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शिवराज सिंह के बाद सिंधिया की सभा में सरकारी स्कूल की छात्राएं

Tuesday, November 8, 2016

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राजेश शुक्ला/अनुपपुर। 8 नवंबर मंगलवार को कांग्रेस के स्टार प्रचारक पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की कोतमा विधानसभा अंतर्गत निगवानी की चुनावी सभा विवादों में उलझ गई है। मामले से जुडे सूत्रों के अनुसार लोग यह देखकर हतप्रभ थे कि सिंधिया की चुनावी सभा में भीड़ बढ़ाने के लिए स्थानीय शासकीय विद्यालय की छात्राओं को सभा में लाया गया था। 

उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हिमाद्रि के लिए जनता का समर्थन मांगने जिले के निगवानी में आये पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की आम सभा में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चो को भी बैठा देख जिले भर में यह बात चर्चा का विषय बन गई है। सूत्रों ने यहाँ तक माना है की कांग्रेस बच्चों को बैठा कर भीड़ जुटाने का अब प्रयास करने लगी है। लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा है कि जिस तरह से अभी तक कांग्रेस की सभाओं में भीड़ एकत्रित नहीं हो रही है, कांग्रेस के हाथ-पैर फूलने लगे हैं। 

इसी चिंता पर आज कांग्रेस ने सभा में भीड़ दिखाने के लिए स्कूल समय में स्कूली बच्चो सभा में बैठाया गया।  बीजेपी कह रही है अगर बीजेपी मे ऐसा होता तो कांग्रेस प्रशासन का दुरुप्रयोग का आरोप लगा देती। बीजेपी ने यह भी दावा किया है की अभी तक जहां-जहां उनकी आम सभा हुई है वहां वहां अच्छी खासी भीड़ आयी है स्कूली बच्चो से कांग्रेस की तरह सभा स्थल को नहीं भरा  गया है। 

विद्यालय की भूमिका पर सवाल
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कांग्रेसी नेताओं के इशारे पर आम सभा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं ने सिंधिया की सभा में लाया। पत्रकारों ने जब इस संबंध में स्कूल की छात्राओं से पूछना चाहा तो छात्राओं ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया वहीं कुछ छात्राओंं ने दबी जुबान में बताया कि हम स्कूल में शिक्षक से पूछ कर आये है, तो वहीं स्कूल जाने पर ज्ञात हुआ कि सभी शिक्षक चुनाव प्रशिक्षण में गये है विद्यालय अतिथि शिक्षकों के भरोसे था। 

बहरहाल चुनावी सभा में स्कूल के संचालन समय पर छात्राओं के इस तरह से शामिल होने पर कई सवाल उठ खडे हुए हैं। ऐसे वक्त में यदि छात्राओं के साथ कोई हादसा हो जाता या कोई अप्रिय घटना घट जाती तो यही लोग विद्यालय के प्रबंधकों से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को निशाने पर ले लेते। बहरहाल यह निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन के लिए जांच का विषय है। 

इनका कहना है
आपके द्वारा ध्यानाकर्षण कराये जाने पर उन्होंने कहा कि यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं है लेकिन शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराकर कडी कार्यवाही की जायेगी। 
अजय शर्मा, कलेक्टर अनूपपुर
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