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IAS अफसर समेत संचालनालय के 6 कम्प्यूटर हाईजैक

Sunday, November 6, 2016

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भोपाल। सतपुड़ा भवन में संचालनालय के डायरेक्टर आईएएस केदार शर्मा के कम्प्यूटर समेत कुल 6 कम्प्यूटरों को हैकर्स ने अपने कब्जे में ले लिया है। हैकर्स ने शायद शुक्रवार शाम आॅफिस बंद होने के बाद अपना आॅपरेशन शुरू​ किया। समाचार लिखे जाने तक कम्प्यूटरों पर हैकर्स का कब्जा बरकरार था। इसमें मौजूद महत्वपूर्ण डाटा कहां पहुंच गया और उसकी कितनी कॉपियां बन गईं, कहा नहीं जा सकता लेकिन यह जरूर तय है कि इन तमाम कंप्यूटरों का डाटा लीक हो चुका है और अब वह हैकर्स के कब्जे में है। 

सतपुड़ा बिल्डिंग में आदिम क्षेत्रीय विकास योजनाएं संचालनालय है। इसके दफ्तर में शनिवार दोपहर 12 बजे जैसे ही कर्मचारियों ने अपने सिस्टम खोलकर काम करना शुरू किया, वैसे ही उसमें एक मैसेज आने लगा। वह कोई भी फाइल खोलते, उसमें लाल कलर के डिब्बे बनकर अाने लगते थे। थोड़ी देर में ही ये डिब्बे चले जाते थे और एक जोकर का चेहरा सामने नजर आने लगता था। इस पेज पर 5 नवंबर की डेट पड़ी हुई हो जो शनिवार की थी। इसके बाद सिस्टम बंद हो जाता था। हर बार सिस्टम चालू करने पर यही हो रहा था।

6 कम्प्यूटर वायरस के कब्जे में 
सूत्रों के अनुसार, ये वायरस अटैक आदिम क्षेत्रीय विकास योजनाओं के 6 कम्प्यूटर में देखा गया। इसके अलावा संचालनालय के डायरेक्टर आईएएस केदार शर्मा का सिस्टम भी इससे प्रभावित हुआ। स्वास्थ्य संचालनालय के सिस्टमों में भी इस तरह के वायरस अटैक की बात सामने आई है। इन सिस्टम को NIC ( National Informatics Centre) की टीम देखने आई, लेकिन उनकी भी समझ में कुछ नहीं आया।

मामले को सुलझाने का असफल प्रयास
यह मामला सतपुड़ा स्थित एनआईसी के सब सेंटर के प्रभारी जोसेफ के ध्यान में आने के बावजूद समस्या एनआईसी के उच्चाधिकारियों के ध्यान में नहीं लाई गई। निम्न स्तर के अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने स्तर पर मामले को सुलझाने का असफल प्रयास किया।कम्प्यूटर सिस्टम में वायरस के रूप में आये जोकर में फ्रेंच भाषा में 5 नवंबर का जिक्र किया गया था, वायरस अटैक भी 5 नवंबर को ही हुआ। कहीं यह हैकरों की चेतावनी तो नहीं है। इन सरकारी दफ्तरों में NIC के कम्प्यूटर लगे हैं जिनमें 'ट्रेंड माइक्रो' एंटीवायरस लोड है। ये एंटीवायरस भी इस वायरस अटैक को नहीं रोक सका। एनआईसी ने पर्सनल एंटीवायरस लोड करने पर प्रतिबंध लगा रखा है। इसलिए सभी दफ्तर इसी एंटीवायरस के भरोसे पर हैं।
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