कालेधन और TAX चोरी के खिलाफ मोदी सरकार का ऑपरेशन क्लीन मनी

Wednesday, May 17, 2017

नई दिल्ली। कालेधन और टैक्सचोरी के खिलाफ केंद्र सरकार ने नया कदम उठाया है। इसके तहत सरकार अब इनकम टैक्स विभाग के छापों की रिपोर्ट्स एक वेबसाइट पर सार्वजनिक करेगी। साथ ही डिफॉल्टर्स को हाई रिस्क से वेरी लो रिस्क कैटिगरी में डिवाइड करके इस वेबसाइट पर उनकी लिस्ट भी डाली जाएगी। वेबसाइट लॉन्च के मौके पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि नोटबंदी के बाद 91 लाख नये करदाताओं की पहचान की गई। इस वेबसाइट का नाम है-  cleanmoney.gov.in वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यह वेबसाइट मंगलवार को लॉन्च की। जेटली ने इस अवसर पर कहा कि अब देश में टैक्स चोरी करने वाले सुरक्षित नहीं हैं। कई लोगों के लिए अब हिसाब-किताब करने का वक्त आ गया है। सरकार ईमानदार टैक्स पेयर्स को राहत देना चाहती है, यह उसी दिशा में उठाया गया कदम है।

वित्त मंत्री ने बताया कि विमुद्रीकरण से डिजिटाइजेशन को काफी बढ़ावा मिला। साथ ही कैश ट्रांजैक्शन के खतरों को देखते हुए टैक्स पेयर्स की संख्या और टैक्स रेवेन्यू में बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद 91 लाख नये करदाता सामने आये। अभी उन्हें टैक्स रिटर्न में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। नोटबंदी के बाद व्यक्तिगत आयकर संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की गई।

वहीं, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और उनके बेटे के. चिदंबरम के ठिकानों पर मंगलवार सुबह पड़े CBI के छापों पर पत्रकारों के सवाल के जवाब में जेटली ने कहा कि इस तरह की कार्यवाही बिना किसी ठोस सबूत के नहीं की जाती है। अगर छापे पड़े हैं तो इसके पीछे विभाग के पास कुछ सबूत भी होंगे।

वेबसाइट लॉन्च के अवसर पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोग टैक्स चोरी की आदत छोड़कर टैक्स भरने की आदत डालें। इनकम टैक्स विभाग रेड्स की रिपोर्ट इस वेबसाइट पर डालेगा। साथ ही टैक्स डिफॉल्टर्स की पहचान करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी इस वेबसाइट पर दी जाएगी।

डिफॉल्टर्स के खिलाफ हाई रिस्क, मीडियम रिस्क, लो रिस्क और वेरी लो रिस्क जैसी कैटिगरीज के तहत अलग-अलग ऐक्शन लिये जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक हाई रिस्क कैटिगरी में आने वाले लोगों और समूहों को तलाशी, जब्ती और सीधी जांच जैसी कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।

मीडियम रिस्क कैटिगरी को SMS या ईमेल के जरिये सूचना भेजी जाएगी ताकि वे सुधार के उपाय कर सकें और लो रिस्क या वेरी लो रिस्क कैटगिरी के डिफॉल्टर्स पर नजर रखी जाएगी। स्कैनिंग के तहत आने वाले व्यक्तियों या समूहों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड सीबीडीटी के चेयरमैन सुशील चंद्रा ने कहा कि नोटबंदी के बाद आयकर रिटर्न की ई फाइलिंग में 22 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि नोटबंदी के बाद 17.92 लाख ऐसे लोगों का पता लगाया गया है जिनके पास जमा कराई गई नकदी का हिसाब किताब नहीं है। इसके अलावा कर विभाग ने एक लाख संदिग्ध कर चोरी के मामलों का भी पता लगाया है। 

उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद 16,398 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता लगाया गया है। चंद्रा ने कहा कि 17.92 लाख लोगों द्वारा जमा कराई गई नकदी या नकद लेनदेन उनकी आमदनी से मेल नहीं खाता। इनमें से 9.72 लाख लोगों ने आयकर विभाग की ओर से भेजे गए एसएमएस और ई-मेल का जवाब दिया है। 

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