मध्यप्रदेश के 14.27 लाख बेरोजगार, शिवराज से नाराज

Tuesday, March 7, 2017

भोपाल। हर साल 1 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने का वादा करके तीसरी बार सत्ता में आई शिवराज सिंह सरकार ने अव्वल तो प्रतिवर्ष 1 लाख नौकरियां नहीं दीं। थोड़ी बहुत जो भर्तियां हुईं उसमें भी बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों को भरपूर मौके दिए गए। हालात यह बने कि बहु प्रतिक्षित मप्र पुलिस की भर्ती में 60 प्रतिशत नौकरियां बाहरी बेरोजगारों को मिलीं। मप्र में बेरोजगारों की संख्या बढ़कर 14.27 लाख बेरोजगार हो गई है। यह केवल सरकारी रिकॉर्ड है। असल में यह संख्या इससे कई गुना ज्यादा है। अब ये लाखों बेरोजगार शिवराज सिंह सरकार से नाराज हैं। निश्चित रूप से इसका असर चुनावों में देखने को मिलेगा। 

मप्र विधानसभा में रामनिवास रावत के सवाल के लिखित जवाब में खनिज साधन मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2015 में 15 लाख 60 हजार 493 बेरोजगार रजिस्टर्ड थे। इनमें 12 लाख 42 हजार 82 शिक्षित व 3 लाख 18 हजार 411 अशिक्षित बेरोजगार विभिन्न् कार्यालयो में रजिस्टर्ड थे। 

नए जिलों बेरोजगारों की संख्या बढ़ी
जिन जिलों में पिछले साल की तुलना में बेरोजगारों के रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ी है, उनमें नए जिले सबसे ऊपर हैं। अलीराजपुर में वर्ष 2015-16 में बेरोजगारों की संख्या 4535 थी, जो वर्ष 16-17 में बढ़कर 7710 हो गई। आगर मालवा में 2939 से बढ़कर 4780, अनूपपुर में 6184 से बढ़कर 10538 हो गई है। पुराने जिलो में मुरैना में बेरोजगारों की संख्या 52427 से बढ़कर 53813, श्योपुर में 7406 से बढ़कर 7457, दमोह में 27135 से बढ़कर 27139 हुई है। अन्य पुराने सभी जिलों में बेरोजगारों की रजिस्ट्रेशन संख्या कम हुई है।

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