होते हैं तो, किसान अपना आंदोलन फिर शुरू करेंगे।’’ राजस्व मंत्री से जब पूछा गया कि आज से जब नये सिरे से ऋण दिया जा रहा है तो क्या पुराने रिण का समावेशन होगा, उन्होंने कहा, ‘‘यह सामान्य बैंकिंग प्रश्न है। जब तक पुराना ऋण माफ नहीं होगा, नया ऋण नहीं मिल सकता।’’ 

कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन हिंसक हो गया था, जिसमें फायरिंग में छ किसानों की मौत हो गई थी। यहां भी किसान कर्ज माफी को लेकर आंदोलन कर रहे थे।

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