ALLAHABAD: आॅफिस में बैठे BSP नेता को गोलियों से भूना, BJP-VHP नेताओं के खिलाफ FIR

Monday, March 20, 2017

इलाहाबाद। मऊआइमा में दरेरात अपने आॅफिस में बैठे बसपा नेता मोहम्मद शमी को 2 बाइक सवार शूटर्स ने गोलियों से भून डाला। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वो 60 वर्ष के थे। इस मामले में पुलिस ने भाजपा एवं विश्व हिंदू परिषद के नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस हत्याकांड से इलाके में तनाव फैल गया है। ग्रामीणों ने पुलिस को बसपा नेता का शव उठाने नहीं दिया। 

मऊआइमा कस्बे में मोहम्मद शमी कल देर रात अपने कार्यालय में बैठे थे। मऊआइमा के पूर्व ब्लॉक प्रमुख समी (60) पुत्र कल्लन की बाइक सवार दो बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी। इस हत्याकांड से इलाके में सनसनी फैल गई। दर्जनों समर्थक आनन-फानन मौके पर पहुंच गए। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन सियासी अदावत की आशंका जताई जा रही है। विधानसभा चुनाव के समय वह समाजवादी पार्टी से बहुजन समाज पार्टी में शामिल हुए थे।

मऊआइमा थाना क्षेत्र के दुबाही गांव निवासी मो. समी तीन बार ब्लॉक प्रमुख रह चुके थे। एक बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में उन्होंने विधानसभा का चुनाव भी लड़ा था। कल देर रात बाइक सवार युवकों ने कार्यालय में घुसते ही पांच गोलियां उन पर चला दीं और भाग निकले। ताबड़तोड़ फायरिंग सुन इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हत्याकांड से इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। मौके पर जुटे ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। 

समी की हत्या में उनके बेटे जिला पंचायत सदस्य इम्तियाज ने बीजेपी ब्लॉक प्रमुख सुधीर कुमार मौर्य, साबिर अली और विहिप नेता अभिषेक यादव समेत कई के खिलाफ तहरीर दी। अभिषेक यादव वही है जो कुछ महीने पहले मुहर्रम की मजलिस में बुर्का पहन कर लड़कियों के बीच पहुंच था, पिटाई के बाद जेल गया था। इसके बाद से वह समी से अदावत रखने लगा था। 

सपा छोड़ बसपा में हुए थे शामिल
प्रथम दृष्टया मामले में चुनावी रंजिश की भूमिका दिखाई पड़ रही है। मोहम्मद समी चुनाव से पहले ऐन मौके पर सपा छोड़कर बसपा में शामिल हो गए थे। इतना ही नहीं कई ग्राम प्रधान और बीडीसी का समर्थन भी वो बसपा लेकर चले गए थे। साथ ही उन्होंने वहां की बसपा प्रत्याशी गीता पासी का भी समर्थन किया था। इसे सपा के लिए एक बड़े झटके के तौर पर भी देखा गया था। रात 10 बजे तक पुलिस शव को कब्जे में लेने के लिए प्रयास कर रही थी। तनाव के मद्देनजर क्षेत्र में पुलिस के साथ ही पीएसी भी तैनात की गई। सीओ सोरांव आलोक मिश्रा ने वारदात की पुष्टि की। 

समी के खिलाफ दर्ज थे 30 से अधिक मुकदमे
पुलिस ने तहरीर पर भाजपा नेता के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक बसपा नेता के खिलाफ भी कई पुलिस थानों में 30 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। कुंडा और इलाहाबाद से विधानसभा चुनाव लड़ चुके मोहम्मद समी की हत्या की खबर फैलते ही मौके पर उनके समर्थकों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने हंगामा करते हुए इलाहाबाद प्रतापगढ़ रोड को जाम कर दिया। इसके बाद कई पुलिस थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे आलाधिकारियों ने लोगों को समझाते हुए जाम खुलवाया।मऊआईमा थाने से 200 मीटर की दूरी पर हुई इस सनसनीखेज वारदात ने बीजेपी की नई सरकार के सामने कानून-व्यवस्था को दुरूस्त करने की चुनौती भी खड़ी कर दी है। घटनास्थल पर पहुंचे बसपा नेताओं ने घटना की निंदा करते हुए सूबे की कानून-व्यवस्था पर अभी से सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। उनलोगों ने कहा कि इस तरह की घटना समाज के लिए घातक है। 

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