पूर्वमंत्री बिसाहू लाल को खुश करने, पुलिस ने गांजा तस्करी का केस ही पलट डाला

Monday, March 20, 2017

भोपाल। मंत्री हो या पूर्वमंत्री, मप्र पुलिस उनको फायदा पहुंचाने के लिए कुछ भी कर सकती है। यहां मामला गांजा तस्करी में धर लिए गए पूर्वमंत्री बिसाहूलाल सिंह के बेटे का है। क्राइम ब्रांच पुलिस भोपाल ने कागजों में बेटे का नाम ही दर्ज नहीं किया। इतना ही नहीं मंत्री के भतीजे की स्कॉर्पियो बचाने के लिए उसका नंबर ही बदल दिया गया। पुलिस ने स्कॉर्पियो की नंबर प्लेट पर राजदूत बाइक का पुराना नंबर लिख दिया। 

पत्रकार बृजेंद्र ऋषीश्वर की रिपोर्ट के अनुसार राजधानी में दस दिन पहले पूर्व मंत्री बिसाहू लाल सिंह के बेटे यावेंद्र से बरामद हुए करीब 14 किलो गांजा बरामद किया था। गांजा तस्करी में चार लोग शामिल थे। स्कॉर्पियो मालिक और उसके भतीजे को बचाने के लिए क्राइम ब्रांच में तैनात पुलिसकर्मियों ने स्कॉर्पियो की न केवल नंबर प्लेट बदली, बल्कि मंत्री पुत्र समेत एक अन्य आरोपी का नाम ही केस से अलग कर दिया। बदली हुई नंबर प्लेट के साथ स्कार्पियो एमपी नगर क्राइम ब्रांच ऑफिस में खड़ी है।

पत्रकार बृजेंद्र ऋषीश्वर का दावा है कि उनके पास इसके पुख्ता प्रमाण हैं। 9 मार्च को जब क्राइम ब्रांच ने स्कॉर्पियो से गांजा बरामद किया उसमे 4 लोग सवार थे। स्कॉर्पियो का नंबर एमपी 65 सी- 1385 था। इसमें चंद्रप्रकाश दांगी और यावेंद्र सिंह पुत्र बिसाहू लाल सिंह के अलावा लक्ष्मण प्रसाद और उसका भतीजा हर्षवर्धन भी सवार थे। इन चारों को क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मियों ने पकड़ा था। पकड़ में आते ही लक्ष्मण घबरा गया। उसने कहा कि वो कोलमाइंस में कर्मचारी है। उसके ऊपर केस दर्ज हुआ तो वह बर्बाद हो जाएगा। इस पर उससे सेटलमेंट किया गया। लक्ष्मण और उसके भतीजे हर्षवर्धन को छोड़ दिया गया। इस बीच ये बात सामने आई कि गाडी लक्ष्मण के नाम अनूपपुर में रजिस्टर्ड है। इस पर क्राइम ब्रांच ने एमपी- 65 सी 1365 को एमपी-16 सी 1350 कर दिया।

मप्र परिवहन विभाग की वेबसाइट पर जब सर्च किया गया तो एमपी-65 सी 1365 स्कॉर्पियो लक्ष्मण प्रसाद के नाम ही दिखाई जा रही हैे, जबकि बदला हुआ नंबर एमपी-16 सी 1350 है, जो स्कॉर्पियो पर लिखा हुआ है। अभी स्कॉर्पियो इसी नंबर के साथ क्राइम ब्रांच में खड़ी हुई है। जब्त स्कार्पियो का इंजन नंबर भी लक्ष्मण प्रसाद के नाम पर दर्ज वाहन का ही है। इससे स्कॉर्पियो का नंबर बदलने की साफ़ तौर पर पुष्टि होती है।

राजदूत बाइक का नंबर लिखा गया
स्कॉर्पियो कार पर जो नंबर लिखा गया है, वह छतरपुर निवासी कामतू अहिरवार के नाम पर छतरपुर आरटीओ में रजिस्टर्ड है। यह राजदूत बाइक का नंबर है। जो 1999 मॉडल है, जिसका नया नंबर 22 दिसंबर 2008 को आवंटित किया गया था।

यह था मामला
ध्यान रहे कि 9 मार्च को क्राइम ब्रांच ने 13 किग्रा 499 ग्राम गांजा जब्त करने का दावा किया था। मादक पदार्थ तस्कर अनूपपुर से कार में गांजा लेकर भोपाल में सप्लाई करने आते थे। आरोपियों में से एक आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया है कि उस पर 8 लाख का कर्जा होने के बाद से वह मादक पदार्थ तस्करी से जुड़ गया था। पुलिस ने आरोपियों से एक स्कॉर्पियो कार भी जब्त की थी।

उचित कार्रवाई होगी
इस मामले में यह कैसे हुआ है? इसकी क्राइम ब्रांच से जानकारी पता करवाता हूं। यदि ऐसा है तो इस पूरे मामले में जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। 
सिद्धार्थ बहुगुणा पुलिस अधीक्षक नार्थ (साउथ)

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