व्यायाम शिक्षक वर्ग 3 की भर्ती में महिलाओं के साथ अत्याचार क्यों

Wednesday, March 8, 2017

नवजीत सिंह | मध्यप्रदेश के स्कूलों एवं खेल परिसरों में व्यायाम शिक्षक वर्ग 3 की भर्ती विगत 12 वर्षो से की जा रही है जिसकी निम्नतम योग्यता बारहवीं के साथ शारीरिक शिक्षा रखी जा रही है और सोचने वाली बात यह है कि लगभग 18 वर्षो से महिलाओ का शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय पेंड्रा (छत्तीसगढ़) में चला गया है जो बारहवीं आधारित शारीरिक शिक्षा कोर्स संचालित करता था उसके पश्चात् शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाने की इच्छुक छात्राओं को सम्बंधित डिप्लोमा लेने हेतु अलग से कोई महिला महाविद्यालय का आभाव बना हुआ है। 

अब यदि कोई महिला खेल से सम्बंधित पढाई करना चाहती है तो उसे बीपीएड करना होगा जो कि स्नातक स्तर का पाठ्यक्रम करना होता है जो कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत संविदा शाला शिक्षक वर्ग 2 के स्तर की पढाई और पात्रता मानी गई है पर सन 2005 से मप्र शासन की व्यायाम शिक्षको की विसंगति पूर्ण भर्ती नीति के कारण महिलाए स्नातक स्तर का बीपीएड (शारीरिक शिक्षा में स्नातक) कोर्स करे और हायर सेकेण्डरी स्तर (व्यायाम शिक्षक  वर्ग 3) के पद पर कार्य करने को मजबूर हो रही है। 

जबकि पुरुषो का बारहवीं आधारित शरीरिक शिक्षा डिप्लोमा कोर्स (डीपीएड) मध्यप्रदेश के एक मात्र शिवपुरी में शासकीय रूप से संचालित है। इन्ही कारणों से 2005 से पूर्व व्यायाम शिक्षकों का यह पद चाहे वह नियमित पीटीआई हो या शिक्षाकर्मी व्यायाम या संविदा संवर्ग के, सभी स्नातक स्तर (उच्च श्रेणी शिक्षक या वर्ग 2 के समकक्ष) के थे जिससे कि महिलाओ के साथ अन्याय न हो परन्तु मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 2005 के राजपत्र में यह पद व्यायाम शिक्षक पद वर्ग 3 में करके महिलाओ के साथ विगत 12 वर्षो से अन्याय किया जा रहा है। 

अब प्रश्न उठता है कि क्या महिलाओ के साथ न्याय नही होना चाहिए ? क्या शासकीय स्तर पर बारहवीं आधारित शारीरिक शिक्षा कोर्स महिलाओ के लिए चालू नही होना चाहिए ? क्या तब तक वर्ग 3 व्यायाम शिक्षक पद पर भर्ती बन्द नही होना चाहिए जब तक यह कोर्स पहली बेच पूरा न कर ले ? क्या प्रदेश सरकार महिला और पुरुष को संविधान द्वारा प्रदत्त समानता का अधिकार जिसमे समान अवसर की बात कहि गई है महिलाओ को देगी ? क्या व्यायाम शिक्षक पद पुनः वर्ग 2 स्नातक स्तर का नही किया जाना चाहिए जिससे किसी वर्ग के साथ अन्याय न हो ? और महिलाएं स्नातक स्तर का खेल शिक्षा का पाठ्यक्रम पूरा कर योग्यता रखते हुए भी निम्न स्तर पर कार्य करने को मजबूर ना हो।
नवजीत सिंह परिहार
प्रदेश अध्यक्ष
अध्यापक-संविदा व्यायाम शिक्षक संघ मप्र
मोबा.- 900937263

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