बाबरी केस: नेताओं ने कहा हम बेकसूर, CBI ने कहा हमारे पास काफी सबूत

Tuesday, May 30, 2017

लखनऊ। अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के केस में लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 6 नेताओं पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप तय हो गया है। इससे पहले नेताओं ने दावा किया कि वो बेसकूर हैं एवं केस को खत्म कर दिया जाना चाहिए। इधर सीबीआई ने दावा किया कि नेताओं के खिलाफ उनके पास काफी सबूत हैं। इन सभी को 20-20 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दे दी थी। बता दें कि 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के मामले में आडवाणी समेत बीजेपी के 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश का केस चलेगा। कोर्ट ने सीबीआई की पिटीशन पर ये फैसला सुनाया था। दोनों केस को दो साल के अंदर खत्म करने को कहा था। 

1) क्या है पूरा मामला?
6 दिसंबर, 1992 में बाबरी मस्जिद गिराने को लेकर दो मामले थे। एक मामला कार सेवकों के खिलाफ था। इसकी सुनवाई लखनऊ में हुई थी, जबकि दूसरा मामला मंच पर मौजूद नेताओं और दूसरे लोगों के खिलाफ था। इसकी सुनवाई रायबरेली में हुई थी। 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीसी घोष और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने कहा था कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के मामले में आडवाणी समेत बीजेपी के 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश का केस चलेगा। कोर्ट ने सीबीआई की पिटीशन पर ये फैसला सुनाया था। कोर्ट ने ये भी कहा था, "इस मामले में चल रहे दो अलग-अलग मामलों को एक कर दिया जाए और रायबरेली में चल रहे मामले की सुनवाई भी लखनऊ में की जाए। ये भी तय किया जाए कि सुनवाई दो साल में खत्म हो। सामान्य हालात में केस की सुनवाई टाली न जाए। जब तक सुनवाई पूरी न हो, तब तक जज का ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। केस जिस लेवल पर थे, वहीं से शुरू होंगे। बेंच ने सीबीआई को आदेश दिया था कि वह यह तय करे कि गवाह हर तारीख पर हाजिर हों। इसके अलावा, ट्रायल कोर्ट को आज की तारीख (19 अप्रैल) से चार हफ्तों के अंदर सुनवाई शुरू करनी चाहिए।

3) किन लोगों पर केस है?
लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, विष्णु हरि डालमिया, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, महंत राम विलास वेदांती, बैकुंठ लाल शर्मा उर्फ प्रेमजी, चंपत राय बंसल, महंत धरम दास और सतीश प्रधान। कल्याण सिंह फिलहाल राजस्थान के गवर्नर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पद पर रहने की वजह से इस मामले से उन्हें दूर रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जब तक वे इस पद पर हैं, उनके खिलाफ केस दर्ज न किया जाए। लेकिन विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर सकता है। ढांचा गिराए जाने के वक्त कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के सीएम थे। इसलिए 12 लोगों के खिलाफ मंगलवार को सुनवाई हुई। इनके अलावा बाल ठाकरे, गिरिराज किशोर, अशोक सिंघल, महंत अवैद्यनाथ, परमहंस राम चंद्र और मोरेश्वर सावे के नाम भी हैं। इन सभी लोगों का निधन हो चुका है।

मंगलवार को कोर्ट में पेश होने के पहले किस नेता ने क्या कहा?
उमा भारती ने मंगलवार को कहा, ''ये खुला आंदोलन था जैसे इमरजेंसी के खिलाफ हुआ था। इस आंदोलन में क्या साजिश थी, मुझे पता नहीं अभी।'' 
बीजेपी नेता विनय कटियार ने कहा, ''मुलायम सिंह ने माना था कि गलती हुई है। 16 लोग मारे गए थे। उनके (मुलायम सिंह) खिलाफ भी मामला चलना चाहिए। जितनी भी साजिश कर ली जाए, कोई भी साजिश काम नहीं आने वाली है।''
साध्वी ऋतंभरा ने कहा, ''मुझे उम्मीद है कि कोर्ट जल्द से जल्द इस मामले में फैसला देगा। आरोप सीबीआई ने लगाए हैं। कोर्ट में फैक्ट्स उनको पेश करने हैं। हमें कोर्ट पर भरोसा है।"

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