कब पता लगा सकेंगे हम ठीक से मौसम का हाल | WEATHER

Friday, April 21, 2017

राकेश दुबे@प्रतिदिन। भीषण गर्मी से जूझ रहे देश में मॉनसून को लेकर सिर्फ एक दिन के अंतर पर आए दो पूर्वानुमानों ने देश के वित्तीय दायरों में विपरीत प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया। मंगलवार को मौसम पर काम करने वाली निजी संस्था स्काईमेट ने बारिश का स्तर औसत से कम रहने की भविष्यवाणी की, जिससे बाजार में उदासी देखी गई। लेकिन बुधवार को भारतीय मौसम विभाग ने मॉनसून सामान्य रहने की बात कहकर बाजार की बांछें खिला दीं। इस असमंजस पर कोई प्रमाणिक बात नही कर रहा यह दुर्भाग्य है।

स्काईमेट की आशंका का आधार प्रशांत महासागर की परिघटना अल नीनो बनी, जबकि मौसम विभाग ने हिंद महासागर की परिघटना इंडियन ओशन डाइपोल के आधार पर अपनी भविष्यवाणी की। ये दोनों ही परिघटनाएं अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुई हैं, लिहाजा दोनों भविष्यवाणियों को एक हद तक अटकलपेंचू कहना ही ठीक रहेगा।

भारतीय अर्थव्यवस्था में खेती का हिस्सा महज 18 प्रतिशत रह जाने के बावजूद आज भी अपने यहां बाजार की खुशहाली बारिश पर ही निर्भर करती है। इसे ध्यान में रखते हुए भारतीय मौसम विभाग की भविष्यवाणियों से जुड़ी एक खामी का जिक्र यहां जरूरी लगता है। भारत में दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून के तहत होने वाली बारिश का दीर्घकालिक औसत ८९  सेंटीमीटर है। इसका चार प्रतिशत इधर-उधर, यानी ९६  से 1१०४  प्रतिशत रहना सामान्य मॉनसून कहलाता है। पिछले पांच वर्षों में भारतीय मौसम विभाग के अनुमान से ज्यादा बारिश सिर्फ २०१३  में हुई थी। बाकी हर बार यह अनुमान से कम ही देखी गई है। 20२०१२,२०१४ और २०१५  में यह कमी ७  प्रतिशत की रही, जबकि पिछले साल ९  प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

इसका अर्थ यह नहीं कि इस बार मौसम विभाग द्वारा जारी दीर्घकालिक औसत की ९६ प्रतिशत बारिश वाले पूर्वानुमान को भी बढ़ा-चढ़ा मान लिया जाए। सिर्फ इतना कि इस भविष्यवाणी को अपेक्षाकृत कम बारिश के संकेत के रूप में ग्रहण किया जाए और खासकर मध्य अगस्त के बाद से सिंचाई के पूरे इंतजाम रखे जाएं। इसके लिए देश के सभी बड़े जलाशयों में मध्य जून से मध्य अगस्त तक पानी रोकने की तैयारी करनी चाहिए। इसके बाद अगर बारिश उम्मीद से ज्यादा हो जाए, तो  क्या कहना। प्रश्न यह भी उपस्थित होता है की देश में मौसम का पूर्वानुमान कितने बरस बाद ठीक ठीक लगने लगेगा। भारत में बारिश पर बहुत कुछ निर्भर है। 
श्री राकेश दुबे वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं।        
संपर्क  9425022703        
rakeshdubeyrsa@gmail.com
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