मप्र संविदा शिक्षक भर्ती अब 2018 में ही हो पाएगी

Saturday, June 24, 2017

भोपाल। मध्यप्रदेश में अब 2017 शिक्षा सत्र में संविदा शिक्षकों की भर्ती की उम्मीद खत्म हो गई है। सरकार अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि अतिथि शिक्षकों को कितने बोनस अंक दिए जाएं। बस इसी समस्या को लेकर परीक्षा को लगातार अटकाया जा रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। इस पर फैसले के बाद भर्ती नियमों में बदलाव किया जाएगा। इस प्रक्रिया में 4 से 5 माह लगने के आसार हैं। यानि संविदा शिक्षकों की भर्ती चुनावी साल (2018) में ही होगी।

राज्य सरकार ने 2013 में विधानसभा चुनाव के ठीक पहले प्रदेश में संविदा शाला शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की थी। भर्ती नियम तैयार करते-करते चुनाव भी हो गए। इसके बाद से सरकार दो बार नियम जारी कर चुकी है। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) 3 बार परीक्षा की संभावित तारीखें घोषित कर चुका है, लेकिन भर्ती नहीं हो रही।

इस बीच शिक्षकों के रिक्त पद 22 हजार से बढ़कर 41 हजार तक पहुंच गए। आखिरकार वित्त विभाग की आपत्ति के बाद कैबिनेट को 9 हजार 560 पद कम करने पड़े। अब 31 हजार 645 पदों पर भर्ती होना है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 41 हजार 218 शिक्षकों की कमी है।

75 हजार अतिथियों को साधने की कोशिश 
सरकार 10 साल से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे 75 हजार अतिथि शिक्षकों को खुश करने की कोशिश में लगी है। उन्हें संविदा शाला शिक्षक भर्ती परीक्षा में बतौर बोनस 15 अंक दिए जाएंगे। यानि 100 अंक की परीक्षा में यदि 60 अंक लाना जरूरी होगा, तो अतिथि शिक्षकों को 45 अंक पर भी उत्तीर्ण माना जाएगा और वे संविदा शिक्षक बनने के लिए पात्र हो जाएंगे।

अब साल नहीं दिन के हिसाब से बोनस अंक 
सरकार अब अतिथि शिक्षकों को 200 से 399 दिन पढ़ाने पर 5 अंक, 400 से 599 दिन पढ़ाने पर 10 और 600 या उससे अधिक दिन पढ़ाने पर 15 अंक देगी। जबकि 2015 के भर्ती नियमों में एक साल तक पढ़ाने वाले अतिथि शिक्षकों को पांच और उससे ज्यादा साल पढ़ाने वाले को 15 अंक देने का प्रावधान किया गया था। इससे साल के दिनों की गणना में दिक्कत आ रही थी।

ऐसे होगी देरी
विभाग ने अतिथि शिक्षकों को बोनस अंक देने का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। प्रस्ताव से मुख्यमंत्री सहमत हुए तो कैबिनेट में निर्णय होगा। फिर संविदा शाला शिक्षक भर्ती नियमों में संशोधन किया जाएगा। सरकार नियमों को पारित करेगी। फिर पीईबी को परीक्षा के लिए लिखा जाएगा। पीईबी तारीख तय करेगी। तब कहीं परीक्षा होगी। रिजल्ट आने के बाद भर्ती प्रक्रिया जारी करने और फिर उम्मीदवारों के दस्तावेजों की परीक्षण में एक से डेढ़ महीना लगेगा।

अभी बताना संभव नहीं 
भर्ती नियमों में संशोधन कर रहे हैं। कितना समय लगेगा और क्या संशोधन किया जा रहा है, यह अभी बताया नहीं जा सकता है। 
दीप्ति गौड़ मुकर्जी, सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग

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