सिर पटक पटक कर रो रहा है भारत को गरीब कहने वाला SNAPCHATE APP का CEO

Tuesday, April 18, 2017

नई दिल्ली। स्नैपचैट का सीईओ इवान स्पीगल पछता रहा है कि उसने भारत को लेकर कोई टिप्पणी ही क्यों की। भारतीय इंटरनेट यूजर्स ने स्नैपचैट की हालत पस्त करके रख दी है। स्नैपचैट की लोकप्रियता 5 स्टार से नीचे लुढ़ककर 1 स्टार पर आ गई है। इसके नीचे कोई रेटिंग होती नहीं। यदि होती तो भारतीय सोशल मीडिया एक्टिविस्ट स्नैपचैट को वहां भी पहुंचा देते। स्नैपचैट के सीईओ इवान स्पीगल ने कहा था कि वो भारत जैसे 'गरीब देश' में अपना व्यापार बढ़ाना नहीं चाहते। 

एप स्टोर के एप इन्फो के अनुसार, रविवार को इस कंपनी के हाल के वर्जन वाले एप की उपभोक्ता रेटिंग 'एक स्टार' (6,099 रेटिंग पर आधारित) थी और सभी वर्जनों की रेटिंग 'एक और आधा स्टार' (9,527 रेटिंग पर आधारित) थी। एंड्रोएड प्ले स्टोर के लिए एप की रेटिंग 'चार स्टार' (11,932,996 रेटिंग पर आधारित) थी।

क्या कहा था सीईओ ने 
अमेरिका की एक न्यूज वेबसाइट वैरायटी के अनुसार, शनिवार को स्नैपचैट के पुराने कर्मचारी एंटोनियो पोमपिआनो कह रहे थे कि कंपनी के सीईओ इवान स्पीगेल ने सितंबर 2015 को उनसे कहा था, "यह एप केवल अमीर लोगों के लिए है। मैं इसे गरीब देशों जैसे भारत और स्पेन में नहीं ले जाना चाहता। कंपनी के पुराने कर्मचारी ने सीईओ द्वारा कही गई बात को आगे बताया, जिसमें इवान कह रहे थे, "भारतीय टिप्पणी को ठीक से नहीं लेते हैं और सोशल मीडिया का उपयोग सीईओ के बयानों पर कटाक्ष करने के लिए करते हैं। जब एप की रेटिंग गिरती है, तब सीईओ और एप की निंदा बढ़ जाती है।

यूजर्स ने की आलोचना
एक यूजर ने एप स्टोर पर सीईओ की आलोचना करते हुए लिखा, "पहले तो मैं इस एप को कोई खराब स्टार भी नहीं देना चाहता। स्नैपचैट के सीईओ इवान बताते हैं कि वह कितने मूर्ख हैं। मैं मानता हूं कि इस कंपनी का तीन-चौथाई हिस्सा भारतीय कर्मचारियों द्वारा चल रहा है। यदि वह गरीब देशों में इसका विस्तार नहीं करना चाहते, तब यह एप फ्री क्यों है? वह क्यों नहीं इस पर कोई फीस लेते?

यूजर्स ने दी गालियां
कुछ यूजर्स ने लिखा, "गरीब भारत और स्पेन को स्नैपचैट से बेहतर की जरूरत है। अलविदा, मेरे स्नैपचैट अकाउंट और स्नैप इंक। तुम समय के जाने वाले और उपहास पूर्ण उत्पाद होगे और बेचारे इवान स्पीगेल। रातभर ट्वीटर पर यह एप सबसे ज्यादा प्रचलित हैशटैग बॉएकॉटस्नैपचैट बना रहा। एक यूजर ने ट्वीट किया, "मैं अभी तक किसी हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख, ईसाई आदि को एक साथ ट्वीट करते नहीं देखा है। हमें एक करने के लिए धन्यवाद स्नैपचैट।

एक और यूजर ने ट्वीटर पर लिखा, "मैं स्नैपचैट का आदी था, लेकिन मैं इस एप से ज्यादा अपने देश से प्यार करता हूं। देखते हैं, तुम बगैर भारतीयों के कैसे पैसे कमाते हो? इवान स्पीगेल, बॉयकॉटस्नैपचैट।"

बॉयकॉटस्नैपचैट- 
कुछ यूजर्स ने एप को घृणास्पद विषय वस्तु के लिए छोड़ दिया और एक संदेश छोड़ा, "प्यारे स्नैपचैटसपोर्ट, तुम्हारी दोषपूर्ण विषय वस्तु के लिए छोड़ा। बॉयकॉटस्नैपचैट।"

2013 में हुई थी शुरुआत
गुरुवार को फोर्ब्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक के तस्वीर साझा करने वाले एप इंस्टाग्राम ने स्नैपचैट को रोज कहानियों वाले फीचर को पीछे छोड़ दिया है। 2013 में स्नैपचैट की पहली बार शुरुआत हुई थी।

इंस्टाग्राम और स्नैपचैट की तुलना
इंस्टाग्राम पर कहानियों वाले फीचर को 20 करोड़ लोग रोज उपयोग करते हैं। जनवरी के बाद से इसमें 5 करोड़ की वृद्धि हुई है। वहीं दूसरी ओर 2013 के अक्टूबर में शुरू हुए स्नैपचैट की कहानियों वाले फीचर को फरवरी माह में 16.1 करोड़ लोग रोज उपयोग करते थे।

'कहानी' फीचर एक फोटो और वीडियो क्लिपों, फिल्टरों और स्पेशल इफैक्ट्स के साथ एक अल्पकालिक कड़ी है। अभी हाल ही में स्नैपचैट की नकल करते हुए फेसबुक और वाट्सएप ने भी इस तरह के फीचर की शुरुआत की है। स्नैपचैट के भारत में 40 लाख से ज्यादा उपयोगकर्ता हैं।

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