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कर्मचारियों का वेतन ना तो नगद मिलेगा ना बैंक से विड्रा हो पाएगा

Tuesday, November 29, 2016

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नई दिल्ली। सरकारी कर्मचारियों ने नोटबंदी के कारण इस बार आधी सेलेरी नगद देने की मांग की थी परंतु उसे सिरे से नकार दिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बड़ा ऐलान करते हुए बैंकों से कैश निकालने की लिमिट खत्म कर दी है लेकिन इसके साथ ही कुछ शर्तें भी लगाई हैं। शर्तें ऐसी हैं जिन्हे सरकारी या प्राइवेट कर्मचारी पूरा नहीं कर सकते अत: इस महीने उनकी सेलेरी उनके अकाउंट में तो आएगी परंतु वो उसे निकाल नहीं पाएंगे। केवल 24 हजार ही निकाल सकेंगे।

लेकिन खबर है कि सरकार ने बैंकों और आरबीआई को सैलरी के मामले में विशेष निेर्देश जारी किए हैं। इसके तहत उन बैंकों को 20-30 प्रतिशत ज्‍यादा रकम दी जाएगी जिनमें ज्‍यादा सैलरी और पेंशन खाते हैं। इसके अलावा इस तरह के बैंकों में सैलरी के काम को तेजी से निपटाने के लिए कर्मचारियों की संख्‍या भी बढ़ाई जाएगी ताकि लोगों को वक्‍त पर सैलरी मिल सके। इनके अलावा जिन कर्मचारियों का बैंक में खाता नहीं है उनके खाते खुलवाने के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे।

आरबीआई के नए सर्कुलर के अनुसार अब 29 नवंबर से कैश निकालने की कोई लिमिट नहीं होगी लेकिन यह तभी संभव होगा जब खताधारक ने अपने खाते में जो रकम जमा की है वो वैध नोट हों।

मसलन अगर आप अपने खाते में 2000, 500, 100 रुपए के वैध नोटों के साथ 20 हजार रुपए जमा करवाते हैं तो आज से आप उन 20 हजार रुपए के अलावा पहले से तय 24 हजार रुपए भी निकाल सकेंगे जिसका मतलब है एक वक्‍त पर आप 44 हजार रुपए निकाल पाएंगे।

लेकिन अगर आप पुराने 500 और 1000 के नोट ही जमा करवा रहे हैं तो आप पर यह नया नियम लागू नहीं होगा और आप पहले के नियम के अनुसार एक हफ्ते में महज 24 हजार रुपए ही निकाल सकेंगे।

हालांकि कर्मचारियों को मिलने वाली सैलरी पर यह नियम लागू रहेगा और वो एक हफ्ते में 24 हजार से ज्‍यादा नहीं निकाल पाएंगे।

सरकार ने नोटबंदी की घोषणा के बाद बैंकों से सीमित कैश निकालने की अनुमति दी थी। लेकिन अब हालात कुछ सामान्य होने के बाद पब्लिक को राहत देने के उद्देश्य से यह ऐलान किया गया है। इसके अलावा आरबीआई ने यह नया ऐलान बाजार में कैश की कमी के चलते भी लिया है।

दरअसल नोटबंदी के बाद नकदी निकासी की सीमा कम होने के चलते लोग पैसा खर्च करने में संकोच कर रहे थे जिससे बाजार में पैसे की कमी नजर आने लगी थी। इसके अलावा महीना खत्‍म होने को है और अगले महीने कर्मचारियों को सैलेरी मिलने वाली है उन्‍हें तय समय पर ठीक से सैलरी मिल सके इसके लिए भी यह कदम उठाया गया है।

RBI ने बैंकों को जारी किए दिशानिर्देश
आरबीआई ने इस संबंध में पब्लिक सेक्टर, प्राइवेट सेक्टर सहित सभी बैंकों के चेयरमैन, एमडी, सीईओ को दिशानिर्देश जारी किए। आरबीआई के मुताबिक देखने में आ रहा था कि खातों से निकासी की मौजूदा लिमिट्स को देखते हुए कुछ डिपॉजिटर्स अपना पैसा अकाउंट्स में जमा करने में संकोच कर रहे थे।

आरबीआई ने कहा कि करेंसी नोटों का एक्टिव सर्कुलेशन बढ़ने के बाद ये फैसले लिए गए हैं। इसके तहत 29 नवंबर से बैंक अकाउंट्स से पैसा निकालने के लिए कोई लिमिट नहीं होगी। ऐसी निकासी के लिए बैंकों को 500 और 2000 रुपए के नए नोट उपलब्ध करा दिए गए हैं।
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