नोटबंदी के विरोधियों को मोदी के बयान पर आपत्ति, माफी की मांग

Friday, November 25, 2016

नई दिल्ली। नोटबंदी पर आज भी संसद में संग्राम जारी है. विपक्ष के मुताबिक, पीएम विपक्ष पर कालेधन के समर्थन का आरोप कैसे लगा सकते हैं, उन्हें माफी मांगनी चाहिए. पीएम मोदी आज पंजाब दौरे पर हैं. वह सदन में उपस्थित नहीं हैं.

मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
नोटबंदी को लेकर संसद में लगातार हंगामा हो रहा है. राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद ने कहा कि पीएम को सदन में होना चाहिए. पीएम सदन में होंगे तभी बहस होगी. पीएम सदन में आकर बयान क्यों नहीं देते. दरअसल, पीएम आज पंजाब दौरे पर हैं, इसलिए सदन में उपस्थित नहीं होंगे.
आजाद ने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष कालेधन का समर्थन कर रहा है. यह पूरे विपक्ष का अपमान है. उन्हें माफी मांगनी चाहिए.
जेडीयू के सांसद शरद यादव ने कहा कि पीएम मोदी ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि विपक्षी पार्टियां कालेधन का समर्थन करती हैं. पीएम मोदी को इस पर माफी मांगनी चाहिए.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि पीएम मोदी को सदन में आना चाहिए और अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए. उन्हें साथ ही यह भी साफ करना चाहिए कि किसके पास कालाधन है.मायावती के इस बयान के बाद पूरा विपक्ष पीएम की माफी की मांग को लेकर हंगामा करने लगा, जिसकी वजह से राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई.
इससे पूर्व गुरुवार विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया, क्योंकि लंच के बाद पीएम मोदी सदन की कार्यवाही में शामिल होने नहीं आए. इस पर अरुण जेटली ने कहा था कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है, ऐसी कोई परंपरा नहीं है कि पीएम पूरे समय चर्चा में बैठे रहें.
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को लेकर राज्यसभा में सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि नोटबंदी से जीडीपी में 2 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. नोटबंदी के अमल में काफी अव्यवस्था दिख रही है. बदइंतजामी से लोग परेशानी हैं. पीएम को इस योजना को रचनात्मक तरीके से लाना चाहिए था. पीएम ने लोगों से 50 दिन मांगे हैं, जो लोगों पर भारी पड़ेंगे. आरबीआई और पीएमओ इसे लागू करने में पूरी तरह फेल रहे. आपने ऐसा किस देश में सुना है कि पैसा जमा कराने के बाद निकालने की इजाजत नहीं होती.
सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला यूपी चुनावों को ध्यान में रखकर लिया गया. आपके पास जितनी करेंसी उसका 10 प्रतिशत ही दे पाए. वित्तमंत्री को भी भरोसे में न लेना कितना सही है. यही नहीं काली स्याही लगाने का निर्णय भी पूरी तरह गलत है.
उधर, गुरुवार को नोटबंदी को लेकर लोकसभा में भी हंगामा हुआ. संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्षी समाजवादी पार्टी के सांसद अक्षय यादव ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन पर कागज के टुकड़े फेंक दिए. इससे गुस्साई लोकसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी और माना जा रहा है कि यादव के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है.

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