KULBHUSHAN JADHAV का परिवार ना घर पर है ना फार्म हाउस पर

Tuesday, April 11, 2017

मुंबई। पाकिस्तान द्वारा पूर्व नेवी अधिकारी कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद उनका परिवार भी कहीं चला गया है। वो ना तो सांगली में हैं और ना ही सतारा में अपने फार्म हाउस पर। रविवार को जाधव परिवार मुंबई में ही था परंतु उसके बाद से अचानक पूरा परिवार कहीं चला गया है। जाधव के एक दोस्त के मुताबिक, जाधव की फैमिली में चार लोग हैं। इनमें जाधव की पत्नी, दो बच्चे (बेटा शुभांकर-बेटी भैरवी) और मां हैं। ये लोग यहां हीरानंदानी गार्डन्स में सिल्वर ओक अपार्टमेंट के फ्लैट में रुके थे। ये फ्लैट जाधव परिवार का ही है। सोमवार को जैसे ही ये खबर मिली कि पाकिस्तान जाधव को फांसी दे सकता है, उनकी फैमिली की सिक्युरिटी बढ़ा दी गई। इसके बाद, सोमवार को ही जाधव की फैमिली किसी अननोन लोकेशन पर शिफ्ट हो गई।

दोस्तों ने चलाया था कैम्पेन
जाधव को 2016 में पाकिस्तान में गिरफ्तार किए जाने के बाद यहां उनके बचपन के दोस्तों ने उन्हें वापस लाने के लिए 'कुलभूषण को वापस लाओ' अभियान चलाया था। जाधव के एक दोस्त तुलसीदास पवार ने कहा, “हमें पता था कि पाकिस्तान कुलभूषण का हाल भी सरबजीत जैसा ही करेगा। पवार के मुताबिक- हमारा दोस्त बहुत बड़ी मुश्किल में है। वह बहुत मेहनती है और नेवी ज्वॉइन करने पर बहुत खुश था। नेवी से रिटायर होने पर उसने अपना बिजनेस भी शुरु किया था। हमें नहीं लगता कि वो रॉ एजेंट होगा।

सांगली में रहते हैं पिता और चाचा
जाधव के पिता सुधीर और चाचा सुभाष मुंबई पुलिस में अफसर रहे हैं। पिता फिलहाल, सांगली में रहते हैं। जाधव फैमिली का सतारा में एक फॉर्म हाउस भी है। यहां अब ताला लगा हुआ है। 
- यहां के लोग कहते हैं कि कुलभूषण जब भी यहां आते थे तो गांव के लोगों की मदद करते थे। वो सोशल वर्क्स में भी काफी एक्टिव रहते थे।

पनवेल में जाधव के घर रहता था हुसैन नामक शख्स
पनवेल रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले रोड़ पर 'हाई प्वाइंट' बिल्डिंग का एक फ्लैट कुलभूषण की मां अवंती के नाम है। इस फ्लैट में दस साल पहले हुसैन पटेल नामक शख्स रहता था। पिछले कई सालों से यह फ्लैट बंद है। सोसाइटी के सेक्रेटरी ने बताया कि यह फ्लैट जाधव की मां का है। उन्होंने 1991 में इसे खरीदा था। यहां पर रहने वाला हुसैन खुद को शिपिंग कारोबारी बताता था। उसने यह फ्लैट किराए पर लिया था लेकिन महीने में एक या दो बार ही यहां पर आता था। एक बार पटेल ने पासपोर्ट के लिए सोसाइटी से रेसिडेंटल प्रूफ की मांग की थी लेकिन उसका एग्रीमेंट नहीं था, इसलिए उसे प्रूफ नहीं दिया गया।

क्या है पूरा मामला?
पाक आर्मी ने वहां की जेल में बंद भारतीय अफसर कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाई है। पाक ने आरोप लगाया था कि जाधव भारतीय जासूस है। ISPR के अफसर मेजर जनरल आसिफ गफूर ने सोमवार को ट्विटर पर बताया था कि पाकिस्तान आर्मी एक्ट के तहत जाधव का फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल (FGCM) किया गया और फांसी की सजा सुनाई गई। दूसरी ओर, भारत ने सोमवार शाम पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल बासित को तलब किया। उन्हें डिमार्शे (डिप्लोमैटिक डिमांड लेटर) सौंपा। इसमें कहा गया- अगर सजा पर अमल होता है तो ये कानून के बुनियादी नियमों के खिलाफ होगा। इसे सोचा-समझा कत्ल कहा जाएगा। डिमार्शे में आगे कहा गया- ये ध्यान रखा जाना चाहिए कि पाकिस्तान में इंडियन हाई कमीशन को ये बताने की जरूरत भी नहीं समझी गई कि कुलभूषण पर केस चल रहा है। भारत के लोग और सरकार इसे सोचा-समझा कत्ल ही मानेंगे। इस बीच, भारत सरकार ने पाकिस्तान के 11 कैदियों की बुधवार को होने वाली रिहाई टाल दी।

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