UP PSC: सामान्य एवं पिछड़ावर्ग अभ्यर्थियों की आयुसीमा में बदलाव

Wednesday, April 12, 2017

उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोगइलाहाबाद। लोक सेवा आयोग की पीसीएस-प्री परीक्षा में सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) लागू किए जाने से प्रभावित सामान्य वर्ग के प्रतियोगी छात्र अब 45 वर्ष और ओबीसी, एससी-एसटी के प्रतियोगी 50 वर्ष की आयु तक पीसीएस प्री परीक्षा दे सकेंगे। सभी श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों को भी 50 वर्ष तक पीसीएस प्री परीक्षा में शामिल होने का मौका मिल सकेगा। बैठक के फैसले की जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि प्रतियोगी छात्रों के लिए सिविल सर्विसेज परीक्षा वर्ष 2011 के पहले पत्र-एक और पत्र-दो की व्यवस्था थी। बाद में सीसैट की व्यवस्था लागू की गई। पीसीएस में भी इसे लागू कर दिया गया, जिससे वर्ष 2013 के प्रतियोगी छात्रों को काफी दिक्कतें हुईं। प्रदेश कैबिनेट ने पीसीएस प्री में सीसैट लागू किए जाने से प्रभावित हुए उम्र से अधिक प्रतियोगियों को दो अतिरिक्त अवसर देने का फैसला लिया है।

बैठक में तय हुआ है कि पीसीएस 2013 की परीक्षा में जिन प्रतियोगियों ने अधिकतम आयु सीमा पूरी कर ली है उन्हें दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएंगे। पीसीएस में सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थियों की आयु सीमा 40 वर्ष है। जिन प्रतियोगियों ने 2013 में 40 साल पूरे कर लिये थे, वे आज 44 वर्ष के हो चुके हैं। दो अवसर मिलने पर अब वे 45 वर्ष तक पीसीएस की परीक्षा दे सकेंगे।

ओबीसी, एससी और एसटी अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष है। इस श्रेणी के जो अभ्यर्थी 2013 में ओवरएज हो चुके हैं उनकी आयु वर्तमान में 49 वर्ष है। स्पष्ट है दो अवसर मिलने पर वे अब वे 50 वर्ष तक पीसीएस की परीक्षा दे सकेंगे। सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों को आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट मिलती है। ऐसे में सभी श्रेणी के सरकारी सेवक भी अब 50 वर्ष तक पीसीएस दे सकेंगे।

विकलांग अभ्यर्थियों को 15 वर्ष की छूट के साथ 55 वर्ष तक आवेदन करने की इजाजत है। जो विकलांग अभ्यर्थी 2013 में 55 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं वे अब 59वें वर्ष में पीसीएस के लिए आवेदन कर सकेंगे। अफसरों का कहना है कि इस संबंध में स्थिति शासनादेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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