ब्लैकमेलिंग से परेशान विवाहिता फांसी पर झूल गई

Sunday, November 6, 2016

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कमलेश सारड़ा/नीमच। इंदिरा नगर में एक विवाहिता ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली है। 15 साल के बेटे के फोन के बाद जब पिता घर पहुंचे तो पत्नी पंखे से लटक रही थी। पुलिस को मौके से 4 पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें महिला ने अपनी मौत की वजह लिखी है।

इंदिरा नगर निवासी मनोज शर्मा की पत्नी अर्चना ने घर में ही पंखे से लटकर जान दे दी। बड़े बेटे दक्ष (15) ने जब मां को पंखे से लटका देखा तो तत्काल पिता को फोन लगाया। घटना की जानकारी लगते ही मनोज तत्काल घर पहुंचा तो देखा की अर्चना फांसी के फंदे पर लटक रही है। पुलिस को मौके से 4 पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने अपनी मौत का जिम्मेदार आकाश नामक युवक को ठहराया है। 

सिटी थाना टीआई हितेश पाटिल ने बताया कि मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है। घटना के बाद से आकाश बैस घर से फरार है। गौरतलब है कि पति मनोज शर्मा पीडब्ल्यूडी में कार्यरत हैं। अर्चना के दो बेटे हैं। एक का नाम दक्ष और दूसरा वंश है।

अर्चना का सुसाइड नोट
मरने के बाद भी उसे सजा मिल जाए तो मेरी आत्मा को शांति मिलेगी। मेरी इस हालात का जिम्मेदार सिर्फ आकाश बैस है और कोई नहीं। उसने मेरी यह हालत कर दी है। अपने आप को ढ़ाई साल तक जिंदा रख पाना बहुत मुश्किल हुआ। अगर मनोज न होता तो सोचा था कि चुप रहकर सब सहन कर रही थी। शायद ठीक कर पाऊं और बदनामी से बच जाऊं पर नहीं कर पाई। इस पर केस किया लेकिन कुछ भी नहीं हुआ और कोई उम्मीद भी नहीं लगती। शायद केस का फैसला ही हो जाता तो जीने कोई वजह मिल जाती और सबके सामने सच्चाई साबित हो जाती। लेकिन मेरी एक गलती ने सब बिगाड़ दिया।

मैं सही समय पर सच नहीं बोल पाई। शायद ऐसा हो पाता। सब कुछ बचाने में कुछ भी नहीं बचा मेरे पास। मैंने क्या बिगाड़ा था उसका जो उसने मेरे साथ ये सब किया। शायद मेरे मरने के बाद भी उसे सजा मिल जाए तो मेरी आत्मा को शांति मिलेगी। मनोज मैं तुम से बहुत प्यार करती हूं। हो सके तो मेरे लिए दारू पीना छोड़ देना, तुमने कहा था कि मैं तेरे लिए सब कुछ कर सकता हूं। तो इतना जरूर करना मेरे लिए।
आई लव यू मनोज।

कोर्ट में चल रहा है 354 का केस
अर्चना ने सुसाइड नोट में आकाश को मौत का जिम्मेदार बताया उसके खिलाफ 2 साल पहले सिटी थाने में धारा 354 (छेड़छाड़) का केस दर्ज किया था। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है। अर्चना के वकील मनीष जोशी ने लोवर कोर्ट में 376 का मामला लगाया था लेकिन कोर्ट से खारिज हो गया था। 354 का मामला विचाराधीन है। दो साल में पुलिस आकाश के खिलाफ कार्रवाई नहीं सकी और वह अर्चना ब्लैकमेल करता रहा। इससे परेशान होकर अर्चना ने मौत को गले लगा लिया।
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