CM के गांव, सागर और पन्ना में भी किसानों ने आत्महत्याएं कर लीं

Thursday, June 22, 2017

भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्याएं तेज होती जा रहीं हैं। किसान आंदोलन के समय किसानों को असामाजिक तत्व कहने वाली सरकार के नेता अब कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। सीएम शिवराज सिंह की विधानसभा बुधनी के गांव गोआरिया में एक किसान ने खुद तो आत्महत्या की ही, अपनी पत्नि से भी कह गया कि तू भी आत्महत्या कर लेना। उधर सागर में किसान द्वारा सुसाइड किए जाने के बाद गुस्साए किसानों ने हार्इ्वे पर चक्काजाम कर दिया। उधर पन्ना से भी एक किसान के सुसाइड करने की खबर आ रही है। कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने दावा किया है कि किसान पर साहूकार का कर्ज था। कलेक्टर का कहना है कि वो बीमार था। हालात एक बार फिर बिगड़ने लगे हैं। 

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के गोआरिया गांव के किसान शत्रुधन मीणा (55) को गंभीर हालत में बुधनी से होशंगाबाद लाया गया था, जहां एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान किसान की मौत हो गई। गुरुवार सुबह मृतक किसान का बड़ा भाई भगवती प्रसाद मीना उसके घर पहुंचा था। इस दौरान शत्रुधन ने बताया कि वह कर्ज, बिजली कनेक्शन और तहसील कार्यालय द्वारा बनाए गए जमीन के गलत नक्शे से परेशान है। इन परेशानियों से निजात पाने के लिए उसने जहरीली दवा खा ली है। यह सुनते ही भगवती और उसका परिवार तत्काल उसे लेकर सीहोर अस्पताल पहुंचा, जहां से डॉक्टरों ने किसान को होशंगाबाद रेफर कर दिया। होशंगाबाद के एक निजी अस्पताल में किसान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

तहसीलदार ने जमीन दूसरे के नाम कर दी 
अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस एसएन चौधरी ने बताया कि किसान पर करीब 10 से 12 लाख रुपए का कर्ज था। उसने अपनी बेटी की शादी के लिए ये राशि स्थानीय साहूकारों से ली थी। इस बीच किसान को अपने खेत में बिजली का स्थाई कनेक्शन लेना था, जिसके संबंध में वह गुरुवार सुबह तहसील कार्यालय गया था। कार्यालय में उसे पता चला कि वह जिस सात एकड़ जमीन को अपनी मान रहा है, वह उसके नाम ही नहीं है। कार्यालय से आने के बाद परेशान किसान ने सल्फास खा लिया।

पत्नी से कहा- तू भी खा ले जहर
किसान के परिजन ने बताया कि किसान ने तहसील कार्यालय से आने के बाद अपनी पत्नी से कहा कि जमीन का खसरा उसके नाम पर नहीं है। उसने बताया कि लेनदारों ने धोखे से जमीन अपने नाम लिखवा ली है। वह उन लेनदारों के खिलाफ ज्यादा लंबी लड़ाई नहीं लड़ सकता इसलिए उसने यह कदम उठाया है।  परिजनों का कहना है कि, आए दिन लेनदार उनके परिवार को पैसों के लिए परेशान करते थे। उसने अपनी पत्नी से भी जहर खाने को कहा और इसके बाद खुद जहर खा लिया। किसान की दो बेटियां थी औऱ दोनों की शादियां हो चुकी हैं। एक बेटा है, जो खेती में किसान की मदद करता था।

सागर में किसानों ने हाईवे जाम किया 
सागर के खिमलासा थाना क्षेत्र के बसाहरी गांव में रहने वाले एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर बुधवार की दोपहर में फांसी लगा ली। गुस्साए परिजनों ने माल्थौना स्टेट हाईवे पर जाम लगाया और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। किसान ने सुसाइड नोट में साहूकार द्वारा परेशान करने की बात लिखी है। एसडीओपी के अनुसार किसान गुलई पिता गनेश कुर्मी (48) का शव अचारोवारी का पठार स्थित झमाधर के खेत में लगे महुआ के पेड़ पर फंदे से लटका देखा गया। दोपहर डेढ़ बजे गांव की कोटवार रामकली के पति गनेशराम चढ़ार ने सूचना पुलिस को दी। पुलिस को शव एवं आसपास तलाशी लेने पर एक सुसाइड नोट मिला है जिसे बरामद किया गया है।

क्या लिखा सुसाइड नोट में...
सुसाइड नोट में गांव के ही शंकर उदेनिया पर धोखाधड़ी कर उसकी करीब दो एकड़ जमीन हड़पना बताया गया है। इसके अलावा लिखा है कि उसने जमीन गिरवी रखकर खेती के लिए शंकर से एक लाख रुपए लिए थे। लेकिन धोखाधड़ी कर जमीन का बैनामा शंकर ने अपनी पत्नी के नाम करा लिया। इस बीच हम ब्याज देते रहे। बाद में शंकर की नीयत बदल गई और उन्होंने जमीन के बदले 2 लाख 50 हजार रुपए पर हिसाब कर दिया। फिर भी वे हमसे और पैसा मांग रहे थे तथा न देने पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। किसान के परिजन चिंतामन पटेल, रमेश कुमार, रामाधर पटेल, दिनेश पटेल, राजा कुर्मी, मम्मू पटेल, बल्लू, करन सिंह राजपूत ने साहूकार द्वारा जमीन हड़पना बताया।

पन्ना में कारण स्पष्ट नहीं
पन्ना। पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के सिमरा खुर्द गाँव मे संतोष प्रजापति पिता नंगा प्रजापति नाम के युवक ने अपने ही खेत में जहर खा कर आत्महत्या कर ली। किसान की मौत पर पवई थाना प्रभारी शौरभ बाथम का कहना है कि किसान काफी समय से बीमार था। उसके सीने में दर्द था जिससे तंग हो कर उसने सुसाइड किया है। वही व्हाट्सअप पर लगातार पवई विधायक मुकेश नायक का बयान पढ़ने को मिल रहा है कि किसान ने सहकारी बैंक से किसान क्रेडिट कार्ड का कर्ज लिया था जिससे परेसान होकर किसान संतोष प्रजापति ने आत्महत्या की है। 

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