शिक्षकों के समयमान और पदोन्नति के संघर्ष को अब निर्णायक बनाने की जरुरत: समग्र

Monday, April 10, 2017

भोपाल। 1 साल से फाइलों पर लंबित शिक्षक संवर्ग के समयमान और पदोन्नति के मुद्दे को अब निर्णायक बनाने की जरुरत है। इस बात की ख़ुशी है क़ि कल तक समयमान और सहायक शिक्षको के एक मुश्त पदनाम/पदोन्नति को असम्भव बताने वाले संगठन आज एकमत होकर संघर्ष के लिए लामबंद है। समग्र तहेदिल से स्वागत करते हुए इस संघर्ष के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है। बशर्ते संघर्ष निर्णायक हो। 

उल्लेखित बयान जारी करते हुए समग्र शिक्षक व्याख्याता प्राचार्य कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष मुकेश शर्मा, प्रान्तीय संयोजक  सुरेशचंद्र दुबे और संगठन के प्रमुख मार्गदर्शक आर.एन.लहरी ने अपने संयुक्त ब्यान में कहा कि 24 जनवरी 2008 के आदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याता को छोड़कर सभी संवर्गो को समयमान देने का उल्लेख है। समग्र के संस्थापक सदस्यों ने 6 वर्ष 9 माह 23 दिन के लंबे संघर्ष के बाद 4 अप्रैल 2016 को वित्त विभाग से त्रुटि सुधार का यह आदेश जारी करवाने में सफलता हासिल की जिसमे सबशोधन था कि *"जिन संवर्गो में भर्ती पदोन्नति नियमो में सीधी भर्ती का प्रावधान है और उन संवर्गो में आज भी सीधी भर्ती के लोकसेवक कार्यरत है तो उनको समयमान वेतनमान की पात्रता होगी चाहे उन संवर्गो में सीधी भर्ती बंद कर दी गई हो या किसी कारण से भर्ती नही की जा रही हो। उक्त आदेश के जारी होने के पश्चात ही सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याता समयमान के लिये पात्र हुए है।

इस आदेश के जारी होने के बाद 7 अप्रैल 2016 को व्याख्याताओं के समयमान का आदेश जारी हुआ। चूंकि उस समय समग्र की टीम में केवल व्याख्याता साथी ही जुड़े हुए थे, और उनके प्रयासों से व्याख्याताओ का समयमान का आदेश जारी हुआ। मई 2016  में समग्र टीम के मार्गदर्शन में सहायक शिक्षक, शिक्षक के समयमान एवं पदोन्नति (पद अपग्रेड) की फाइल तैयार कराकर विभागीय मंत्री से प्रशासकीय अनुमोदन के उपरांत, सामान्य प्रशासन विभाग की सहमति के बाद वित्त विभाग को सहमति हेतु भेज दी गई है।

वित्त विभाग ने शिक्षक संवर्ग के समयमान पर तो सहमति प्रदान की है परंतु सहायक शिक्षक के समयमान पर चर्चा के लिए लिखा है उन्होंने कहा इस सप्ताह चर्चा उपरांत अंतिम निर्णय संभावित है। पदोन्नति के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण के मुद्दे पर निर्णय लंबित होने के कारण देरी हो रही है, जबकि ऐसा होना नही चाहिए चूँकि प्रस्तावानुसार लंबित मामले ने सहायक शिक्षको  के अपग्रेड किये जाने का उल्लेख है न कि पदोन्नति का, शासन को इस मुद्दे पर देरी नहीं करना चाहिए।

चूँकि पदोन्नति फ़ाइल अंतिम निराकरण होते होते रोक ली गई और पदोन्नति की आशा में हर माह प्रदेश में सभी वर्गो के हजारों सहायक शिक्षक लगातार विना पदोन्नति के रिटायर हो रहे है, समग्र संगठन निर्णायक लड़ाई के लिए कमर कस चुका है,  शिक्षक हित सर्वोपरि मानते हुए समग्र ने राज्य कर्मचारी संघ के आंदोलन को समर्थन दिया है, राज्य कर्मचारी संघ के साथियो के आत्मविश्वास पर समग्र को पूरा भरोसा है। बस संघर्ष को निर्णायक बनाने को सभी को तत्पर रहना होगा....। 

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